राजस्थान पंचायती राज चुनाव से पहले विवाद: जखोड़ा में मतदाता सूची पर घमासान, 317 नामों को लेकर ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना
Jhunjhunu News: राजस्थान में पंचायती राज चुनाव से पहले झुंझुनूं की नवसृजित जखोड़ा ग्राम पंचायत में मतदान सूची को लेकर विवाद सामने आया है. ग्रामीणों ने सूची में 317 संदिग्ध नाम शामिल होने का आरोप लगाते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है. ग्रामीणों ने घर-घर सत्यापन और निष्पक्ष जांच की मांग की है.
Jhunjhunu News: राजस्थान में पंचायती राज चुनाव से पहले झुंझुनूं जिले की नवसृजित जखोड़ा ग्राम पंचायत में मतदाता सूची को लेकर विवाद सामने आया है. ग्रामीणों ने मतदाता सूची में बाहरी लोगों के नाम शामिल किए जाने का आरोप लगाते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है. ग्रामीणों का कहना है कि मतदाता सूची में ऐसे लोगों के नाम शामिल हैं, जिन्हें वे पहचानते तक नहीं हैं. ग्रामीणों के अनुसार, 317 नामों की सूची ग्रामीणों के सामने आई है.
'हिम्मत है तो वोट कटवाकर दिखाओ' बयान पर बढ़ा विवाद
ग्रामीणों का आरोप है कि जब उन्होंने मतदाता सूची में शामिल संदिग्ध नामों का विरोध किया, तो नाम जुड़वाने वाले पक्ष ने उन्हें कथित तौर पर यह चुनौती दी गई कि 'हिम्मत है तो वोट कटवाकर दिखाओ.' ग्रामीणों के अनुसार इस बयान के बाद मामले को लेकर तनाव बढ़ गया और उन्होंने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया. धरने पर बैठे ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि जब तक प्रशासन की ओर से कार्रवाई शुरू नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा.
पंचायती राज चुनाव बहिष्कार की चेतावनी
ग्रामीणों ने मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को तहसील और जिला मुख्यालय तक ले जाने तथा आगामी पंचायतीराज चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी भी दी है. ग्रामीणों ने चुनाव से पहले पूरे मामले की जांच के लिए निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच टीम गठित करने की मांग की है. उनका कहना है कि जांच टीम में गांव के पांच जिम्मेदार लोगों को भी शामिल किया जाए और घर-घर जाकर संदिग्ध मतदाताओं के वास्तविक निवास एवं पात्रता का सत्यापन कराया जाए.
ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि जांच में किसी कर्मचारी, अधिकारी या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आने पर उसके खिलाफ कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाए. साथ ही एक-एक संदिग्ध नाम का सत्यापन पूरा होने तक मतदाता सूची को अंतिम रूप नहीं देने और जांच के बाद ही अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने की मांग की गई है.
पंचायती राज चुनाव में मतदाता सूची क्यों अहम ?
पंचायत चुनाव में वोट देने का अधिकार पात्र मतदाताओं को ही मिलता है. इसलिए चुनाव से पहले मतदाता सूची का सत्यापन महत्वपूर्ण होता है. किसी नाम के गलत तरीके से शामिल होने या पात्र मतदाता का नाम छूटने की शिकायत होने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा या आपत्ति की जा सकती है. जखोड़ा ग्राम पंचायत में ग्रामीणों ने 317 नामों को लेकर सवाल उठाए हैं और घर-घर सत्यापन की मांग की है. अब ऐसे में प्रशासनिक जांच से यह स्पष्ट होगा कि सूची में शामिल नामों में वास्तव में कोई अनियमितता है या नहीं...