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राजस्थान के जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के तूंगा थाना इलाके में 15 सितंबर 2026 को ओमप्रकाश बैरवा का अपहरण कर बेरहमी से मारपीट की गई थी. आरोपियों ने पीड़ित से एक लाख रुपए छीन लिए थे और पांच लाख रुपए की फिरौती भी मांगी थी. इतना ही नहीं, आरोपियों ने निजी फोटो वायरल करने की भी धमकी दी थी. मामले में फरार चल रहे तीन वांछित आरोपियों को जयपुर पूर्व पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तारी के डर से आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे.
पुलिस के अनुसार, मामला 15 सितंबर 2026 का है. परिवादी ओमप्रकाश बैरवा अपने भाई के साथ रिश्तेदार से एक लाख रुपए उधार लेकर घर लौट रहा था. घर के पास खेत में गाय को बाहर निकालने के दौरान सफेद बोलेरो और चार मोटरसाइकिलों पर सवार युवक वहां पहुंचे. आरोपियों ने पहले तीन हजार रुपए मांगे. विरोध करने पर थप्पड़ मारे और आईफोन के लिए पैसे देने का दबाव बनाया. इसके बाद बंदूक दिखाकर ओमप्रकाश को जबरन बोलेरो में डालकर खतैपुरा गांव के एक फार्म हाउस में ले गए.
परिवादी के अनुसार, फार्म हाउस में पहले से 30 से 40 लोग मौजूद थे. वहां लाठी-डंडों और सरियों से बेरहमी से मारपीट की गई. आरोपियों ने परिवादी की जेब में रखे एक लाख रुपए छीन लिए और पांच लाख रुपए की अतिरिक्त मांग की. पीड़ित का मोबाइल भी छीन लिया गया. आरोपियों ने धमकी दी कि पैसे नहीं देने पर जान से खत्म कर देंगे और निजी फोटो वायरल कर देंगे.
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने ओमप्रकाश को गंभीर चोटें पहुंचाईं और रात करीब 9 बजे उसके घर आने वाली सड़क पर पटककर फरार हो गए. बाद में इलाज के दौरान ओमप्रकाश की मौत हो गई. इसपर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया. मामले में पूर्व में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. अब तीन और वांछित आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं.
पुलिस की गिरफ्त में आए ये तीनों आरोपी अपहरण और हत्या के गंभीर मामले में वांछित चल रहे थे. रोहित मीणा उर्फ रॉकी मीणा, मनीष कुमार मीणा उर्फ मनीष चीता और हीरालाल मीणा उर्फ भोला को तूंगा थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे. पुलिस टीम ने आसूचना संकलन और तकनीकी सहायता के आधार पर अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर तीनों को दस्तयाब किया. पुलिस की ओर से मामले में अन्य नामजद और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है.