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कर्ज चुकाने को खुद बना अपहरण का शिकार: AI से बनाई बंधक की फर्जी तस्वीरें, परिवार से मांगे रुपये

जयपुर में 22 वर्षीय युवक ने दोस्तों से लिया कर्ज चुकाने के लिए अपने ही अपहरण की झूठी साजिश रच डाली. युवक ने AI की मदद से खुद के बंधक बनाए जाने और अस्पताल में भर्ती होने की फर्जी फोटो-वीडियो तैयार कर परिवार को व्हाट्सएप पर भेजीं और छुड़ाने के नाम पर रुपये मांगे.

कर्ज चुकाने को खुद बना अपहरण का शिकार: AI से बनाई बंधक की फर्जी तस्वीरें, परिवार से मांगे रुपये
Image Credit: AI से खुद को बंधक दिखाया, परिवार से मांगी फिरौती

जयपुर में एक युवक ने दोस्तों से लिए कर्ज को चुकाने के लिए खुद के अपहरण की झूठी साजिश रच डाली. इतना ही नहीं, परिवार को यकीन दिलाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से खुद के बंधक बनाए जाने और अस्पताल में भर्ती होने की फर्जी फोटो और वीडियो तक तैयार कर ली.

इसके बाद ये तस्वीरें और वीडियो परिवार को व्हाट्सएप पर भेजकर खुद को छुड़ाने के नाम पर रुपये मांगने लगा. परिजनों की शिकायत पर भांकरोटा थाना पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की. पुलिस ने करीब 100 घंटे की मशक्कत और 200 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने के बाद युवक को ऋषिकेश के लक्ष्मण झूला के पास से दस्तयाब कर लिया.

आईटी कंपनी के प्रोजेक्ट के लिए अपहरण की मिली थी सूचना
पुलिस के अनुसार, परिवादी ने रिपोर्ट दी थी कि उसका साला एक आईटी सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करता है और एक विशेष प्रोजेक्ट पर कार्य कर रहा था. इसी प्रोजेक्ट को हासिल करने के लिए अज्ञात लोगों ने उसका अपहरण कर लिया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की.

जयपुर से ऋषिकेश तक खंगाले 200 CCTV कैमरे
डीसीपी जयपुर पश्चिम प्रशांत किरण के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश गुप्ता के निकट सुपरविजन और एसीपी धर्मेन्द्र कुमार शर्मा के सुपरविजन में थानाधिकारी दीपक त्यागी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई.

पुलिस टीम ने परिवादी और परिवार के सदस्यों से मिली सूचनाओं का संकलन कर उनका सत्यापन किया। तकनीकी सर्विलांस की मदद से युवक के संभावित मूवमेंट का रूट मैप तैयार किया गया. इसके बाद जयपुर, मथुरा, उज्जैन, दिल्ली, हल्द्वानी, नैनीताल, हरिद्वार और ऋषिकेश सहित कई स्थानों के करीब 200 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का विश्लेषण किया गया. लगातार तलाश के बाद पुलिस टीम ने युवक को ऋषिकेश में लक्ष्मण झूला के पास से दस्तयाब कर लिया. बाद में उसे परिवारजनों के सुपुर्द कर दिया गया.

मौज-मस्ती में लिया कर्ज, चुकाने के लिए रची साजिश
पुलिस की पूछताछ, युवक के मोबाइल फोन, व्हाट्सएप और संकलित साक्ष्यों से सामने आया कि युवक ने मौज-मस्ती और शौक पूरे करने के लिए दोस्तों से कर्ज लिया था. कर्ज चुकाने के लिए उसने खुद के अपहरण और बंधक बनाए जाने की झूठी कहानी तैयार की.


युवक ने AI की मदद से खुद के अपहरण, बंधक बनाए जाने और अस्पताल में भर्ती होने की फर्जी फोटो और वीडियो तैयार की. इन्हें परिवार के सदस्यों को व्हाट्सएप पर भेजकर अपहरण की झूठी कहानी को सच दिखाने का प्रयास किया. इसके बाद खुद को छुड़ाने के नाम पर परिवार से रुपये की मांग की.

22 वर्षीय दीपक माली ऋषिकेश से दस्तयाब
दस्तयाब युवक की पहचान दीपक कुमार माली पुत्र कैलाश चन्द, उम्र 22 वर्ष, निवासी बाड़ी विजयनगर, जिला ब्यावर के रूप में हुई है. वह वर्तमान में पश्चिम विहार, भांकरोटा जयपुर पश्चिम में रह रहा था.

पुलिस टीम की भूमिका
यह कार्रवाई थानाधिकारी दीपक त्यागी के नेतृत्व में की गई. टीम में हेड कांस्टेबल ताराचन्द, कांस्टेबल पवन कुमार यादव, तकनीकी शाखा के हेड कांस्टेबल दिनेश और कांस्टेबल श्रीराम शामिल रहे. कांस्टेबल पवन कुमार यादव की विशेष भूमिका रही.

पुलिस की चेतावनी
पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि कर्ज चुकाने, व्यक्तिगत लाभ हासिल करने या सनसनी फैलाने के उद्देश्य से खुद के अपहरण अथवा किसी अपराध की झूठी सूचना देना और ऐसी साजिश रचना कानूनन अपराध है. ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. 
 

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About the Author

Vishnu Prakash Sharma

Vishnu Prakash Sharma

जी राजस्थान में सीनियर कॉरेस्पॉन्डेंट के रूप में कार्यरत विष्णु प्रकाश शर्मा पत्रकारिता के क्षेत्र में विगत 30 वर्षों से सक्रिय हैं. जी मीडिया में वे BJP, तीसरा मोर्चा,  RSS सहित अन्य राजनीतिक विषय या गृह, वित्त और क्राइम से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से कवर करते हैं. बात चाहे बीजेपी संगठन में किसी भी हलचल की या फिर पार्टी के वीवीआईपी दौरों से लेकर कानून व्यवस्था से जुड़ी खबरों की, विष्णु शर्मा सक्रिय रूप से इन सभी की न्यूज कवर कर दर्शकों तक पहुंचाते हैं। राजनीतिक और गृह-पुलिस की खबरों पर भी गहरी पकड़ रखते हैं. राजनीति से जुड़ी हर छोटी बड़ी खबरों को भी दर्शकों तक पहुंचाते हैं.  विष्णु प्रकाश शर्मा जी मीडिया समूह से पहले दैनिक भास्कर में 10 साल, राजस्थान पत्रिका में 12 साल, फर्स्ट इंडिया न्यूज 7 महीने कार्य कर चुके हैं.
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