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Khatu Shyam Ji Chairman Election 2026: खाटूश्यामजी चेयरमैन चुनाव पर हाईकोर्ट की रोक, 25 सितंबर का मतदान टला

राजस्थान हाईकोर्ट ने खाटूश्यामजी नगर पालिका के चेयरमैन चुनाव के लिए 25 सितंबर को प्रस्तावित दोबारा मतदान पर रोक लगा दी है. जस्टिस अनूप कुमार ढंढ़ की एकलपीठ ने पार्षद और चेयरमैन पद की प्रत्याशी विनीता पूनिया की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया. याचिका के मुताबिक, 21 सितंबर को 20 में से 19 पार्षद मतदान कर चुके थे, लेकिन मतदान का समय कई बार बढ़ाकर रात तक प्रक्रिया जारी रखी गई और बाद में चुनाव स्थगित कर दिया गया. क्या ऐसे में दिए गए 19 वोटों की गितनी कर ली जाएगी?

Khatu Shyam Ji Chairman Election 2026: खाटूश्यामजी चेयरमैन चुनाव पर हाईकोर्ट की रोक, 25 सितंबर का मतदान टला
Image Credit: Khatu Shyam Ji Chairman Election 2026

Khatu Shyam Ji Chairman Chunav 2026: राजस्थान हाईकोर्ट ने खाटूश्यामजी नगर पालिका के चेयरमैन चुनाव के लिए 25 सितंबर को प्रस्तावित दोबारा मतदान पर रोक लगा दी है. न्यायाधीश अनूप कुमार ढंढ़ की एकलपीठ ने वार्ड नंबर 11 से निर्वाचित पार्षद और चेयरमैन पद की प्रत्याशी विनीता पूनिया की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया.

याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मेजर आरपी सिंह ने अदालत को बताया कि खाटूश्यामजी नगर पालिका के 20 वार्डों के लिए 9 सितंबर को पार्षदों के चुनाव हुए थे. इनके नतीजे 14 सितंबर को घोषित किए गए. इसके बाद चेयरमैन पद के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई, जिसमें विनीता पूनिया समेत दो प्रत्याशी मैदान में थे.

क्या है पूरा मामला?  
चेयरमैन पद के लिए 21 सितंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान का समय निर्धारित किया गया था. इसके बाद तुरंत मतगणना होनी थी. याचिका के अनुसार, नगर पालिका के 20 निर्वाचित पार्षदों में से 19 पार्षदों ने निर्धारित समय के भीतर अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर लिया था. केवल वार्ड नंबर 10 की पार्षद लक्ष्मी देवी मतदान के लिए नहीं पहुंची थीं.

बार-बार बढ़ाया गया मतदान का समय, रात 11:30 बजे तक चली प्रक्रिया
याचिका में आरोप लगाया गया कि इसके बावजूद रिटर्निंग ऑफिसर ने मतदान का समय करीब पांच बार बढ़ाया. इसके चलते मतदान प्रक्रिया रात करीब 11:30 बजे तक चलती रही. इसके बाद मतपेटी को सील कर स्ट्रांग रूम में रख दिया गया और चुनाव प्रक्रिया स्थगित कर दी गई.

दोबारा मतदान कराने के फैसले को दी चुनौती 
याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में दलील दी कि जब 21 सितंबर को 20 में से 19 निर्वाचित पार्षद अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर चुके थे, तो पूरी चुनाव प्रक्रिया को दोबारा शुरू करना उचित नहीं है. याचिका में कहा गया कि पहले से डाले जा चुके मतों की मतगणना कर चुनाव परिणाम घोषित किया जाना चाहिए था.

एक पार्षद के लिए चुनाव रोकने पर उठे सवाल 
याचिका में यह भी तर्क दिया गया कि किसी एक निर्वाचित पार्षद के मतदान के लिए पूरी चुनाव प्रक्रिया को लंबे समय तक रोककर रखना और इसके बाद दोबारा मतदान कराना नियमों के अनुरूप नहीं है. हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद 25 सितंबर को प्रस्तावित दोबारा मतदान प्रक्रिया पर रोक लगा दी है. अब मामले में आगे की सुनवाई के दौरान चुनाव प्रक्रिया और पहले से डाले गए मतों को लेकर अदालत के समक्ष स्थिति स्पष्ट होगी. 

 

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About the Author

Sneha Aggarwal

Sneha Aggarwal

मैं स्नेहा अग्रवाल जी राजस्थान न्यूज में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हूं और राजस्थान से जुड़ी हर बड़ी से बड़ी और छोटी से छोटी न्यूज़ पर पकड़ रखती हूं. क्राइम और कल्चर की खबरों में दिलचस्पी है. मुझे डिजिटल मीडिया का करीब 4 साल का साल का अनुभव है. इससे पहले मैं ZeeBihar में अपनी सेवाएं दे चुकी हूं. 4 साल के जर्नलिज्म करियर में लोकल, क्राइम, हेल्थ, एंटरटेनमेंट, वायरल और लाइफस्टाइल बीट पर काम किया है. मैंने यहां पर राजस्थान विधानसभा चुनाव, पंचायत चुनाव, ऑपेरशन सिंदूर समेत कई बड़े ईवेंट्स कवर किए हैं.
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