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Jaipur News: राजस्थान की राजधानी जयपुर में बुजुर्ग दंपती को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 2 करोड़ रुपये से ज्यादा की साइबर ठगी करने के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. सेंट्रल साइबर क्राइम पुलिस थाना जयपुर की टीम ने पश्चिम बंगाल निवासी ललित विश्वास को पकड़ा है. पुलिस के अनुसार, आरोपी ने ठगी की रकम के लेन-देन में इस्तेमाल होने वाले बैंक खाते की जानकारी उपलब्ध कराई थी. इस मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.
पुलिस इंस्पेक्टर बनकर किया फोन
मामले में जयपुर निवासी पीड़िता ने 11 सितंबर को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी. रिपोर्ट के मुताबिक, 17 अगस्त को एक व्यक्ति ने फोन कर खुद को पुलिस इंस्पेक्टर बताया और पीड़िता को कहा कि उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है. इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर एटीएस अधिकारियों के नाम पर वीडियो कॉल के जरिए संपर्क किया.
आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ा होने का डर दिखाया
आरोपियों ने बुजुर्ग दंपती को बताया कि उनके बैंक खाते से संदिग्ध लेन-देन हुआ है और आतंकवादी गतिविधियों के लिए पैसे दिए जाने की आशंका है. उन्हें डराने के लिए पुलिस, एटीएस, एनआईए, आरबीआई, भारत सरकार और सुप्रीम कोर्ट के नाम से फर्जी दस्तावेज भी भेजे गए. इसके बाद दंपती पर करीब 20 दिन तक वीडियो कॉल पर रहने का दबाव बनाया गया. गिरफ्तारी का डर दिखाकर आरोपियों ने उनसे अलग-अलग बैंक खातों में 2 करोड़ रुपये से अधिक ट्रांसफर करवाए.
7 लाख रुपये के लेन-देन पर मिला 70 हजार कमीशन
एडीजी साइबर क्राइम वीके सिंह के अनुसार, ललित विश्वास ने अपने नेटवर्क से जुड़े लोगों को बैंक खाते की जानकारी उपलब्ध कराई थी. जांच में सामने आया कि आरोपी की ओर से उपलब्ध कराए गए बैंक खाते में 2 सितंबर को 7 लाख रुपये जमा हुए थे. इसके बदले ललित ने कथित तौर पर 70 हजार रुपये कमीशन लिया.
खाली चेक दूसरे आरोपियों तक पहुंचाया
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि ललित ने अपने परिचित से बैंक खाते से जुड़ा खाली चेक लिया. इसके बाद उसने यह चेक असीम विश्वास और अतुन के मोबाइल नंबरों पर भेज दिया. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी की रकम किन-किन खातों में पहुंची और इस नेटवर्क में अन्य कौन लोग शामिल हैं.
बैंक खातों और तकनीकी साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंची पुलिस
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), वॉट्सऐप चैट, बैंक स्टेटमेंट, केवाईसी दस्तावेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की. इससे पता चला कि बुजुर्ग दंपती से ठगी गई रकम अलग-अलग बैंक खातों में भेजी गई थी. पुलिस ने इन्हीं लेन-देन की कड़ियों को जोड़ते हुए ललित विश्वास को गिरफ्तार किया. फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे की जांच की जारी है.