Jaipur Panchayati Raj Election: गांव की सियासत में अब सीट वही, लेकिन दावेदार का गणित बदल गया है. जयपुर जिले में आरक्षण का पिटारा खुलते ही किसी की सीट बची तो किसी की दावेदारी पर ब्रेक लग गया. जयपुर जिले में 57 जिला परिषद वार्ड, 22 प्रधान पद और 386 पंचायत समिति वार्डों की लॉटरी ने तय कर दिया कि चुनावी मैदान किसके लिए खुला है और किसे अब नई सीट तलाशनी होगी.
लॉटरी से शुरू हुई गांव की सियासत की पहली चाल
जिला कलेक्टर संदेश नायक की अध्यक्षता में हुई प्रक्रिया में स्कूली बच्चियों के हाथों लॉटरी की पर्चियां ने गांवों की सियासत की पहली चाल चल दी है. अब टिकट के दावेदार आरक्षण के नए समीकरण में अपनी जगह तलाशेंगे और अगली नजर सरपंच और वार्ड पंच की लॉटरी पर होगी.
57 वार्ड, 22 प्रधान और 386 वार्डों का आरक्षण तय
पंचायत चुनाव से पहले जयपुर के गांवों में किस सीट से कौन दावेदारी कर सकेगा, इसकी पहली बड़ी तस्वीर को साफ हो गई. जिला परिषद के 57 वार्ड, 22 पंचायत समितियों के प्रधान और पंचायत समिति सदस्यों के 386 वार्डों का आरक्षण तय कर दिया गया. सुबह 10:15 बजे शुरू हुई लॉटरी दोपहर करीब 2 बजे तक चली. जिला कलेक्टर संदेश नायक की मौजूदगी में स्कूली बच्चियों के हाथों पर्चियां निकलवाकर आरक्षण तय किया गया.
आरक्षण के साथ बदला दावेदारों का गणित
आरक्षण तय होने के साथ ही गांवों में टिकट की दावेदारी का गणित भी बदल गया है. कई सीटें महिला या अलग-अलग वर्गों के लिए आरक्षित होने से पुराने दावेदारों के सामने नई स्थिति बनी है। वहीं आरक्षित सीटों पर नए दावेदारों के लिए चुनावी मैदान खुला है. लॉटरी प्रक्रिया के दौरान जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी सीमित रही. इस दौरान केवल एक विधायक कुछ समय के लिए उपस्थित रहे.
जिला परिषद की 57 सीटों में 28 SC-ST-OBC के लिए
जयपुर जिला परिषद के 57 वार्डों में 10 SC, 8 ST और 10 OBC के लिए रखे गए है। जबकि 29 वार्ड अनारक्षित हैं. SC और ST वार्ड जनसंख्या के आधार पर निर्धारित थे, जबकि OBC वार्डों का निर्धारण लॉटरी के जरिए किया गया. इसके बाद महिला आरक्षण की प्रक्रिया हुई. 10 SC सीटों में 5 महिला, 8 ST सीटों में 4 महिला और 10 OBC सीटों में 5 महिला के लिए हैं. वहीं, 29 अनारक्षित सीटों में 14 महिला के लिए हैं. यानी जिला परिषद की 57 सीटों में कुल 28 सीटें महिलाओं के हिस्से हैं.

22 पंचायत समितियों के प्रधान पदों में 11 महिलाओं के लिए
जिला परिषद के बाद 22 पंचायत समितियों के प्रधान पदों की आरक्षण लॉटरी हुई. इनमें 11 पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं. इनमें 6 अनारक्षित महिला, 2 SC महिला, 1 ST महिला और 2 OBC महिला पद शामिल हैं. इसके अलावा 2 एससी ओपन, 2 एसटी ओपन और 2 OBC ओपन पद हैं. 5 पद सामान्य ओपन हैं, जिन पर किसी भी वर्ग का पात्र उम्मीदवार चुनाव लड़ सकता है. इस तरह कुल 22 पदों में 4 SC, 3 ST, 4 OBC और 11 सामान्य श्रेणी में हैं.
किस पंचायत समिति में किस वर्ग का प्रधान?
एसी ओपन-तूंगा, आंधी
एससी महिला-रामपुरा डाबरी, कोटखावदा
एसटी ओपन-चौमूं, किशनगढ़-रेनवाल
एसटी महिला-अमरसर
ओबीसी ओपन-माधोराजपुरा, सांगानेर
ओबीसी महिला-जोबनेर, मौजमाबाद
अनारक्षित ओपन-जमवारामगढ़, शाहपुरा, बस्सी, फागी (कोई भी चुनाव लड़ सकता)
अनारक्षित महिला-गोविंदगढ़, दूदू, जालसू, चाकसू, आमेर, झोटवाड़ा (किसी भी वर्ग की महिला चुनाव लड़ सकती)
386 पंचायत समिति वार्डों का भी आरक्षण तय
जयपुर जिले की 22 पंचायत समितियों के 386 वार्डों का आरक्षण भी तय किया गया. इनमें 93 सामान्य ओपन सीटें हैं. इसके अलावा 127 सामान्य महिला सीटें हैं. वर्गवार देखें तो SC ओपन 41 और SC महिला 23, ST ओपन 32 और ST महिला 14, OBC ओपन 38 और OBC महिला 18 सीटें हैं. इस तरह कुल 386 वार्डों में 64 SC, 46 ST, 56 OBC और 220 सामान्य श्रेणी की सीटें हैं, जिसमे कुल 182 सीटें महिला आरक्षित हैं.
24 सितंबर को खुलेगा सरपंच-वार्ड पंच का पिटारा
बहरहाल, तो आरक्षण की एक पर्ची ने गांव की सियासत के कई पुराने समीकरण बदल दिए हैं. कहीं दावेदार की सीट बची, तो कहीं कुर्सी अब नए चेहरे का इंतजार करेगी. जिला परिषद से प्रधान और पंचायत समिति तक तस्वीर साफ हो चुकी है, लेकिन असली गांव की सियासत का पिटारा अभी बाकी है. 24 सितंबर को 597 सरपंच और 5931 वार्ड पंच पदों की लॉटरी खुलेगी और इसके साथ ही तय हो जाएगा कि किस गांव में किसके लिए चुनावी मैदान खुला और किसकी तैयारी पर आरक्षण का ब्रेक लगा.