Jaisalmer News : राजनीति में कब पासा पलट जाए और बदला कैसे पूरा होता है, इसकी एक बहुत ही दिलचस्प कहानी राजस्थान निकाय चुनाव 2026 में जैसलमेर के पोकरण में देखने और सुनने को मिल रही है. जहां नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव के नतीजे ने हर किसी का ध्यान खींच लिया है.
कहानी कुछ ऐसी है कि पिछले दिनों हुए चुनावों में पारिवारिक प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी. एक तरफ जहां राजनीति के मैदान में अपनों की हार का दर्द था,तो वहीं दूसरी ओर उस हार का हिसाब चुकता करने का मौका भी था. कांग्रेस ने जब मैदान में कल्पना रंगा को उतारा,तो राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो चुकी थी. मुकाबला दिलचस्प इसलिए भी हो गया था, क्योंकि इससे पहले परिवार को चुनावी मैदान में शिकस्त का सामना करना पड़ा था.
लेकिन कहते हैं ना कि सियासत में जनता ही असली मालिक होती है और वक्त हर घाव का हिसाब बराबर कर देता है. ऐसा ही कुछ हुआ कुछ हुआ जब पोकरण नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए हुए मतदान में नतीजें सबके सामने आए.कांग्रेस प्रत्याशी कल्पना रंगा ने अपने प्रतिद्वंद्वी को पीछे छोड़ते हुए शानदार जीत दर्ज कर ली और चेयरपर्सन की कुर्सी पर कब्जा जमा लिया. जिसे राजनीतिक पंडित पुरानी हार के बदला लेने और परिवार की राजनीतिक विरासत की शानदार वापसी के तौर पर देख रहे हैं. जीत के बाद से ही समर्थकों में जश्न का माहौल है और हर तरफ इसी दिलचस्प मुकाबले की चर्चा हो रही है. आपको बता दें कि कल्पना रंगा की सास पुष्पा रंगा, पोकरण नगरपालिका चुनाव 2026 में पार्षद का चुनाव हार गयी थी.
जीत के बाद कल्पना रंगा ने कहा कि नगर पालिका को पूरी तरह से भ्रष्टाचार से मुक्त और पारदर्शी बनाया जाएगा.आम लोगों को छोटे बड़े कामों के लिए पालिका के चक्कर नहीं काटनें पड़े, इसके लिए कार्यप्रणाली को आसान किया जाएगा. शहर की साफ सफाई, मुख्य सड़कों पर लाइट और टूटी सड़कों की मरम्मत करना प्राथमिकता रहेगी.
आपको बता दें कि जैसलमेर नगर परिषद सभापति चुनाव में बीजेपी के विजय डांगरा ने जीत दर्ज की. विजय डांगरा को 45 में से 27 वोट मिले,जबकि कांग्रेस के निर्मल रैयानी को 18 वोट मिले. निकाय चुनाव में कांग्रेस के 16 और बीजेपी के 25 पार्षद जीतकर आए थे. वहीं चार निर्दलीय ने भी जीत दर्ज की थी.