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Jaipur News: जयपुर में नकली घी की सप्लाई से जुड़े एक मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने निवारू रोड स्थित लक्ष्मी नगर में नकली घी के रैपर तैयार करने वाले एक गोदाम को पकड़ा है. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है. यह कार्रवाई एसीपी झोटवाड़ा शिवकुमार भारद्वाज के नेतृत्व में की गई.
पुलिस के अनुसार, आरोपी अलग-अलग ब्रांड के घी के खाली रैपर मंगवाते थे. इसके बाद इन रैपर पर होलमार्क और मैन्युफैक्चरिंग कोड लगाकर उन्हें असली ब्रांड की पैकिंग जैसा तैयार किया जाता था. गोदाम में सील लगाने के लिए मशीन भी मिली है.
सरस समेत कई ब्रांड के रैपर मिले
पुलिस की कार्रवाई के दौरान गोदाम से सरस, लोटस, कृष्णा और महान जैसे विभिन्न ब्रांड के खाली रैपर मिले हैं. आरोपियों द्वारा इन रैपर पर होलमार्क लगाने और मैन्युफैक्चरिंग कोड डालने की व्यवस्था की गई थी.
जानकारी के मुताबिक, पैकिंग तैयार करने के बाद घी को सील किया जाता था और फिर इसे छोटे-छोटे कस्बों में सप्लाई किया जाता था. नकली घी की सप्लाई के तार निवाई और अन्य जगहों से जुड़े होने की बात सामने आई है. पुलिस मामले में आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़ी अन्य जानकारियां जुटा रही है.
घर पर घी की शुद्धता जांचने के बताए गए तरीके
नकली घी को लेकर चिंता के बीच घी की मिलावट पहचानने के लिए कुछ परीक्षण बताए जाते हैं. घरेलू परीक्षण प्रारंभिक संकेत दे सकते हैं और अंतिम पुष्टि के लिए वैज्ञानिक या अधिकृत प्रयोगशाला जांच जरूरी होती है.
1. हथेली से पिघलने का परीक्षण
इस तरीके में आधा चम्मच घी हथेली पर रखने की बात कही गई है. दिए गए मानक के अनुसार शुद्ध देशी घी का मेल्टिंग पॉइंट शरीर के तापमान, करीब 37 डिग्री सेल्सियस, से कम होता है. इसलिए यह हथेली की गर्मी से जल्दी पिघलने लगता है. यदि घी देर तक जमा रहे या चिकनाई जमने लगे तो पाम ऑयल या हाइड्रोजनेटेड फैट की मिलावट की आशंका बताई गई है.
2. पैन में गर्म करके रंग और खुशबू जांचें
एक पैन को मध्यम आंच पर गर्म करके उसमें एक चम्मच घी डालने का तरीका बताया गया है. दिए गए परीक्षण के अनुसार शुद्ध घी कुछ ही सेकंड में पूरी तरह पिघलकर हल्का भूरा रंग लेता है. वहीं नकली या मिलावटी घी के पिघलने में समय लग सकता है और उसका रंग पीला या सफेद रह सकता है.
3. आयोडीन से स्टार्च की जांच
एक चम्मच पिघले हुए घी में 2-3 बूंद टिंचर आयोडीन डालकर स्टार्च या आलू की मिलावट का संकेत देखा जा सकता है. बताए गए परिणाम के अनुसार घी का रंग बैंगनी या गहरा नीला होने पर स्टार्च या मैश किए हुए आलू की मिलावट की आशंका होती है. शुद्ध घी में रंग बदलने की बात नहीं कही गई है.
4. बौडॉइन टेस्ट से वनस्पति की पहचान
वनस्पति या डालडा की मिलावट जांचने के लिए बौडॉइन टेस्ट का उल्लेख किया गया है. इसमें 5 मिलीलीटर पिघले घी में समान मात्रा में हाइड्रोक्लोरिक एसिड और एक चुटकी चीनी मिलाई जाती है. मिश्रण को 1-2 मिनट हिलाने और करीब 5 मिनट स्थिर रखने के बाद निचली परत का रंग देखा जाता है. क्रिमसन लाल रंग दिखाई देने पर वनस्पति की मिलावट का संकेत माना जाता है.
5. फ्रिज में जमाकर परतों की जांच
एक पारदर्शी कांच की शीशी में घी भरकर उसे 1 से 2 घंटे फ्रिज में रखने का तरीका भी बताया गया है. दिए गए परीक्षण के अनुसार शुद्ध देशी घी एक समान ठोस परत में जमता है. वहीं अलग-अलग वनस्पति या रिफाइंड तेल की मिलावट होने पर जमने के बाद घी और तेल की अलग-अलग परतें दिखाई देने की बात कही गई है.
घी की शुद्धता को लेकर किसी भी संदेह की स्थिति में घरेलू परीक्षणों को अंतिम प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए. पुष्टि के लिए अधिकृत खाद्य जांच प्रयोगशाला की जांच जरूरी होती है.