ना-ना करते हां कर गई इंदिरा डूडी: चिड़ावा पंचायत चुनाव में मारी एंट्री, वार्ड-1 से लड़ेंगी चुनाव!
झुंझुनूं जिले की चिड़ावा पंचायत समिति की पूर्व प्रधान इंदिरा डूडी ने वार्ड नंबर-1 से पंचायत चुनाव लड़ने के संकेत देकर सियासी हलचल बढ़ा दी है. लंबे समय से चुनाव नहीं लड़ने के मूड में रहीं डूडी नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से ठीक पहले लांबा गांव पहुंचीं और समर्थकों के साथ बैठक की. उन्होंने कहा कि यदि सर्वसमाज से कोई दूसरा उम्मीदवार सामने आता है, तो वे उसका समर्थन करेंगी, अन्यथा खुद चुनाव मैदान में उतरेंगी. कांग्रेस में बने रहने की बात कहते हुए उन्होंने टिकट को लेकर कहा कि जनता ही उनकी असली ताकत है.
Jhunjhunu Panchayat Chunav/ Sandeep Kedia: पंचायत चुनाव की सरगर्मियों के बीच झुंझुनूं जिले की चिड़ावा पंचायत समिति की पूर्व प्रधान इंदिरा डूडी ने आखिरकार चुनाव लड़ने का मन बना लिया है.
चिड़ावा पंचायत समिति के वार्ड नंबर-1 से चुनाव लड़ने के उनके ऐलान ने क्षेत्र के सियासी समीकरण बदल दिए हैं. खास बात यह है कि इंदिरा डूडी इस बार चुनाव लड़ने के मूड में नहीं थीं और काफी महीनों से राजस्थान से बाहर अपने बेटे-बहू के पास थीं.
नामांकन से पहले समर्थकों की बैठक
वहीं, नामांकन शुरू होने से ठीक दो दिन पहले लांबा गांव पहुंचीं और कल शाम को अपने आवास पर वार्ड-1 के अंतर्गत आने वाले गांवों के लोगों और समर्थकों की बैठक बुला ली. इस बैठक के बाद उनके चुनाव लड़ने की घोषणा ने सियासी गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है. इंदिरा डूडी ने बैठक में मौजूद लोगों से साफ कहा कि वे चाहती हैं कि सर्वसमाज मिलकर चुनाव लड़े और क्षेत्र के विकास के लिए काम करें.
कोई दूसरा तैयार नहीं हुआ तो खुद लड़ूंगी चुनाव
उन्होंने कहा कि अगर समाज में कोई दूसरा व्यक्ति चुनाव लड़ने के लिए तैयार होता है, तो वे तन, मन और धन से उसका साथ देंगी लेकिन यदि कोई तैयार नहीं होता, तो वे खुद चुनाव मैदान में उतरेंगी. उनके इस बयान से साफ संकेत मिला कि चुनाव लड़ने को लेकर उनकी तैयारी पूरी है. अब वार्ड-1 की राजनीति में उनकी संभावित उम्मीदवारी को लेकर हलचल तेज हो गई है. चिड़ावा पंचायत समिति सदस्य पद के लिए आज से नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई है. नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 16 अक्टूबर है.
कांग्रेस में होने की बात कही, टिकट पर फैसला बाकी
ऐसे में नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से ठीक पहले इंदिरा डूडी की सक्रियता और समर्थकों की बैठक को राजनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है. हालांकि, उन्होंने अभी तक अपनी उम्मीदवारी और पार्टी के टिकट को लेकर अंतिम औपचारिक फैसला सार्वजनिक नहीं किया है. उन्होंने कहा कि वे आज भी कांग्रेस में हैं और जनता जो फैसला करेगी, उसी के अनुसार आगे बढ़ेंगी.
दो बार रह चुकी हैं प्रधान, वार्ड-1 पर सबकी निगाहें
ऐसे में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने की संभावना को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं. इंदिरा डूडी चिड़ावा पंचायत समिति की दो बार प्रधान रह चुकी हैं. पिछली बार उन्होंने वार्ड नंबर-1 से सर्वाधिक वोटों से जीत दर्ज की थी और इसके बाद प्रधान बनी थीं. सांसद बृजेंद्र ओला के करीबियों में भी उनका नाम लिया जाता है. ऐसे में यदि वे वार्ड-1 से चुनाव मैदान में उतरती हैं, तो मुकाबला दिलचस्प होने की संभावना है. उनके पुराने राजनीतिक अनुभव, क्षेत्र में संपर्क और समर्थकों की सक्रियता को देखते हुए उनकी संभावित उम्मीदवारी पर सबकी निगाहें रहेंगी.
जनता ही मेरी टिकट, विकास को बताया प्राथमिकता
इंदिरा डूडी ने अपनी राजनीतिक प्राथमिकता बताते हुए कहा कि उनके लिए जनता का फैसला सबसे महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए वे पद पर रहें या न रहें, हमेशा तत्पर रहेंगी. उन्होंने चुनावी मुद्दों पर फिलहाल विस्तार से कुछ कहने से इनकार किया और कहा कि उनके क्षेत्र की जनता ही बता देगी कि उनके मुद्दे क्या हैं? टिकट को लेकर भी उन्होंने कहा कि उनकी टिकट उनकी जनता है और जनता का आदेश ही उनके लिए सर्वोपरि होगा.
चिड़ावा की राजनीति में मची हलचल
पंचायत चुनाव में इंदिरा डूडी की एंट्री को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इसके समय को लेकर है. लंबे समय से चुनाव लड़ने के मूड में नहीं होने के बावजूद नामांकन से ठीक दो दिन पहले लांबा पहुंचना, समर्थकों की बैठक बुलाना और चुनाव लड़ने का संकेत देना क्षेत्र की राजनीति में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है. अब देखना होगा कि वे किस पार्टी से चुनाव मैदान में उतरती हैं और वार्ड नंबर-1 में उनके सामने कौन-कौन दावेदार सामने आते हैं? फिलहाल, इंदिरा डूडी के इस फैसले ने चिड़ावा पंचायत समिति की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है.