एशिया बॉक्सिंग में भारत का डंका: कोटा की अरुंधति चौधरी बनीं वाइस चेयरमैन
Rajasthan News: कोटा की अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज अरुंधति चौधरी को एशिया बॉक्सिंग कमेटी का निर्विरोध वाइस चेयरमैन चुना गया है. उनकी एकमात्र प्रतिद्वंद्वी कजाकिस्तान की करीना इब्राहिमोवा के नाम वापस लेने के बाद अरुंधति का चयन हुआ. वह 28 सितंबर को जापान के आइची-नागोया में अपने पद की शपथ लेंगी. चार साल के कार्यकाल के दौरान वह एशियाई मुक्केबाजी में खिलाड़ियों से जुड़े फैसलों और खेल के विकास से जुड़े मामलों में भूमिका निभाएंगी.
Kota Boxer Arundhati Choudhary: कोटा की अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज अरुंधति चौधरी ने भारतीय बॉक्सिंग के लिए एक अहम उपलब्धि हासिल की है. अरुंधति चौधरी को एशिया बॉक्सिंग कमेटी का निर्विरोध वाइस चेयरमैन चुना गया है. इस पद के लिए उनकी एकमात्र प्रतिद्वंद्वी कजाकिस्तान की करीना इब्राहिमोवा थीं, लेकिन उनके नाम वापस लेने के बाद अरुंधति को सर्वसम्मति से इस पद के लिए चुना गया. अरुंधति 28 सितंबर को जापान के आइची-नागोया में आधिकारिक रूप से अपने पद की शपथ लेंगी. उनका कार्यकाल चार साल का होगा.
अरुंधति इस पद के लिए चुनी जाने वाली भारत की पहली और सबसे कम उम्र की एथलीट हैं. एशिया बॉक्सिंग कमेटी में खिलाड़ियों से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों में खिलाड़ियों की भूमिका रहती है. अरुंधति ने कहा कि यह उपलब्धि सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि पूरे भारतीय बॉक्सिंग की जीत है. उन्होंने वाइस चेयरमैन के तौर पर भारतीय और एशियाई मुक्केबाजों के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी मंच तैयार करने को अपनी प्रमुख प्राथमिकता बताया.
अरुंधति के मुताबिक, उनका प्रयास रहेगा कि युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सही समय पर उचित टूर्नामेंट्स का एक्सपोजर मिले. साथ ही तकनीकी कमियों के कारण किसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी को नुकसान न उठाना पड़े, यह सुनिश्चित करने पर भी उनका फोकस रहेगा.
बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अधिकारियों के अनुसार, एशिया बॉक्सिंग कमेटी में अरुंधति की मौजूदगी से भारत को कई स्तरों पर लाभ मिल सकता है. एशियाई बॉक्सिंग कैलेंडर में भारत के अनुकूल शेड्यूलिंग, बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स की मेजबानी के दावे और तकनीकी मामलों में भारतीय खिलाड़ियों से जुड़े मुद्दों को उच्च स्तर पर रखने में उनकी भूमिका अहम हो सकती है.
एशिया बॉक्सिंग कमेटी, एशियन बॉक्सिंग कॉन्फेडरेशन के तहत मुक्केबाजी प्रतियोगिताओं के आयोजन, तकनीकी नियमों के क्रियान्वयन और खेल के विकास की देखरेख करती है. वाइस चेयरमैन की भूमिका में क्षेत्रीय टूर्नामेंट के कैलेंडर, रेफरी और जजों की निष्पक्षता तथा खिलाड़ियों के विकास से जुड़े मामलों में जिम्मेदारी शामिल है. इस उच्चस्तरीय कमेटी में 11 से 15 कोर कार्यकारी सदस्य होते हैं. जापान में शपथ ग्रहण के साथ अरुंधति अपने चार साल के कार्यकाल की औपचारिक शुरुआत करेंगी.