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चुनाव से पहले तिजारा में हाईवोल्टेज ड्रामा: पार्षदों को रोके जाने के आरोप पर कांग्रेस का प्रदर्शन

Rajasthan Mayor Election: तिजारा नगर परिषद के सभापति चुनाव से पहले सियासी घमासान तेज हो गया है. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बाड़ेबंदी से लौट रहे उसके समर्थक पार्षदों को हरियाणा में रोका गया. इसके विरोध में कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन किया और सभी पार्षदों के मतदान तक पहुंचने की मांग की. तिजारा में कुल 35 पार्षद सभापति का चुनाव करेंगे.

चुनाव से पहले तिजारा में हाईवोल्टेज ड्रामा: पार्षदों को रोके जाने के आरोप पर कांग्रेस का प्रदर्शन
Image Credit: Rajasthan Nikay Chunav

खैरथल-तिजारा जिले के तिजारा नगर परिषद में सभापति चुनाव से पहले सियासी माहौल गरमा गया है. 21 सितंबर को होने वाली वोटिंग से पहले पार्षदों की बाड़ेबंदी और उन्हें लेकर विवाद सामने आया है. तिजारा नगर परिषद में कुल 35 पार्षद हैं और सभापति के चुनाव में इन्हीं पार्षदों को मतदान करना है.

हरियाणा में पार्षदों को रोकने का आरोप

कांग्रेस खेमे की ओर से आरोप लगाया गया है कि बाड़ेबंदी से लौट रहे पार्षदों की बस और वाहनों को हरियाणा के चंडीमंदिर-सूरजपुर टोल प्लाजा के पास पुलिस ने रोक लिया. कांग्रेस नेताओं का दावा है कि करीब 18 पार्षदों को हिरासत में लिया गया. हालांकि, हिरासत और कार्रवाई को लेकर सामने आए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है.

थाने के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन

घटना की जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस नेताओं और पार्षदों के परिजनों ने हरियाणा के पिंजौर थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. नेताओं ने आरोप लगाया कि पार्षदों को वोटिंग से पहले रोककर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है. कांग्रेस की मांग है कि सभी पार्षदों को सुरक्षित तिजारा पहुंचने दिया जाए.

35 पार्षद करेंगे सभापति का चुनाव

तिजारा में 35 पार्षद सभापति का चयन करेंगे. चुनाव परिणाम में 31 निर्दलीय, 3 भाजपा और 1 कांग्रेस पार्षद जीते थे. ऐसे में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम है. मतदान से ठीक पहले हुए इस घटनाक्रम ने तिजारा के सभापति चुनाव को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है.

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Ansh Raj

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अंश राज Zee Rajasthan में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. राजस्थान की हर छोटी-बड़ी खबर पर उनकी पैनी नजर रहती है. क्राइम, पॉलिटिक्स और पावर कॉरिडोर से जुड़ी खबरों में उनकी खास दिलचस्पी है. नई चीजों को सीखने की फिराक में रहते हैं. ऑपरेशन सिंदूर से लेकर विधानसभा चुनावों और प्रदेश के दिग्गज नेताओं के हर बड़े बयान तक, अंश राज खबरों की नब्ज पर नजर रखते हैं. हेडलाइन से खेलना, खबर की काट-छांट करना और किसी भी स्टोरी को ज्यादा प्रभावी और रोचक अंदाज में पेश करना उनकी खासियत है. खबर को सिर्फ लिखना नहीं, बल्कि उसे बेहतर तरीके से पैकेज कर दर्शकों तक पहुंचाना उनके काम का अहम हिस्सा है.  डिजिटल मीडिया में करीब 3 साल का अनुभव रखने वाले अंश राज इससे पहले Zee Uttar Pradesh/Uttarakhand और Zee Bharat के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म में मास्टर्स किया है. खबरों की गंध को सबसे पहले पहचानना, उसकी तह तक पहुंचना और उसे सबसे पहले, सबसे तेज और सबसे बेहतर तरीके से दर्शकों तक पहुंचाना... यही अंश राज की पहचान है.
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