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राजस्थान के झुंझुनूं जिले के सुलताना थाना क्षेत्र के तारा का बास में दो बेटों ने कथित तौर पर अपने ही पिता की गला घोंटकर हत्या कर दी. इसके बाद पहचान मिटाने के लिए शव पर पेट्रोल छिड़ककर जला दिया और मकान के पास जमीन में गाड़ दिया. वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी लोगों और रिश्तेदारों को पिता के मुंबई जाने की बात कहकर गुमराह करते रहे.
तारा का बास में दबा मिला था शव
पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए मृतक के दोनों बेटों शिव और दीपेंद्र को गिरफ्तार कर लिया. सुलताना थानाधिकारी ने बताया कि यह मामला 17 अक्टूबर 2026 का है, जब तारा का बास गांव में एक मकान के पास शव दबे होने की सूचना पुलिस को मिली. पुलिस मौके पर पहुंची और एफएसएल टीम को बुलाकर जांच करवाई. शव की पहचान जुगल किशोर जांगिड़ पुत्र रामेश्वर लाल के रूप में हुई है.
छह-सात दिन से लापता था मृतक
मृतक के चचेरे भाई पवन कुमार ने 18 अक्टूबर को पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई. परिजनों से पूछताछ में सामने आया कि जुगल किशोर पिछले छह-सात दिनों से लापता था. इसके बाद हत्या कर शव को जमीन में दबाने की आशंका के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की. मामले की गंभीरता को देखते हुए चिड़ावा डीएसपी गौरव गुर्जर ने घटनास्थल का निरीक्षण किया.
पुलिस ने दोनों बेटों को किया गिरफ्तार
मौके पर एमआईयू और एमओबी टीमों को बुलाकर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए. सुलताना थानाधिकारी रामनिवास के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और आसूचना के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया. जांच की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस को मृतक के दोनों बेटों शिव और दीपेंद्र की भूमिका पर संदेह हुआ. पुलिस ने दोनों को दस्तयाब कर पूछताछ की, जिसमें वारदात से जुड़े तथ्य सामने आने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. थानाधिकारी रामनिवास के अनुसार, प्रारंभिक अनुसंधान में सामने आया कि घरेलू विवाद के चलते दोनों बेटों ने कथित तौर पर आवेश में आकर पिता का गला घोंट दिया.
शव जलाकर जमीन में दबाया
हत्या के बाद शव पर पेट्रोल डालकर उसे जलाया और मकान के पास मिट्टी में दबा दिया. वारदात करीब पांच से सात दिन पहले की बताई जा रही है. आरोपियों ने घटना को छिपाने के लिए लोगों और रिश्तेदारों को पिता के मुंबई जाने की बात कही, जबकि जमीन में मिले शव को किसी अज्ञात व्यक्ति का बताकर भी गुमराह करने की कोशिश की गई.
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया. पुलिस अब वारदात में प्रयुक्त सामग्री और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी.