Rajasthan Politics: राजस्थान में पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. जयपुर जिला परिषद के सभी 57 वार्डों में नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 170 उम्मीदवार चुनावी मुकाबले में रह गए हैं. उम्मीदवारों के पास 15 अक्टूबर तक नाम वापस लेने का मौका है. इस चुनाव में करोड़ों रुपये की संपत्ति वाले प्रत्याशियों के बीच कुछ ऐसे चेहरे भी हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति बेहद साधारण है. एक महिला प्रत्याशी के परिवार के पास नकदी और बैंक खातों में कुल 1.36 लाख रुपये हैं. उनके पास न अपना मकान है, न जमीन और न ही कोई वाहन.
चुनावी हलफनामों में सामने आए संपत्ति के आंकड़े प्रत्याशियों की आर्थिक स्थिति के बीच बड़ा अंतर दिखाते हैं. वहीं, कांग्रेस और बीजेपी के टिकट वितरण में युवा उम्मीदवारों को लेकर भी अंतर दिखाई दे रहा है. कांग्रेस ने जेन-जी श्रेणी के आठ उम्मीदवारों को टिकट दिया है, जबकि बीजेपी ने इस श्रेणी में केवल एक प्रत्याशी को मौका दिया है.
करीब 49.35 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ मोहन डागर सबसे आगे
जयपुर जिला परिषद चुनाव में कांग्रेस ने निवर्तमान उप जिला प्रमुख मोहन डागर को उम्मीदवार बनाया है. संपत्ति के मामले में वह प्रमुख प्रत्याशियों में सबसे आगे हैं. उनके चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनके पास करीब 49 करोड़ रुपये मूल्य की जमीनें हैं. इसके अलावा नकदी, बैंक खातों में जमा रकम और जेवरात के रूप में लगभग 34.75 लाख रुपये की चल संपत्ति है. इस तरह उनकी कुल संपत्ति करीब 49.35 करोड़ रुपये बताई गई है.
दूसरी तरफ, बीजेपी ने निवर्तमान जिला प्रमुख रमा देवी चौपड़ा को चुनाव मैदान में उतारा है. उनके पास करीब 75 लाख रुपये का सोना-चांदी है. बैंक खातों में 4.77 लाख रुपये जमा हैं, जबकि नकदी के रूप में 50 हजार रुपये हैं. संपत्ति के कुल ब्योरे में मोहन डागर उनसे काफी आगे हैं.
अंजू यादव के पास न मकान, न जमीन और न गाड़ी
वार्ड नंबर 10 से कांग्रेस की उम्मीदवार 27 वर्षीय अंजू यादव की आर्थिक स्थिति इस चुनाव में चर्चा का विषय है. आठवीं पास अंजू गृहिणी हैं. उनके पति चेतन यादव मजदूरी करके परिवार का खर्च चलाते हैं. अंजू और उनके पति के पास नकदी तथा बैंक खातों में कुल 1.36 लाख रुपये हैं. उनके पास अपना मकान, जमीन, वाहन या जेवरात जैसी कोई संपत्ति नहीं बताई गई है. परिवार की आजीविका मुख्य रूप से पति की मजदूरी पर निर्भर है. करोड़ों रुपये की संपत्ति वाले प्रत्याशियों के बीच अंजू की आर्थिक स्थिति अलग तस्वीर पेश करती है. हालांकि, चुनाव में जीत का फैसला प्रत्याशी की संपत्ति से नहीं, बल्कि मतदाताओं के समर्थन से होगा.
बदाम वर्मा और राजेश गुर्जर की संपत्ति कितनी?
वार्ड नंबर 13 से बीजेपी उम्मीदवार बदाम वर्मा के पास करीब 4.64 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है. बैंक जमा, नकदी, जेवरात और वाहन सहित उनकी चल संपत्ति लगभग 47 लाख रुपये है. 38 वर्षीय बदाम वर्मा एमए पास हैं. वार्ड नंबर 22 से बीजेपी प्रत्याशी राजेश कुमार गुर्जर की उम्र 39 वर्ष है और वह स्नातक हैं. उनके पास करीब 1.52 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 1.56 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है. इस तरह उनकी कुल संपत्ति लगभग 3.08 करोड़ रुपये है.
यशवीर सूरा और राम सिंह चादावास का संपत्ति ब्योरा
वार्ड नंबर 28 से कांग्रेस प्रत्याशी यशवीर सूरा के पास करीब 2.21 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी और लगभग 57 लाख रुपये की चल संपत्ति है. 35 वर्षीय सूरा बीटेक पास हैं. इसी वार्ड से बीजेपी के उम्मीदवार राम सिंह चादावास की उम्र 52 वर्ष है. उनके पास करीब 30 लाख रुपये की अचल संपत्ति और 69.51 लाख रुपये की चल संपत्ति बताई गई है. वह 12वीं पास हैं.
निमा वर्मा के नाम भी नहीं है जमीन-जायदाद
वार्ड नंबर 42 से कांग्रेस की उम्मीदवार 30 वर्षीय निमा वर्मा भी संपत्ति के मामले में दूसरे प्रत्याशियों से अलग हैं. एलएलबी पास निमा के चुनावी ब्योरे के मुताबिक, उनके नाम पर कोई जमीन-जायदाद नहीं है. उनके पास बैंक खातों में जमा रकम और नकदी मिलाकर करीब 1.80 लाख रुपये हैं.
57 वार्डों में 170 उम्मीदवार, खर्च की सीमा भी तय
जयपुर जिला परिषद के सभी 57 वार्डों में नामांकन पत्रों की जांच के बाद 170 उम्मीदवार मैदान में बचे हैं. 15 अक्टूबर तक नाम वापसी के बाद चुनावी मुकाबले की स्थिति स्पष्ट होगी. पंचायत चुनाव 2026 में उम्मीदवारों के चुनावी खर्च की अधिकतम सीमा भी निर्धारित है. जिला परिषद सदस्य अधिकतम 3 लाख रुपये, पंचायत समिति सदस्य 1.50 लाख रुपये और सरपंच पद के उम्मीदवार 1 लाख रुपये खर्च कर सकते हैं.
नियमों के अनुसार, चुनाव परिणाम घोषित होने के 15 दिन के भीतर उम्मीदवार को अपने चुनावी खर्च का पूरा विवरण निर्वाचन अधिकारी को देना अनिवार्य है. निर्धारित सीमा से अधिक खर्च करने या गलत जानकारी देने पर छह साल तक चुनाव लड़ने से अयोग्य ठहराए जाने का प्रावधान बताया गया है. जिला परिषद चुनाव प्रचार में अधिकतम तीन वाहनों की अनुमति भी दी गई है.