SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

जयपुर में बड़ा फर्जीवाड़ा: AI से तैयार किया नकली सरकारी ID कार्ड और पत्र, ठगी करने वाला ‘फर्जी अफसर’ गिरफ्तार!

Jaipur News: जयपुर में खुद को RGHS अधिकारी बताकर अस्पताल की ऑडिट के नाम पर रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है. ACB ने 40 हजार रुपए लेते मनीष कुमार शर्मा को डिटेन किया. जांच में AI से फर्जी ID और सरकारी पत्र तैयार करने की बात सामने आई.

Written By Vishnu Prakash Sharma
Published: Sep 23, 2026, 12:59 PM IST | Updated: Sep 23, 2026, 01:02 PM IST
Image Credit: आरोपी मनीष कुमार शर्मा.
Join

Jaipur News: राजधानी जयपुर में भ्रष्टाचार के नाम पर ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है. एक व्यक्ति ने खुद को RGHS का अधिकारी बताकर अस्पताल की ऑडिट कराने का झांसा दिया और रिश्वत के नाम पर 40 हजार रुपए वसूलने की कोशिश की. ACB की ट्रैप कार्रवाई में मामले का खुलासा हुआ तो सामने आया कि जिस अधिकारी का पहचान पत्र दिखाया जा रहा था, वह अधिकारी ही फर्जी था. शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि फर्जी पहचान पत्र और अस्पताल को भेजा गया कथित सरकारी पत्र AI की मदद से तैयार किया गया था.

फर्जी अफसर, फर्जी पहचान और फर्जी सरकारी पत्र
ACB ने जयपुर में कार्रवाई करते हुए मनीष कुमार शर्मा नाम के संदिग्ध को 40 हजार रुपए लेते डिटेन किया है. आरोप है कि मनीष ने खुद को RGHS का अधिकारी बताते हुए डीडवाना के SKI हॉस्पिटल की ऑडिट कराने के नाम पर रिश्वत की मांग की थी.

मामले में पहले 35 हजार रुपए की मांग की गई. इसके बाद रकम बढ़ाकर 45 हजार रुपए कर दी गई. ACB के ट्रैप के दौरान संदिग्ध 40 हजार रुपए लेते हुए पकड़ा गया.

AI की मदद से तैयार किए फर्जी दस्तावेज
ACB की प्रारंभिक जांच में इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू सामने आया है. जांच के मुताबिक, संदिग्ध मनीष शर्मा ने AI की मदद से संतोष कुमार शर्मा के नाम से RGHS के डिस्ट्रिक्ट को-ऑर्डिनेटर पदनाम वाला फर्जी पहचान पत्र तैयार किया.

इसके साथ ही SKI हॉस्पिटल, डीडवाना के नाम से 22 अगस्त 2026 का कथित फर्जी पत्र भी तैयार किया गया. यानी डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल कथित तौर पर सिर्फ पहचान बनाने के लिए नहीं, बल्कि सरकारी दस्तावेज जैसा दिखने वाला पत्र तैयार करने के लिए भी किया गया.

अस्पताल मैनेजर को दिखाए दस्तावेज
ACB के मुताबिक, संदिग्ध ने ये दस्तावेज अस्पताल के मैनेजर को दिखाए और ऑडिट के नाम पर रकम की मांग की. संदिग्ध ने खुद को RGHS में UDC के पद पर होना भी बताया.

हालांकि कार्रवाई के बाद ACB की जांच में सामने आया कि उसका बताया गया नाम और पदनाम फर्जी था. संदिग्ध लोक सेवक भी नहीं पाया गया. आरोप है कि सरकारी अधिकारी बनकर सरकारी कार्रवाई का डर दिखाया गया और उसी आधार पर रकम मांगी गई.

ACB ट्रैप के बाद आगे की जांच
ACB मुख्यालय के निर्देश पर जयपुर नगर-तृतीय चौकी की टीम ने ट्रैप कार्रवाई की. ACB के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्ञान प्रकाश नवल ने बताया कि 40 हजार रुपए प्राप्त करने के बाद संदिग्ध को डिटेन किया गया.

प्रारंभिक जांच में धोखाधड़ी, फर्जी पहचान और प्रतिरूपण से जुड़े तथ्य सामने आने के बाद अब ज्योति नगर थाना पुलिस के स्तर पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है. पुलिस आरोपी से यह पता लगाने में जुटी है कि उसने इस तरह की ठगी और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कहीं और तो नहीं किया है.

AI के गलत इस्तेमाल पर भी सवाल
इस पूरे मामले में AI का इस्तेमाल जांच का अहम हिस्सा बन गया है. तकनीक जहां सरकारी सेवाओं और दस्तावेजी काम को आसान बनाने में मदद कर रही है, वहीं इसी तकनीक का इस्तेमाल कथित तौर पर फर्जी पहचान और दस्तावेज तैयार करने के लिए किए जाने का मामला सामने आया है.

ऐसे में अस्पतालों और अन्य संस्थानों के लिए यह सवाल भी महत्वपूर्ण है कि केवल ID कार्ड देखकर किसी व्यक्ति को सरकारी अधिकारी मान लिया जाए या संबंधित विभाग से उसकी पहचान और पद की पुष्टि भी की जाए. जयपुर का यह मामला डिजिटल दस्तावेजों की सत्यता और सरकारी अधिकारियों की पहचान की स्वतंत्र पुष्टि की जरूरत को सामने लाता है.
 

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

जी राजस्थान में सीनियर कॉरेस्पॉन्डेंट के रूप में कार्यरत विष्णु प्रकाश शर्मा पत्रकारिता के क्षेत्र में विगत 30 वर्षों से सक्रिय हैं. जी मीडिया में वे BJP, तीसरा मोर्चा,  RSS सहित अन्य राजनीतिक विषय या गृह, वित्त और क्राइम से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से कवर करते हैं. बात चाहे बीजेपी संगठन में किसी भी हलचल की या फिर पार्टी के वीवीआईपी दौरों से लेकर कानून व्यवस्था से जुड़ी खबरों की, विष्णु शर्मा सक्रिय रूप से इन सभी की न्यूज कवर कर दर्शकों तक पहुंचाते हैं। राजनीतिक और गृह-पुलिस की खबरों पर भी गहरी पकड़ रखते हैं. राजनीति से जुड़ी हर छोटी बड़ी खबरों को भी दर्शकों तक पहुंचाते हैं.  विष्णु प्रकाश शर्मा जी मीडिया समूह से पहले दैनिक भास्कर में 10 साल, राजस्थान पत्रिका में 12 साल, फर्स्ट इंडिया न्यूज 7 महीने कार्य कर चुके हैं.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES