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Jaipur International Airport: जयपुर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट यूं तो ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की श्रेणी में शामिल नहीं है लेकिन इसे ग्रीन एयरपोर्ट बनाने की दिशा में सारे उपाय जयपुर एयरपोर्ट प्रशासन अपना रहा है. एयरपोर्ट बिल्डिंग में बिजली की बचत से लेकर एसी का संतुलित उपयोग किया जा रहा है.
एयरपोर्ट को ग्रीन एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं. एयरपोर्ट प्रशासन की ओर से रिन्यूएबल एनर्जी के इस्तेमाल के साथ स्मार्ट एनर्जी सेविंग तकनीक को अपनाया गया है. इसके चलते एयरपोर्ट की पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों और फॉसिल फ्यूल पर निर्भरता शून्य हो गई है.
बिजली बचाने के लिए एयरपोर्ट पर बड़े बदलाव
एयरपोर्ट परिसर में बिजली की खपत कम करने के लिए कई स्तरों पर ऊर्जा दक्षता से जुड़े उपाय किए जा रहे हैं. टर्मिनल बिल्डिंग में पुरानी लाइटों को हटाकर एनर्जी एफिशिएंट एलईडी लाइटें लगाई गई हैं. इन लाइटों में जरूरत के अनुसार लक्स लेवल को नियंत्रित करने की व्यवस्था है. इससे अलग-अलग क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुरूप ही रोशनी उपलब्ध कराई जाती है और अनावश्यक बिजली की खपत कम होती है.
एयरपोर्ट के एयरसाइड क्षेत्र में 1.8 मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट स्थापित किया गया है. सौर ऊर्जा के माध्यम से एयरपोर्ट की बिजली जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है. इसके साथ ही एयरफील्ड ग्राउंड लाइटिंग सिस्टम में भी ऊर्जा दक्षता पर जोर दिया गया है. पारंपरिक हैलोजन एयरफील्ड ग्राउंड लाइटिंग को हटाकर एलईडी एयरफील्ड ग्राउंड लाइटिंग सिस्टम लगाया गया है.
जयपुर एयरपोर्ट प्रशासन की ओर से किए जा रहे क्या उपाय?
एयरपोर्ट प्रशासन ने वर्ष 2024 में ऑपरेशनल नेट जीरो की उपलब्धि हासिल की
99 फीसदी पारंपरिक लाइटों को एलईडी लाइटों से बदला गया
एयरपोर्ट पर 1.80 मेगावाट क्षमता के सोलर पैनल लगाए गए
इनसे करीब 2219700 किलोवाट की रिन्यूएबल एनर्जी उत्पन्न की गई
1957 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आई
रनवे, टैक्सी-वे और एप्रन क्षेत्र में नया सिस्टम ILCMS लागू किया गया
इंडिविजुअल लाइट कंट्रोल एंड मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया गया
लैंड साइड स्ट्रीट लाइट्स को टाइमर के आधार पर चालू किया जाता है
करीब 4.60 हैक्टेयर का हरित आवरण विकसित किया गया
सीवेज के पानी को एसटीपी के माध्यम से उपचारित किया जा रहा
167090 घन मीटर/वर्ष क्षमता के 22 भूजल पुनर्भरण गड्ढों का भी निर्माण किया गया
एयरपोर्ट पर ड्राई मॉप क्लीनिंग का उपयोग किया जा रहा
सेंसर-आधारित पानी के नल प्रति मिनट 5.5 लीटर पानी की बचत करते
एयरपोर्ट के पेट्रोल-डीजल वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदला, ईवी चार्जिंग स्टेशन बनाए
एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल दे चुकी रिकॉग्निशन
एयरपोर्ट प्रशासन की ओर से फ्लाइट संचालन के दौरान भी ऊर्जा की खपत को नियंत्रित करने पर काम किया जा रहा है. कम फ्लाइट संचालन वाले समय में आवश्यकता के अनुसार, बिजली के इस्तेमाल को सीमित किया जाता है. इसी तरह टर्मिनल और अन्य क्षेत्रों में एसी संचालन को भी जरूरत के हिसाब से नियंत्रित कर ऊर्जा की बचत की जा रही है.
टर्मिनल बिल्डिंग में जरूरत के अनुसार. लक्स लेवल में बदलाव की व्यवस्था है. बड़ी बात यह है कि एयरपोर्ट प्रशासन को कुछ समय पूर्व एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल ने ग्रीन एयरपोर्ट से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए अवार्ड से नवाजा था. एयरपोर्ट प्रशासन को ACI एशिया पेसिफिक एंड मिडिल ईस्ट ग्रीन एयरपोर्ट रिकॉग्निशन 2026 मिला है. यह अवार्ड क्लाईमेट चेंज एडेप्टेशन थीम के तहत एयरपोर्ट पर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए प्रयासों के लिए प्राप्त हुआ है.
Report- Kashiram Choudhary