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Jhunjhunu News: राजस्थान के झुंझुनूं जिले के मुकुंदगढ़ थाना क्षेत्र के डूमरा गांव की श्रीमती जानकी देवी शिक्षण संस्थान ग्रुप डूमरा की स्कूल में 13 वर्षीय नाबालिग छात्र की मौत का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है. मामले में अब स्कूल परिसर के सीसीटीवी वीडियो सामने आए हैं, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं.
CCTV में मारपीट का दावा
परिजनों और ग्रामीणों का दावा है कि इन वीडियो में प्रियांशु के साथ पहले कक्षा में कुछ स्कूली बच्चे मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं. वहीं, इसके बाद एक शिक्षक द्वारा भी बच्चे के साथ मारपीट किए जाने का दृश्य नजर आ रहा है. सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद मामले को लेकर ग्रामीणों और परिजनों में आक्रोश है.
कलेक्ट्रेट पहुंचकर किया प्रदर्शन
इसी को लेकर मंगलवार यानी 22 सितंबर को बड़ी संख्या में ग्रामीण और मृतक के परिजन जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के बाद जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई. परिजनों के अनुसार, सामने आए वीडियो में नाबालिग छात्र के साथ पहले कक्षा में मौजूद कुछ बच्चों द्वारा मारपीट की जाती दिखाई दे रही है, जिन्होंने बच्चे के प्राइवेट पार्ट पर चोट पहुंचाई.
मूल DVR की फोरेंसिक जांच की मांग
इसके बाद एक अन्य वीडियो में शिक्षक द्वारा भी बच्चे के साथ मारपीट किए जाने का दावा किया जा रहा है. परिजनों का कहना है कि अगर वीडियो घटना के वास्तविक क्रम को दर्शाते हैं, तो उनकी भी जांच का हिस्सा बनाया जाना चाहिए. उन्होंने पुलिस से वायरल वीडियो के साथ-साथ स्कूल के मूल डीवीआर को कब्जे में लेकर उसकी तकनीकी और फोरेंसिक जांच कराने की मांग की है. परिजनों का आरोप है कि स्कूल परिसर में लगे कैमरों की पूरी फुटेज उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई.
पूरी CCTV रिकॉर्डिंग सुरक्षित कराने की मांग
ऐसे में उन्होंने घटना के आसपास के पूरे समय की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुरक्षित कराने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना से पहले और बाद में क्या हुआ? ज्ञापन में डीवीआर के साथ छेड़छाड़ की आशंका जताते हुए उसकी सत्य प्रतिलिपि उपलब्ध कराने और आवश्यक होने पर फुटेज की फोरेंसिक जांच कराने की मांग की गई है.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला
परिजनों ने अपने ज्ञापन में पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए छात्र के शरीर पर चोटों के निशान होने की बात कही है. परिजनों का कहना है कि रिपोर्ट में शरीर के विभिन्न हिस्सों पर चोटों का उल्लेख है और निजी अंगों के आसपास भी चोट के निशान बताए गए हैं. परिजनों का आरोप है कि स्कूल में मारपीट के बावजूद बच्चे को समय पर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई. उन्होंने इस पहलू की भी जांच कराने की मांग की है.
जांच अधिकारी बदलने की मांग
परिजनों ने जांच प्रभावित होने की आशंका जताते हुए जांच अधिकारी को बदलने की मांग की है. साथ ही परिवार के अन्य सदस्यों के बयान दर्ज करने, स्कूल के सभी संबंधित सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित कराने और मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है. इसके अलावा परिजनों ने 11 से 17 सितंबर तक मोर्चरी परिसर के सीसीटीवी फुटेज और डीवीआर की भी जांच कराने की मांग ज्ञापन में रखी है.
परिवार को धमकी का आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद उन्हें धमकियां दी जा रही हैं और दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है. ऐसे में परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से की गई है. परिजनों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी निर्दोष व्यक्ति को फंसाना नहीं, बल्कि CCTV फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर वास्तविक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करवाना है.
कार्रवाई नहीं हुई तो धरने की चेतावनी
ग्रामीणों और परिजनों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि मामले में शीघ्र निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो कलेक्ट्रेट के सामने शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया जाएगा. उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की है. अब इस पूरे मामले में सामने आए CCTV वीडियो जांच में क्या भूमिका निभाते हैं और पुलिस इन वीडियो की सत्यता की किस तरह जांच करती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं.
Report- Sandeep Kedia