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राजस्थान के अलवर शहर में एक फाइनेंस कंपनी के दफ्तर में युवक के कॉकरोच मारने की दवा खाने का मामला सामने आया है. युवक की पहचान खैरथल-तिजारा जिले के चावंडी निवासी सद्दाम के रूप में हुई है. दवा खाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है.
सद्दाम दिल्ली में टैक्सी चलाता है. बताया जा रहा है कि कार की किश्त बकाया होने के कारण वह आर्थिक परेशानी से गुजर रहा था. घटना से पहले उसने 6 मिनट 15 सेकेंड का एक वीडियो बनाया, जो अब सामने आया है. इस वीडियो में उसने फाइनेंस कंपनी के कलेक्शन मैनेजर यशपाल वर्मा और इब्राहिम पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
48 में से 47 किश्तें जमा करने का दावा
सद्दाम ने वीडियो में बताया कि उसने वर्ष 2022 मॉडल की सेकंड हैंड डिजायर कार खरीदी थी, जिस पर फाइनेंस चल रहा था. उसके मुताबिक, लोन की कुल 48 किश्तें थीं और वह इनमें से 47 किश्तें जमा करवा चुका था. आर्थिक परेशानी के चलते वह 16,368 रुपये की एक किश्त जमा नहीं कर पाया था.
युवक का आरोप है कि 10 अक्टूबर को कुछ लोगों ने उसकी कार रुकवाकर अपने कब्जे में ले ली. इसके बाद वह लगातार तीन दिन तक कलेक्शन मैनेजर यशपाल वर्मा से संपर्क करता रहा और गाड़ी छुड़वाने के लिए चक्कर लगाता रहा. उसने बकाया किश्त जमा कराने की बात भी कही, लेकिन उसके अनुसार गाड़ी नहीं छोड़ी गई.
कलेक्शन मैनेजर पर 2 लाख रुपये मांगने का आरोप
सद्दाम ने वीडियो में आरोप लगाया कि यशपाल वर्मा ने उससे दो लाख रुपये की मांग की. युवक का दावा है कि उसे कहा गया कि रकम देने पर जयपुर स्थित हेड ऑफिस से बात करके गाड़ी छुड़वाई जा सकती है.
सद्दाम का आरोप है कि केवल एक किश्त बकाया होने के बावजूद इतनी बड़ी रकम मांगे जाने से वह मानसिक रूप से परेशान हो गया. उसने यशपाल वर्मा और इब्राहिम पर मिलीभगत कर उसे परेशान करने का आरोप भी लगाया है. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष का जवाब सामने आना बाकी है.
वीडियो के जरिए पुलिस और न्यायालय से कार्रवाई की अपील
युवक ने वीडियो के साथ लिखे नोट में पुलिस अधिकारियों और न्यायालय से मामले में कार्रवाई करने की अपील की है. उसने आरोप लगाया कि उसके साथ गलत हुआ है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.
पुलिस ने दर्ज किए बयान, जांच जारी
घटना की सूचना मिलने पर एनईबी थाना पुलिस ने मौके पर पुलिसकर्मियों को भेजा, लेकिन तब तक सद्दाम को अस्पताल पहुंचाया जा चुका था. एनईबी थाना एसएचओ सुनी लाल के अनुसार, अस्पताल में उपचार के चलते शुरुआत में युवक के बयान दर्ज नहीं हो सके थे. बाद में उसके बयान लेने के लिए एएसआई को भेजा गया.
एसएचओ ने बताया कि युवक के भाई ने एनईबी थाना पुलिस को शिकायत दी है. शिकायत के आधार पर पुलिस ने बयान दर्ज कर लिए हैं और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है. फिलहाल पुलिस की जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.