झुंझुनू के सभी जिला परिषद वार्डों में कांग्रेस ने प्रत्याशी उतारे: 41 में से 38 नए चेहरों को टिकट, सुनीता धतरवाल बनीं बागी
झुंझुनू में जिला परिषद चुनाव को लेकर कांग्रेस ने सभी 41 वार्डों में प्रत्याशी उतार दिए हैं. कांग्रेस ने 38 नए चेहरों पर दांव खेला है. पूर्व जिला प्रमुख हर्षिनी कुलहरि के सामने शीशराम बुरड़क को टिकट दिया गया है, जबकि दो बार जिला परिषद सदस्य रह चुकीं सुनीता धतरवाल का टिकट काट दिया गया.
राजस्थान में जिला परिषद चुनाव को लेकर कांग्रेस ने झुंझुनू के सभी 41 वार्डों में अपने प्रत्याशी उतार दिए हैं. पार्टी ने इस बार नए चेहरों पर बड़ा दांव खेलते हुए 41 में से लगभग 38 नए उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा है. वहीं तीन ऐसे प्रत्याशियों पर भरोसा जताया है, जो पूर्व में भी जिला परिषद सदस्य रह चुके हैं.
हर्षिनी कुलहरि के सामने शीशराम बुरड़क को कांग्रेस ने बनाया प्रत्याशी
कांग्रेस की सूची में पूर्व जिला प्रमुख हर्षिनी कुलहरि के सामने शीशराम बुरड़क को टिकट देना, युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुधींद्र मूंड की पत्नी रंजना धींवा को वार्ड नंबर 20 से प्रत्याशी बनाना और पूर्व कार्यकारी जिलाध्यक्ष खलील बुडाना को वार्ड नंबर 41 से टिकट देना प्रमुख राजनीतिक घटनाक्रम है.
कांग्रेस ने पूर्व जिला प्रमुख हर्षिनी कुलहरि के सामने शीशराम बुरड़क को प्रत्याशी बनाया है. इस वार्ड से एनएसयूआई जिलाध्यक्ष राहुल जाखड़ भी टिकट की मांग कर रहे थे. उन्होंने नामांकन भी दाखिल किया था, लेकिन पार्टी ने उन्हें मौका नहीं दिया. इस फैसले के बाद वार्ड की चुनावी प्रतिस्पर्धा को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं. वहीं वार्ड नंबर 20 से युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुधींद्र मूंड की पत्नी रंजना धींवा को टिकट दिया गया है.
दो बार जिला परिषद सदस्य रह चुकीं सुनीता धतरवाल का टिकट कटा
वार्ड नंबर 41 से कांग्रेस के पूर्व कार्यकारी जिलाध्यक्ष खलील बुडाना को उम्मीदवार बनाया गया है. इस वार्ड में उनका मुकाबला भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बनवारीलाल सैनी से होगा. ऐसे में वार्ड नंबर 41 का चुनाव राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. कांग्रेस ने दो बार जिला परिषद सदस्य रह चुकीं सुनीता धतरवाल को इस बार टिकट नहीं दिया है. दरअसल उनका अपना वार्ड अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गया था. इसके बाद उन्होंने वार्ड नंबर 39 से टिकट मांगा, लेकिन पार्टी ने उनकी जगह पूर्व प्रधान निहाल सिंह रणवां की पुत्रवधू डॉ. विनिता रणवां को प्रत्याशी बनाया है. टिकट नहीं मिलने से नाराज सुनीता धतरवाल अब बागी प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में हैं. इससे वार्ड नंबर 39 में मुकाबला दिलचस्प होने की संभावना है.
41 में से लगभग 38 वार्डों में नए प्रत्याशियों को मिला मौका
कांग्रेस के सामने अब अपने अधिकृत प्रत्याशी के समर्थन में चुनावी माहौल बनाए रखने के साथ बगावत से होने वाले संभावित नुकसान को रोकने की चुनौती भी रहेगी. कांग्रेस की सूची की सबसे बड़ी खासियत नए चेहरों की संख्या है. पार्टी ने 41 में से लगभग 38 वार्डों में नए प्रत्याशियों को मौका दिया है. केवल तीन उम्मीदवार ऐसे सामने आए हैं, जो पहले भी जिला परिषद सदस्य रह चुके हैं. इनमें वार्ड नंबर 6 से सुशीला सीगड़ा, वार्ड नंबर 39 से डॉ. विनिता रणवां और वार्ड नंबर 41 से खलील बुडाना शामिल हैं.
झुंझुनू और पिलानी विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशियों के टिकट अलग-अलग जमा
इस सूची से साफ है कि कांग्रेस ने इस बार नए उम्मीदवारों के जरिए चुनावी मैदान में उतरने की रणनीति अपनाई है. हालांकि, टिकट वितरण के बाद सुनीता धतरवाल जैसी बगावत और टिकट के अन्य दावेदारों की नाराजगी चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकती है. इधर कांग्रेस नेता अमित ओला ने झुंझुनू और पिलानी विधानसभा क्षेत्रों के जिला परिषद वार्डों के प्रत्याशियों के टिकट अलग-अलग जमा करवाए.
मंडावा विधायक ने अपने विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशियों के सिंबल जमा करवाए
वहीं मंडावा विधायक एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष रीटा चौधरी ने अपने विधानसभा क्षेत्र के 6 जिला परिषद वार्डों के प्रत्याशियों के सिंबल जमा करवाए. रीटा चौधरी ने कहा कि जिला परिषद के सभी 41 वार्डों के सिंबल जमा हो चुके हैं. वह अपने मंडावा विधानसभा क्षेत्र के छह जिला परिषद वार्डों के सिंबल जमा करवाने आई थीं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पक्ष में अच्छा माहौल है और पार्टी को चुनाव में बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद है.
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रीटा चौधरी ने जिला प्रमुख पद को लेकर कहा कि कांग्रेस में किसी पद का लालच नहीं दिया जाता, बल्कि काम करने वाले व्यक्ति का काम दिखाई देता है. अभी चुनाव होने हैं और परिणाम बाद में सामने आएंगे, लेकिन कांग्रेस के नतीजे बहुत अच्छे रहेंगे. उन्हें उम्मीद है कि जिला प्रमुख कांग्रेस का बनेगा और सभी पंचायत समितियों में भी कांग्रेस की सरकार बनेगी.
टिकट वितरण के बाद कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ नामांकन दाखिल करने वाले उम्मीदवारों को लेकर उठ रहे सवाल पर रीटा चौधरी ने कहा कि पार्टी आलाकमान को झुंझुनू की स्थिति से अवगत करा दिया गया है. नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख के बाद इस मामले में आगे बातचीत की जाएगी. जिला परिषद चुनाव में कांग्रेस ने सभी 41 वार्डों में प्रत्याशी उतारकर अपनी चुनावी तैयारी का प्रदर्शन किया है.
नए चेहरों को बड़ी संख्या में मौका देना पार्टी की रणनीति का अहम हिस्सा है, लेकिन टिकट से वंचित दावेदारों की नाराजगी भी चुनौती बन सकती है. खासकर वार्ड नंबर 39 में सुनीता धतरवाल की बगावत पर राजनीतिक नजरें रहेंगी. अब देखना होगा कि कांग्रेस अपने अधिकृत प्रत्याशियों के पक्ष में कितना समर्थन जुटा पाती है और टिकट वितरण के बाद बने समीकरण चुनाव परिणामों को किस दिशा में ले जाते हैं.
REPORTER- Sandeep Kedia