Rajkumari Mayani: निर्दलीय जीत दर्ज कर राजकुमारी मयानी ने भाजपा को दे दिया समर्थन, वार्ड 87 के पुनर्मतदान में सियासी हलचल तेज
Kota Mayor Election : कोटा नगर निगम के तीन बूथों पर ईवीएम में तकनीकी खराबी के बाद बुधवार को पुनर्मतदान कराया गया. वार्ड 87 के बूथ नंबर 99 पर निर्दलीय प्रत्याशी राजकुमारी मयानी ने भाजपा को समर्थन देने का ऐलान किया. वहीं कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा ने कार्यकर्ताओं के साथ मोर्चा संभाला. कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान हुआ और दिव्यांग मतदाता रमेश बनवारी भी वोट डालने बूथ पहुंचे.
Kota Nikay Chunav: कोटा नगर निगम चुनाव में ईवीएम में आई तकनीकी खराबी के बाद बुधवार को तीन बूथों पर पुनर्मतदान कराया गया. पुनर्मतदान को लेकर संबंधित बूथों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए. वहीं वार्ड नंबर 87 के बूथ नंबर 99 पर पुनर्मतदान के दौरान सियासी गतिविधियां भी तेज नजर आईं.
निर्दलीय प्रत्याशी राजकुमारी मयानी ने BJP को समर्थन दिया
वार्ड 87 के बूथ नंबर 99 पर पुनर्मतदान के बीच निर्दलीय प्रत्याशी राजकुमारी मयानी ने भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में समर्थन देने का ऐलान किया. उन्होंने अपने समर्थकों और मतदाताओं से भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील की. उनके इस ऐलान के बाद वार्ड 87 में चुनावी समीकरण को लेकर चर्चा तेज हो गई.
विधायक संदीप शर्मा ने संभाला मोर्चा
पुनर्मतदान के दौरान वार्ड 87 में भाजपा की ओर से भी सक्रियता दिखाई गई. कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा सुबह करीब 10 बजे से क्षेत्र में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मौजूद रहे. इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से घर-घर जाकर मतदाताओं से पार्टी के पक्ष में मतदान की अपील की गई.
कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान
तीनों बूथों पर पुनर्मतदान के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए. पुलिस की मौजूदगी के बीच मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने बूथों तक पहुंचे. वार्ड 87 को पुनर्मतदान के लिहाज से अहम माना जा रहा है. मतदान प्रक्रिया के दौरान क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां भी जारी रहीं.
दिव्यांग मतदाता भी वोट डालने पहुंचे
पुनर्मतदान के दौरान मतदाताओं में उत्साह भी नजर आया. सेक्टर-4, महावीर नगर विस्तार योजना निवासी दिव्यांग मतदाता रमेश बनवारी भी वोट डालने के लिए बूथ नंबर 99 पहुंचे. उन्होंने मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लिया. उनकी मतदान केंद्र तक पहुंच क्षेत्र में चर्चा का विषय रही. ईवीएम में तकनीकी खराबी के बाद कराए जा रहे इस पुनर्मतदान में प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया. वहीं वार्ड 87 में निर्दलीय प्रत्याशी के भाजपा को समर्थन के ऐलान के बाद मुकाबले को लेकर सियासी गतिविधियां और तेज हो गई हैं.