किसका होगा जयपुर? वो अहम फैक्टर जो बीजेपी और कांग्रेस दोनों के लिए होंगे गेम चेंजर
Jaipur Municipal Election: जयपुर नगर निगम चुनाव में नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी के बाद चुनावी तस्वीर बदल गई है. वार्ड 76 में बीजेपी के कुलदीप नाथ का नामांकन खारिज होने के बाद पुनीत कर्णावट पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी रह गए हैं. वहीं वार्ड 146 में बीजेपी का कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं है. वार्ड 111 में कांग्रेस प्रत्याशी ज्वाला प्रसाद का नामांकन भी निरस्त हुआ है. अब 3 सितंबर को नाम वापसी के बाद मुकाबले की अंतिम तस्वीर साफ होगी.
Jaipur Nagar Nigam Election: जयपुर नगर निगम चुनाव में नामांकन पत्रों की जांच यानी स्क्रूटनी के बाद कई वार्डों का चुनावी गणित बदल गया है. नामांकन के दौरान जहां टिकट और सिंबल को लेकर खींचतान सामने आई थी, वहीं अब जांच में कानूनी और दस्तावेजी पेच भी सामने आए हैं. कहीं प्रत्याशियों के नामांकन खारिज हुए हैं तो कहीं पार्टी का उम्मीदवार ही मैदान में नहीं बचा.
वार्ड 76 में BJP का असमंजस खत्म
सबसे ज्यादा चर्चा वार्ड 76 की है. यहां पहले कुलदीप नाथ के नाम बीजेपी का सिंबल जारी हुआ था. बाद में पार्टी ने पुनीत कर्णावट को अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया. स्क्रूटनी में कुलदीप नाथ का नामांकन खारिज हो गया. ऐसे में अब इस वार्ड से बीजेपी के अधिकृत प्रत्याशी पुनीत कर्णावट ही रहेंगे.
वार्ड 146 में BJP का मैदान खाली
वार्ड 146 में भी बीजेपी के लिए स्थिति अलग है. पार्टी की ओर से अफसाना को टिकट और सिंबल दिए जाने की जानकारी सामने आई थी, लेकिन उन्होंने नामांकन दाखिल नहीं किया. इसके चलते स्क्रूटनी के बाद इस वार्ड में बीजेपी का कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं है.
वार्ड 111 में कांग्रेस प्रत्याशी का पर्चा निरस्त
किशनपोल विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 111 में कांग्रेस प्रत्याशी ज्वाला प्रसाद का नामांकन आपराधिक प्रकरण में वैधानिक निरर्हता के आधार पर निरस्त किया गया. इसी वार्ड में बीजेपी प्रत्याशी संजय जायसवाल के खिलाफ लगाई गई आपत्ति खारिज कर दी गई.
371 नामांकन हुए खारिज
जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में 27 से 31 अगस्त के बीच 1,238 अभ्यर्थियों ने 1,378 नामांकन पत्र दाखिल किए थे. स्क्रूटनी के बाद 371 नामांकन खारिज हुए हैं. इसके बाद 1,007 प्रत्याशी चुनाव मैदान में बचे हैं.
इसके अलावा वार्ड 80 के बीजेपी प्रत्याशी पर कथित फर्जी OBC प्रमाण-पत्र लगाने और वार्ड 74 के प्रत्याशी पर आपराधिक मामले की जानकारी छिपाने के आरोप लगाते हुए आपत्तियां दी गई हैं. वार्ड 98 के बीजेपी प्रत्याशी सुभाष सिंघी के खिलाफ भी आपत्ति दर्ज कराई गई है. इन मामलों में अंतिम स्थिति निर्वाचन प्रक्रिया के फैसले पर निर्भर करेगी.
अब 3 सितंबर पर टिकी नजर
नामांकन की जांच के बाद अब राजनीतिक दलों के सामने बागियों और नाराज दावेदारों को साधने की चुनौती है. 3 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लिए जा सकेंगे. इसके बाद चुनाव मैदान में बचे प्रत्याशियों की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी. वहीं 4 सितंबर को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे. इसके साथ ही जयपुर नगर निगम चुनाव का मुकाबला पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगा. अब देखना होगा कि नाम वापसी के बाद किस वार्ड में कितने प्रत्याशी मैदान में रहते हैं और बदले हुए समीकरण का फायदा किस पार्टी को मिलता है.