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झुंझुनू में प्रशासन का कड़ा रुख: एक याचिका से खुली पोल, गैर मुमकिन जमीन पर बने 122 अतिक्रमण जमींदोज!

Jhunjhunu News: हाईकोर्ट की सख्ती के बाद झुंझुनूं के बुहाना क्षेत्र के रामसर और पचेरी खुर्द में गैर मुमकिन जोहड़ की जमीन से 122 अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई. 5 अक्टूबर को बुहाना एसडीएम की व्यक्तिगत पेशी है. कार्रवाई में 50 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहे.

झुंझुनू में प्रशासन का कड़ा रुख: एक याचिका से खुली पोल, गैर मुमकिन जमीन पर बने 122 अतिक्रमण जमींदोज!
Image Credit: झुंझुनूं के रामसर और पचेरी खुर्द में 122 अतिक्रमण चिह्नित.

Jhunjhunu News: हाईकोर्ट की सख्ती के बाद जिले के बुहाना क्षेत्र में गैर मुमकिन जोहड़ की जमीन पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है. रामसर और पचेरी खुर्द गांवों में चिह्नित किए गए कुल 122 छोटे-बड़े निर्माणों को अतिक्रमण मानते हुए उन्हें हटाने की कार्रवाई की गई. हाईकोर्ट ने बुहाना एसडीएम को 5 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने के आदेश दिए हैं. इसी के बीच प्रशासन की कार्रवाई से दोनों गांवों में हलचल मच गई.

सुबह रामसर से शुरू हुई कार्रवाई
बुहाना तहसीलदार बाबूलाल जाट के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम सुबह रामसर गांव पहुंची. कार्रवाई के लिए करीब 10 पटवारी और गिरदावर तथा 50 से अधिक पुलिसकर्मियों का जाब्ता तैनात किया गया था. प्रशासन ने चिह्नित अतिक्रमणों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की. रामसर से शुरू हुई कार्रवाई बाद में पचेरी खुर्द तक पहुंची. करीब साढ़े चार घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान दोनों गांवों में लोगों के बीच हड़कंप की स्थिति रही.

पहले ही जारी किए जा चुके थे नोटिस
बुहाना तहसीलदार बाबूलाल जाट के अनुसार दोनों गांवों में चिह्नित अतिक्रमियों को पहले ही नोटिस दिए जा चुके थे. इसके अलावा मुनादी करवाकर भी लोगों को अतिक्रमण हटाने के लिए आगाह किया गया था. तहसीलदार ने बताया कि हाईकोर्ट और नायब तहसीलदार न्यायालय के आदेशों की पालना में प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई की जा रही है.

30 अप्रैल को हाईकोर्ट ने दिए थे निर्देश
मामले में हाईकोर्ट ने 30 अप्रैल को गैर मुमकिन जोहड़ की जमीन से अतिक्रमण हटाने के साथ संबंधित अतिक्रमणकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई के निर्देश दिए थे. अदालत ने राजस्व और पुलिस विभाग को मिलकर कार्रवाई करने को कहा था. इसके अलावा तहसीलदार, पटवारी और एसडीओ की जिम्मेदारी तय करते हुए राजस्व सचिव और डीजीपी को भी आवश्यक निर्देश दिए गए थे.

शीशराम की याचिका से शुरू हुआ मामला
मामले की शुरुआत शीशराम नाम के व्यक्ति की ओर से सिंघाना नायब तहसीलदार न्यायालय में दायर किए गए वाद से हुई थी. इसमें गैर मुमकिन जोहड़ की जमीन पर कथित अवैध निर्माण और अतिक्रमण हटाने की मांग की गई थी. नायब तहसीलदार सिंघाना के न्यायालय ने अतिक्रमण मानते हुए संबंधित अतिक्रमियों को बेदखली के आदेश जारी किए थे.

आदेश की पालना में देरी पर हाईकोर्ट सख्त
न्यायालय के आदेश के बाद भी कार्रवाई में देरी होने पर शीशराम ने हाईकोर्ट का रुख किया. करीब पांच महीने तक आदेश की पूरी पालना नहीं होने पर हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लिया और बुहाना एसडीएम की व्यक्तिगत उपस्थिति तय की. अब 5 अक्टूबर को एसडीएम को अदालत में पेश होना है.

122 अतिक्रमणों पर प्रशासन की कार्रवाई
हाईकोर्ट की सख्ती और एसडीएम की आगामी व्यक्तिगत पेशी के बीच प्रशासन ने रामसर और पचेरी खुर्द में जेसीबी के जरिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की. दोनों गांवों में कुल 122 अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं. प्रशासन का कहना है कि न्यायालय के निर्देशों के अनुसार इन्हें अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई की जा रही है. करीब पांच महीने से लंबित मामला अब हाईकोर्ट के निर्देशों और प्रशासनिक कार्रवाई के चलते फिर चर्चा में है.
 

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Sandhya Yadav

Sandhya Yadav

लखनऊ यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने वाली संध्या ने Zee News से पहले Newstrack और ETV Bharat जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल न्यूज़ संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं. जमीनी खबरों की गहरी समझ रखने वाली संध्या ने राजस्थान विधानसभा चुनाव, पंचायत चुनाव, गहलोत-पायलट राजनीतिक संकट और कोविड-19 महामारी समेत कई बड़े और जटिल घटनाक्रमों की बेहतरीन कवरेज की है.आप संध्या यादव से सीधे SANDHYA.YADAV@zeemedia.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा राजस्थान की खबरों के रियल-टाइम अपडेट्स के लिए आप उनसे लिंक्डइन (https://in.linkedin.com/in/sandhya-yadav-5734ba144) पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.
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