28 घंटे से जिंदगी और मौत के बीच जंग: 550 फीट पर पत्थर ने रोका 9 साल के भोमाराम का रास्ता
Rajasthan News: फलोदी के नौसर गांव में 9 वर्षीय भोमाराम को बोरवेल से निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. 550 फीट पर पत्थर बड़ी बाधा बना है. SDRF-NDRF और विशेषज्ञ जुटे हैं. पूर्व विधायक ने बोरवेल सुरक्षा के लिए सख्त गाइडलाइन बनाने की मांग की है.
Jodhpur News: फलोदी जिले के नौसर गांव में खेत पर बने बोरवेल में गिरे 9 वर्षीय भोमाराम को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है. एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय स्तर पर टीमें बच्चे को सुरक्षित निकालने के प्रयास में जुटी हैं, लेकिन बोरवेल में करीब 550 फीट की गहराई पर आया पत्थर रेस्क्यू में सबसे बड़ी बाधा बन गया है. बच्चे की अंतिम लोकेशन गुरुवार रात करीब 610 फीट पर मिली थी. अब पत्थर के कारण न तो कैमरे से बच्चे की स्थिति स्पष्ट हो पा रही है और न ही उस तक पहुंचने का रास्ता मिल रहा है.
पत्थरों को हटाने में नहीं मिली सफलता
बच्चे को बाहर निकालने के लिए जालोर के बागोड़ा क्षेत्र के देसी जुगाड़ विशेषज्ञ माधोराम भी मौके पर प्रयास कर रहे हैं. पिछले करीब आठ घंटे से पत्थर को हटाने और तोड़ने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है. एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें भी स्थानीय विशेषज्ञों के साथ मिलकर रास्ता बनाने में जुटी हैं.
पूर्व विधायक ने की सख्त गाइडलाइन बनाने की मांग
रेस्क्यू ऑपरेशन के बीच लोहावट के पूर्व विधायक किशनाराम भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया और सरकार से ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस नीति बनाने की मांग की. उन्होंने कहा कि कृषि बिजली कनेक्शन जारी करने से पहले बोरवेल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त गाइडलाइन होनी चाहिए. सुरक्षा मानकों की पालना और अंडरटेकिंग के बाद ही कनेक्शन दिया जाए, ताकि खुले और असुरक्षित बोरवेल से होने वाले हादसों को रोका जा सके.
पिता बोले- खेलते समय बोरवेल में गिर गया बच्चा
भोमाराम के पिता पांचा राम ने बताया कि गुरुवार दोपहर बोरवेल की मशीन खराब होने पर उसे बाहर निकाला जा रहा था. इसी दौरान बच्चा खेलते-खेलते बोरवेल में गिर गया. उन्होंने बताया कि देखते ही उसे बचाने के लिए प्रयास शुरू किए गए, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है. बच्चे के बड़े पिता घेवरराम ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि घटना को 24 घंटे से अधिक समय हो चुका है, लेकिन बच्चे को बाहर नहीं निकाला जा सका है. परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है.
Reporter - Rakesh Kumar Bhardwaj