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Rajasthan Congress Badabandi: जयपुर नगर निगम चुनाव में मतदान खत्म होने के बाद अब बोर्ड गठन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. चुनाव परिणाम आने से पहले ही कांग्रेस ने संभावित बाड़ेबंदी, पार्षदों की खरीद-फरोख्त और भाजपा की जोड़-तोड़ की रणनीति को लेकर आक्रामक रुख अपना लिया है. कांग्रेस नेताओं का दावा है कि पार्टी जयपुर में पूर्ण बहुमत के साथ बोर्ड बनाएगी. साथ ही पार्टी अपने संभावित निर्वाचित पार्षदों को राजनीतिक दबाव और प्रलोभन से बचाने के लिए तैयार है.
कांग्रेस का भाजपा पर बड़ा आरोप
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा के पास सत्ता, पुलिस और पैसा है. उनका कहना है कि चुनाव परिणाम के बाद इन संसाधनों का इस्तेमाल कांग्रेस के निर्वाचित पार्षदों को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है. कांग्रेस ने साफ किया है कि यदि भाजपा बाड़ेबंदी या राजनीतिक दबाव की रणनीति अपनाती है तो पार्टी उसका राजनीतिक जवाब देने के लिए तैयार है.
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी को अपने प्रत्याशियों पर भरोसा है, लेकिन चुनाव परिणाम के बाद बनने वाले राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
जबरन उठाने की आशंका पर तीखे तेवर
बाड़ेबंदी और पार्षदों को कथित तौर पर जबरन ले जाने की आशंकाओं को लेकर कांग्रेस नेता ने सरकार को कड़ी चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस के लोगों को जबरन उठाने या उनकी सुरक्षा में हस्तक्षेप करने की कोशिश हुई तो इसकी जिम्मेदारी सीधे सरकार की होगी.
कांग्रेस नेता ने यहां तक कहा कि यदि कानून हाथ में लिया गया तो वे भी कानून हाथ में लेने के लिए तैयार हैं. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की फोर्स हर स्थिति के लिए तैयार है. कांग्रेस ने यह भी साफ किया कि उसकी ओर से यदि बाड़ेबंदी या बैठकें की जाती हैं तो उनका उद्देश्य अपने पार्षदों और नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना होगा.
ऑपरेशन लोटस को लेकर कांग्रेस सतर्क
कांग्रेस ने चुनाव परिणाम के बाद भाजपा की ओर से 'ऑपरेशन लोटस', जोड़-तोड़ और खरीद-फरोख्त की आशंका जताई है. कांग्रेस नेता के मुताबिक इस बार पार्टी ने विचारधारा से जुड़े और मजबूत प्रत्याशियों को टिकट दिया है. इसलिए पार्टी को अपने पार्षदों पर भरोसा है.
इसके बावजूद कांग्रेस संभावित राजनीतिक दबाव को लेकर सतर्क है. नेताओं ने अलवर में रिसॉर्ट से लोगों को उठाए जाने की कथित घटना का हवाला देते हुए जयपुर में ऐसी किसी भी कार्रवाई के खिलाफ सरकार को चेतावनी दी है.
फोन बंद हुआ तो विधायक पहुंचे बूथ
इसी बीच नगर निकाय चुनाव के किशनगढ़बास से एक दिलचस्प मामला सामने आया है. कांग्रेस प्रत्याशी का शाम के समय अचानक फोन बंद हो गया. इससे किशनगढ़बास विधायक दीपचंद खेरिया की चिंता बढ़ गई. उन्होंने पहले प्रत्याशी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन बंद मिलने पर खुद मोटरसाइकिल से पोलिंग बूथ की ओर निकल पड़े.
बूथ पर पहुंचने के बाद विधायक ने जब अपने प्रत्याशी को सुरक्षित देखा तो राहत की सांस ली. विधायक ने बताया कि फोन बंद होने के बाद उन्हें आशंका हुई कि कहीं किसी दूसरे राजनीतिक दल के लोग प्रत्याशी को उठाकर बाड़ेबंदी के लिए तो नहीं ले गए.
बाइक पर पहुंचे विधायक का वीडियो चर्चा में
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. खास बात यह रही कि विधायक किसी काफिले या लग्जरी वाहन में नहीं, बल्कि खुद मोटरसाइकिल पर पीछे बैठकर कस्बे की सड़कों से पोलिंग बूथ तक पहुंचे. जयपुर नगर निगम के नतीजों से पहले सामने आए इन घटनाक्रमों ने बोर्ड गठन को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच संभावित सियासी संघर्ष के संकेत दे दिए हैं.