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राजस्थान में UCC और खेजड़ी संरक्षण कानून की तैयारी, आचार संहिता खत्म होते ही विधानसभा सत्र बुला सकती है सरकार

राजस्थान में पंचायत चुनाव के बाद विधानसभा सत्र बुलाने की तैयारी है. सरकार UCC और खेजड़ी संरक्षण कानून को आगे बढ़ाएगी. कोटा दौरे पर मंत्री जोगाराम पटेल ने दोनों कानूनों को लेकर संकेत दिए. सदन में चर्चा के बाद इन्हें पास कराने की तैयारी है.

Written By Ansh Raj
Published: Nov 02, 2026, 12:04 PM IST | Updated: Nov 02, 2026, 12:05 PM IST
Image Credit: Rajasthan UCC
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राजस्थान में समान नागरिक संहिता (UCC) और खेजड़ी संरक्षण कानून को लेकर सरकार जल्द आगे बढ़ सकती है. पंचायत चुनाव के बाद या आचार संहिता खत्म होते ही विधानसभा का सत्र बुलाने की तैयारी है. कोटा दौरे पर पहुंचे कानून एवं संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने दोनों कानूनों को लेकर संकेत दिए हैं. सरकार की तैयारी है कि विधानसभा में सदस्यों के साथ चर्चा के बाद इन्हें पारित कराने की दिशा में आगे बढ़ा जाए.

क्या है UCC?


UCC यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड को हिंदी में समान नागरिक संहिता कहा जाता है. इसका उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे निजी मामलों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था बनाना है. यानी इन मामलों में अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों की जगह एक समान कानूनी ढांचा लागू करने का प्रस्ताव है.

राजस्थान सरकार ने अगस्त 2026 में UCC विधेयक के प्रारूप को कैबिनेट से मंजूरी दी थी. इसके बाद 21 अगस्त को विधेयक विधानसभा में पेश किया गया. प्रस्तावित प्रावधानों में विवाह का पंजीकरण अनिवार्य करना और बहुविवाह पर रोक शामिल है. हालांकि, अनुसूचित जनजातियों और संविधान के तहत संरक्षित पारंपरिक अधिकारों वाले वर्गों को इसके दायरे से बाहर रखने का प्रावधान है.


क्या है खेजड़ी बचाओ आंदोलन?


खेजड़ी बचाओ आंदोलन राजस्थान में खेजड़ी के पेड़ों को कटने से बचाने और उनके संरक्षण के लिए चलाया गया आंदोलन है. इस साल फरवरी में बीकानेर में खेजड़ी के पेड़ों की कटाई के विरोध में प्रदर्शन हुए थे. आंदोलन से जुड़े लोगों की मांग थी कि खेजड़ी को बचाने के लिए मजबूत कानूनी व्यवस्था बनाई जाए. खेजड़ी राजस्थान का राज्य वृक्ष है. आंदोलन के बाद सरकार ने पेड़ों की सुरक्षा के लिए कानून बनाने का भरोसा दिया था. अगस्त में कैबिनेट ने खेजड़ी समेत 29 प्रजातियों के पेड़ों के संरक्षण के लिए राजस्थान ट्रीज (प्रोटेक्शन) बिल-2026 के प्रारूप को मंजूरी दी थी.

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विधानसभा सत्र में आगे बढ़ सकती है प्रक्रिया


सरकार अब दोनों विधेयकों को लेकर विधानसभा में आगे की प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी में है. मंत्री जोगाराम पटेल ने कोटा दौरे के दौरान संकेत दिए कि सदन में सदस्यों के साथ चर्चा के बाद सरकार इन्हें पारित कराने की दिशा में आगे बढ़ेगी. विधानसभा में बीजेपी का बहुमत होने के कारण सरकार को इन्हें पास कराने में मुश्किल आने की उम्मीद नहीं है. फिलहाल सरकार की नजर पंचायत चुनाव और आचार संहिता खत्म होने पर है. इसके बाद विधानसभा सत्र बुलाकर दोनों कानूनों पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है. हालांकि, दोनों विधेयकों के पारित होने और कानून के रूप में लागू होने की प्रक्रिया अभी पूरी होनी बाकी है.
 

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अंश राज Zee Rajasthan में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. राजस्थान की हर छोटी-बड़ी खबर पर उनकी पैनी नजर रहती है. क्राइम, पॉलिटिक्स और पावर कॉरिडोर से जुड़ी खबरों में उनकी खास दिलचस्पी है. नई चीजों को सीखने की फिराक में रहते हैं. ऑपरेशन सिंदूर से लेकर विधानसभा चुनावों और प्रदेश के दिग्गज नेताओं के हर बड़े बयान तक, अंश राज खबरों की नब्ज पर नजर रखते हैं. हेडलाइन से खेलना, खबर की काट-छांट करना और किसी भी स्टोरी को ज्यादा प्रभावी और रोचक अंदाज में पेश करना उनकी खासियत है. खबर को सिर्फ लिखना नहीं, बल्कि उसे बेहतर तरीके से पैकेज कर दर्शकों तक पहुंचाना उनके काम का अहम हिस्सा है.  डिजिटल मीडिया में करीब 3 साल का अनुभव रखने वाले अंश राज इससे पहले Zee Uttar Pradesh/Uttarakhand और Zee Bharat के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म में मास्टर्स किया है. खबरों की गंध को सबसे पहले पहचानना, उसकी तह तक पहुंचना और उसे सबसे पहले, सबसे तेज और सबसे बेहतर तरीके से दर्शकों तक पहुंचाना... यही अंश राज की पहचान है.
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