App

खाद के लिए मारामारी: लाइनों में घंटों खड़े रहने को मजबूर किसान, क्या कागजी दावों से बुझेगी खेतों की प्यास?

Jaipur News: कोटपूतली में डीएपी और यूरिया के लिए किसानों की लंबी कतारों के बीच कृषि विभाग ने कहा कि खाद की कमी नहीं है. पिछले महीनों में 650 मीट्रिक टन डीएपी और 750 मीट्रिक टन यूरिया वितरित किया गया है.

खाद के लिए मारामारी: लाइनों में घंटों खड़े रहने को मजबूर किसान, क्या कागजी दावों से बुझेगी खेतों की प्यास?
Image Credit: कोटपूतली में 8-10 दिनों से खाद लेने के लिए किसानों की लंबी कतारें लग रही हैं.

Jaipur News: कोटपूतली तहसील और आसपास के क्षेत्रों में रबी फसल की बुवाई का सीजन चल रहा है. इस बीच डीएपी और यूरिया खाद लेने के लिए किसानों की लंबी कतारें लगातार देखने को मिल रही हैं. पिछले 8-10 दिनों से किसान सुबह जल्दी खाद केंद्रों पर पहुंच रहे हैं. उन्हें घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है. कई किसानों को घर-परिवार के काम छोड़कर घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है. व्यवस्था बिगड़ने पर पुलिस की मदद भी लेनी पड़ रही है. कई घंटे इंतजार के बाद किसानों को एक या दो कट्टे डीएपी या यूरिया मिल पा रहे हैं.

कृषि विभाग ने खाद की स्थिति साफ की
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में खाद की कोई कमी नहीं है और किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है. कृषि अधिकारी मनीष अग्रवाल ने बताया कि पिछले ढाई से तीन महीनों में कोटपूतली केवीएसएस क्षेत्र में करीब 650 मीट्रिक टन डीएपी और 750 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किया जा चुका है.

हर सप्ताह पहुंच रही खाद की गाड़ियां
मनीष अग्रवाल के अनुसार कृषि मंत्री गौतम दक और शासन सचिव डॉ. समित शर्मा के निर्देश पर खाद की आपूर्ति की रोज समीक्षा की जा रही है. कोटपूतली केंद्र पर हर सप्ताह 2 से 3 गाड़ियां खाद लेकर पहुंच रही हैं. इनसे पीओएस मशीन के जरिए भी पारदर्शी तरीके से खाद का वितरण किया गया.

इतनी रहती है खाद की मांग
कोटपूतली की बड़ी कृषि भूमि को देखते हुए हर सीजन यहां औसतन 2,000 मीट्रिक टन डीएपी और 2,500 से 3,000 मीट्रिक टन यूरिया की जरूरत रहती है. इफ्को और कृभको के समन्वय से खाद की आपूर्ति लगातार की जा रही है.

आसपास के किसान भी पहुंच रहे कोटपूतली
कोटपूतली क्रय-विक्रय सहकारी समिति के चेयरमैन हंसराज कसाना ने भी किसानों को भरोसा दिलाया है कि क्षेत्र में डीएपी की कमी नहीं रहने दी जाएगी. उन्होंने बताया कि शाहजहांपुर, मुंडावर और नीमकाथाना सहित आसपास के क्षेत्रों से भी किसान खाद लेने कोटपूतली पहुंच रहे हैं. यहां लगातार खाद की गाड़ियां पहुंच रही हैं.

इस सप्ताह मांग पूरी करने का दावा
चेयरमैन हंसराज कसाना और जीएम मनीष अग्रवाल के संयुक्त प्रयासों से जयपुर में विभागीय मंत्रियों और दिल्ली में आपूर्तिकर्ता कंपनियों से लगातार संपर्क किया गया. अब तक 750 मीट्रिक टन डीएपी मंगाकर वितरित किया जा चुका है. खाद की गाड़ियां लगातार पहुंचने की व्यवस्था की गई है. हाल ही में दो गाड़ियां आई हैं और आने वाले दिनों में भी नई गाड़ियां लगातार पहुंचेंगी. चेयरमैन ने दावा किया कि चालू सप्ताह के भीतर क्षेत्र के सभी किसानों की मांग पूरी कर दी जाएगी.

पिछले साल से बेहतर आपूर्ति
हंसराज कसाना ने बताया कि पिछले वर्ष समिति को केवल 40 मीट्रिक टन खाद मिल पाया था, जिससे उसे नुकसान उठाना पड़ा. इस वर्ष जीएम मनीष अग्रवाल और पूरे स्टाफ के प्रयासों से रिकॉर्ड आपूर्ति सुनिश्चित हुई है. उन्होंने किसानों से अफवाहों और चिंता से बचने की अपील की.

जैविक खाद अपनाने की अपील
चेयरमैन और कृषि अधिकारी ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और जैविक खाद का इस्तेमाल बढ़ाने को कहा. उन्होंने गोबर खाद और कंपोस्ट के उपयोग की सलाह दी. प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की योजनाओं के तहत जैविक मिशन को बढ़ावा दिया जा रहा है. किसान घर-आंगन में उपलब्ध संसाधनों से जैविक खाद बनाकर मिट्टी की उर्वरता बनाए रख सकते हैं.

 

Add Zee News as a Preferred Source

About the Author

Sandhya Yadav

Sandhya Yadav

लखनऊ यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने वाली संध्या ने Zee News से पहले Newstrack और ETV Bharat जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल न्यूज़ संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं. जमीनी खबरों की गहरी समझ रखने वाली संध्या ने राजस्थान विधानसभा चुनाव, पंचायत चुनाव, गहलोत-पायलट राजनीतिक संकट और कोविड-19 महामारी समेत कई बड़े और जटिल घटनाक्रमों की बेहतरीन कवरेज की है.आप संध्या यादव से सीधे SANDHYA.YADAV@zeemedia.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा राजस्थान की खबरों के रियल-टाइम अपडेट्स के लिए आप उनसे लिंक्डइन (https://in.linkedin.com/in/sandhya-yadav-5734ba144) पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.
Read More