Rajasthan Crime: सोशल मीडिया पर पुष्कर के नाम से वायरल हुए विदेशी महिला पर्यटक से कथित छेड़छाड़ और अश्लील कमेंट के वीडियो की पुलिस जांच में सच्चाई सामने आई है. पुलिस के अनुसार वायरल वीडियो हाल का नहीं, बल्कि करीब चार साल पुराना है. साथ ही इसका पुष्कर से कोई संबंध नहीं है. यह घटना किशनगढ़ की बताई गई है. मामले में गांधीनगर थाना पुलिस ने वीडियो फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है और वीडियो को गलत दावे के साथ सोशल मीडिया पर वायरल करने वालों की भी जांच की जा रही है.
4 साल पुराना वीडियो कैसे हुआ वायरल?
इजराइली युवती एक बार फिर भारत घूमने आने वाली थी. इससे पहले उसने यह वीडियो इंटरनेट पर ‘हैप्पी वीडियो’ के कैप्शन के साथ पोस्ट किया. वीडियो पर लोगों ने कमेंट कर युवती को घटना की पूरी जानकारी दी. इसके बाद युवती ने वीडियो को गलत बताया. उसने बाद में लिखा कि भारत के सभी लोग ऐसे नहीं हैं और वह अब भी भारत और यहां के लोगों को पसंद करती है.
किशनगढ़ के स्नो यार्ड का है वीडियो
पुलिस जांच में सामने आया कि यह वीडियो किशनगढ़ के ‘स्नो यार्ड’ का है. करीब चार साल पहले इजरायल की एक युवती यहां की खूबसूरत वादियों को अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर रही थी. इसी दौरान पास में बैठे कुछ युवकों ने युवती पर कथित तौर पर अश्लील कमेंट किए. इसी घटना का वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, लेकिन इसे पुष्कर का बताकर शेयर किया गया.
पुष्कर के नाम से वायरल होने पर मचा था बवाल
वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था. इसे पुष्कर का बताया गया तो इंटरनेट यूजर्स ने इस पर नाराजगी जताई. लोगों ने कहा कि भारत में विदेशी पर्यटकों को अतिथि देवो भव की भावना के साथ सम्मान दिया जाता है. ऐसे में इस तरह की कथित हरकत को लेकर सोशल मीडिया पर काफी आक्रोश देखने को मिला था. हालांकि पुलिस जांच के बाद साफ हुआ कि वीडियो पुराना है और पुष्कर का नहीं है.
पुलिस ने फुटेज से आरोपियों की पहचान की
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल ने कार्रवाई के निर्देश दिए. उनके निर्देशन में सीओ सिटी धर्मराज चौधरी के सुपरविजन और गांधीनगर थाना प्रभारी अनिल शर्मा की टीम ने वायरल वीडियो की फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की पहचान की.
चार आरोपियों को किया गिरफ्तार
गांधीनगर थाना पुलिस ने मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें गांधीनगर थाना क्षेत्र निवासी मोहम्मद फुरकान, मोहम्मद अनीस, फरहान और अख्तर अली शामिल हैं. पुलिस के अनुसार इन सभी से पूछताछ की जा रही है. जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि पुराना वीडियो हाल ही में किसने और किस दावे के साथ सोशल मीडिया पर वायरल किया.
गलत लोकेशन के साथ वायरल हुआ वीडियो
पुलिस जांच के मुताबिक घटना किशनगढ़ की है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे पुष्कर का बताकर शेयर किया गया. पुलिस अब वीडियो को गलत जानकारी के साथ वायरल करने वालों की भूमिका भी जांच रही है. इस मामले में पुलिस की जांच आगे जारी है.