Naresh Meena: किसान नेता नरेश मीणा की तबीयत लगातार बिगड़ रही है, लेकिन इसके बावजूद उनका आमरण अनशन जारी है. किसानों की समस्याओं के समाधान और अपनी मांगों को लेकर वह अपने पैतृक गांव में अनशन पर बैठे हैं. अनशन के नौवें दिन उनका शुगर लेवल कम होने, लगातार पानी की उल्टियां होने और वजन घटने की जानकारी सामने आई है. उनकी बिगड़ती सेहत को लेकर समर्थकों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है.
ग्रामीण लगातार कर रहे अनशन खत्म करने की अपील
नरेश मीणा के अनशन का शुक्रवार को नौवां दिन है. लंबे समय से भोजन नहीं लेने और लगातार कमजोर होती सेहत के बीच ग्रामीण और समर्थक उनसे अनशन खत्म करने की अपील कर रहे हैं. उनका कहना है कि किसानों की मांगों को लेकर संघर्ष करना जरूरी है, लेकिन इस दौरान अपनी सेहत का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है.
ग्रामीण चाहते हैं कि नरेश मीणा पहले अनशन खत्म करें और अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें. हालांकि, वह फिलहाल अपनी मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. उनका कहना है कि किसानों की समस्याओं का समाधान होने तक वह संघर्ष जारी रखेंगे. ऐसे में उन्हें अनशन खत्म करने के लिए मनाने की कोशिशें लगातार की जा रही हैं.
शुगर लेवल गिरने और उल्टियों से बढ़ी चिंता
अनशन के नौवें दिन नरेश मीणा की तबीयत बिगड़ने की जानकारी से उनके समर्थकों में चिंता बढ़ गई है. बताया जा रहा है कि उनका शुगर लेवल कम हो गया है और उन्हें लगातार पानी की उल्टियां हो रही हैं. इसके साथ ही उनके वजन में भी लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है.
लंबे समय तक भोजन नहीं लेने से शरीर में कमजोरी और पानी की कमी का खतरा बढ़ सकता है. ऐसे में उनकी सेहत को लेकर चिंता बनी हुई है. ग्रामीण भी लगातार उनसे अनशन समाप्त करने की अपील कर रहे हैं, लेकिन वह अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं.
किसानों की मांगों पर समाधान का इंतजार
नरेश मीणा का अनशन अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जहां एक तरफ उनकी सेहत को लेकर चिंता बढ़ रही है, तो दूसरी तरफ किसानों की मांगों पर समाधान का इंतजार है. ग्रामीणों की लगातार समझाइश के बावजूद वह अनशन खत्म करने को तैयार नहीं हैं.
बता दें कि नरेश मीणा किसानों को समय पर खाद-बीज और पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं. इसके साथ ही वह फसल खराब होने पर किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग पर अड़े हैं.