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सिद्धांतों पर चलती है राजनीति, चुनाव जीतने के बाद पार्टी का नहीं जनता का होता है नेता- राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया

पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने अजमेर के संक्षिप्त दौरे के दौरान राजनीति, छात्रसंघ चुनावों में हिंसा और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर अपने विचार रखे. उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के बाद नेता केवल किसी पार्टी का प्रतिनिधि नहीं, बल्कि उस क्षेत्र की जनता का नेता होता है. कटारिया ने राजनीति में सिद्धांतों और जनसेवा को जरूरी बताया. उन्होंने छात्रसंघ चुनावों में हिंसा को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए जयप्रकाश नारायण के आंदोलन से प्रेरणा लेने की बात कही. पेपर लीक के मुद्दे पर उन्होंने छात्रों और उनके परिवारों की परेशानियों की ओर भी ध्यान दिलाया.

Written ByAnsh Raj
Published: Oct 15, 2026, 05:56 PM IST|Updated: Oct 15, 2026, 06:01 PM IST
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सिद्धांतों पर चलती है राजनीति, चुनाव जीतने के बाद पार्टी का नहीं जनता का होता है नेता- राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया
Image Credit: Gulab Chand Kataria

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Ansh Raj

Ansh Raj

अंश राज Zee Rajasthan में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. राजस्थान की हर छोटी-बड़ी खबर पर उनकी पैनी नजर रहती है. क्राइम, पॉलिटिक्स और पावर कॉरिडोर से जुड़ी खबरों में उनकी खास दिलचस्पी है. नई चीजों को सीखने की फिराक में रहते हैं. ऑपरेशन सिंदूर से लेकर विधानसभा चुनावों और प्रदेश के दिग्गज नेताओं के हर बड़े बयान तक, अंश राज खबरों की नब्ज पर नजर रखते हैं. हेडलाइन से खेलना, खबर की काट-छांट करना और किसी भी स्टोरी को ज्यादा प्रभावी और रोचक अंदाज में पेश करना उनकी खासियत है. खबर को सिर्फ लिखना नहीं, बल्कि उसे बेहतर तरीके से पैकेज कर दर्शकों तक पहुंचाना उनके काम का अहम हिस्सा है.  डिजिटल मीडिया में करीब 3 साल का अनुभव रखने वाले अंश राज इससे पहले Zee Uttar Pradesh/Uttarakhand और Zee Bharat के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म में मास्टर्स किया है. खबरों की गंध को सबसे पहले पहचानना, उसकी तह तक पहुंचना और उसे सबसे पहले, सबसे तेज और सबसे बेहतर तरीके से दर्शकों तक पहुंचाना... यही अंश राज की पहचान है.
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पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने राजस्थान की राजनीति, छात्रसंघ चुनावों में हिंसा और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर अपने विचार रखे. अजमेर के संक्षिप्त दौरे के दौरान उन्होंने कहा कि राजनीति सिद्धांतों, नैतिक मूल्यों और जनसेवा के आधार पर चलनी चाहिए. चुनाव जीतने के बाद कोई नेता केवल अपनी पार्टी का नहीं रहता, बल्कि उस क्षेत्र की जनता का प्रतिनिधि बन जाता है, जिसने उसे वोट देकर चुना है. कटारिया ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने सिद्धांतों पर कायम रहते हुए जनता की सेवा को प्राथमिकता देनी चाहिए. उन्होंने अपने राजनीतिक अनुभव साझा करते हुए वर्तमान राजनीति में सिद्धांतों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया.

चुनाव जीतने के बाद जनता के प्रति जवाबदेही
गुलाबचंद कटारिया ने राजनीति को सेवा और कर्तव्य से जुड़ा विषय बताया. उनके अनुसार, चुनाव में जीत हासिल करने के बाद नेता की जिम्मेदारी पूरे क्षेत्र के लोगों के प्रति होती है. ऐसे में जनप्रतिनिधियों को पार्टी की सीमाओं से आगे बढ़कर जनता के हित में काम करना चाहिए. उन्होंने राजनीति में सिद्धांतों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में अपने मूल्यों पर कायम रहना जरूरी है. उनका संदेश जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही और जनता के प्रति उनकी जिम्मेदारी पर केंद्रित रहा.

छात्रसंघ चुनावों में हिंसा को बताया दुर्भाग्यपूर्ण
छात्रसंघ चुनावों में सामने आने वाली हिंसा पर भी राज्यपाल ने चिंता जताई. उन्होंने ऐसी घटनाओं को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और विद्यार्थियों तथा सरकार को लोकनायक जयप्रकाश नारायण के आंदोलन से प्रेरणा लेने की बात कही. छात्र राजनीति को लोकतांत्रिक मूल्यों और नेतृत्व विकसित करने का माध्यम माना जाता है. ऐसे में हिंसा के बजाय संवाद, विचार और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की जरूरत है. कटारिया के विचारों का प्रमुख संदेश भी छात्र राजनीति में अहिंसक और सकारात्मक भागीदारी को बढ़ावा देना रहा.

 

ये भी पढ़ें- सिद्धांतों पर चलती है राजनीति, चुनाव जीतने के बाद पार्टी का नहीं जनता का  होता है नेता- राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया
 


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पेपर लीक से छात्रों और परिवारों पर पड़ता है असर
पेपर लीक के मुद्दे पर गुलाबचंद कटारिया ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों और उनके परिवारों की परेशानी का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के लिए ऐसी घटनाएं बेहद पीड़ादायक होती हैं. परीक्षा की तैयारी में विद्यार्थियों का काफी समय, पैसा और मेहनत लगती है. कई परिवार आर्थिक दबाव के बीच बच्चों की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का खर्च उठाते हैं. ऐसे में पेपर लीक जैसी घटनाएं विद्यार्थियों के भरोसे और उनके भविष्य पर असर डाल सकती हैं.

पुराने सहयोगी को किया याद
अपने राजनीतिक और सामाजिक जीवन से जुड़े अनुभव साझा करते हुए कटारिया ने भाजपा के दिवंगत नेता धर्मेश जैन को भी याद किया. उन्होंने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि राजनीति में ऊंचे पद तक पहुंचने में भाग्य की भी भूमिका होती है. कटारिया राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े अपने अनुभवों और राजनीति में बिताए वर्षों के बाद पंजाब के राज्यपाल का दायित्व निभा रहे हैं.

सम्मेद शिखर की यात्रा पर रवाना हुए कटारिया
अजमेर प्रवास के दौरान गुलाबचंद कटारिया अपने परिवार के साथ जैन तीर्थ सम्मेद शिखर की यात्रा पर रवाना हुए. इस दौरान उन्होंने राजनीति में सिद्धांतों, अहिंसा और जनता की सेवा का संदेश दिया. उनके वक्तव्य में राजनीति के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था और छात्र जीवन से जुड़े मुद्दे भी प्रमुखता से सामने आए.

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