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Jaipur News: जयपुर नगर निगम चुनाव में वार्ड-62 के बूथ नंबर-23 पर दोबारा मतदान कराया जाएगा. राज्य निर्वाचन आयोग ने रिटर्निंग ऑफिसर की रिपोर्ट के आधार पर री-पोल की अनुमति दी है. इस बूथ पर 587 मतदाता एक बार फिर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. पुनर्मतदान कल सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा.
110 विलोपित मतदाताओं के वोट पड़ने से विवाद
पुनर्मतदान का फैसला भाग संख्या-23 में विलोपित मतदाता सूची में दर्ज 110 मतदाताओं के वोट पड़ने के बाद लिया गया है. रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि इन 110 वोटों के पड़ने से मतदान प्रक्रिया की शुचिता प्रभावित हुई. बूथ टीलावाला स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के कमरा नंबर-4 में बनाया गया है.
फर्जी वोटिंग के आरोपों पर हुआ था विवाद
बूथ नंबर-23 पर फर्जी मतदान के आरोपों को लेकर मतदान के दौरान विवाद हुआ था. कांग्रेस प्रत्याशी समेत 4 प्रत्याशियों ने इस मामले पर आपत्ति जताई थी. प्रत्याशियों ने सेक्टर मजिस्ट्रेट को शिकायत देकर मतदान प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे. इसके बाद RO ने मामले की जांच कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी.
आयोग की मंजूरी के बाद दोबारा मतदान
RO की रिपोर्ट के आधार पर राज्य निर्वाचन आयोग ने बूथ नंबर-23 पर पुनर्मतदान को मंजूरी दी है. अब इस बूथ पर फिर से मतदान होगा. री-पोल के बाद ही वार्ड-62 की चुनावी तस्वीर पूरी तरह साफ होगी और 587 मतदाता दोबारा अपने पार्षद का चुनाव करेंगे.
जयपुर में इस बार बढ़ा मतदान प्रतिशत
जयपुर नगर निगम चुनाव में मतदान प्रतिशत ने भी नया आंकड़ा बनाया है. साल 2004 में जयपुर में मतदान 41.30 फीसदी था, जो 22 साल बाद बढ़कर 63.55 फीसदी पहुंच गया. हालांकि मतदान में बढ़ोतरी का असर सभी विधानसभा क्षेत्रों में एक जैसा नहीं रहा.
आमेर में सबसे ज्यादा, सांगानेर में गिरावट
आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र में 2020 के मुकाबले मतदान प्रतिशत में करीब 15 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी दर्ज हुई. वहीं आमेर 81.45 फीसदी मतदान के साथ सबसे आगे रहा. इसके उलट सांगानेर ऐसा एकमात्र इलाका रहा, जहां पिछले चुनाव की तुलना में मतदान प्रतिशत कम हुआ.
24.33 लाख मतदाताओं ने लिखी शहर की सरकार
जयपुर में कुल 24.33 लाख मतदाताओं में से 15.46 लाख लोगों ने मतदान किया, जबकि 8.87 लाख मतदाता बूथ तक नहीं पहुंचे. अब 14 सितंबर को EVM खुलने के बाद पता चलेगा कि बढ़े मतदान ने किस प्रत्याशी के पक्ष में जीत का आंकड़ा मजबूत किया और किसके राजनीतिक समीकरण को झटका लगा.