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राजस्थान में साइबर ठगों का नया खेल: दिल्ली साइबर क्राइम ब्रांच की फर्जी ID बनाकर लोगों को बनाया निशाना, जयपुर में 7 गिरफ्तार

Rajasthan Cyber Fraud: जयपुर पश्चिम पुलिस ने साइबर ठगी के बाद रिफंड दिलाने के नाम पर दोबारा लोगों को ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. आरोपी फेसबुक पर दिल्ली साइबर क्राइम ब्रांच के नाम से फर्जी ID बनाकर पहले से साइबर फ्रॉड के शिकार लोगों को निशाना बनाते थे.

राजस्थान में साइबर ठगों का नया खेल: दिल्ली साइबर क्राइम ब्रांच की फर्जी ID बनाकर लोगों को बनाया निशाना, जयपुर में 7 गिरफ्तार
Image Credit: AI Generated Image

Rajasthan Cyber Fraud: साइबर ठगी के शिकार हुए हैं, तो सावधान हो जाइए, क्योंकि ठग अब ठगी के बाद रिफंड दिलाने के नाम पर भी नया खेल कर रहे हैं. जयपुर पश्चिम पुलिस ने ऐसे ही एक गिरोह का पर्दाफाश किया है. आरोपी फेसबुक पर दिल्ली साइबर क्राइम ब्रांच के नाम से फर्जी आईडी बनाकर पहले से ठगी के शिकार लोगों को तलाशते थे. खुद को साइबर अधिकारी बताकर भरोसे में लेते और फिर फर्जी दस्तावेज और QR कोड भेजकर दोबारा रकम ऐंठ लेते थे. पुलिस ने इस मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

फेसबुक पर बनाई दिल्ली साइबर क्राइम ब्रांच के नाम से फर्जी आईडी

जयपुर में साइबर ठगों ने ठगी का नया तरीका अपना लिया था. पहले साइबर फ्रॉड का शिकार हुए लोगों को ही आरोपी दोबारा निशाना बनाते थे. फेसबुक पर दिल्ली साइबर क्राइम ब्रांच के नाम से फर्जी आईडी बनाई और रिफंड दिलाने के विज्ञापन पोस्ट किए. पीड़ित जैसे ही संपर्क करता, आरोपी खुद को साइबर सेल या साइबर क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते. फेसबुक से बातचीत व्हाट्सऐप पर पहुंचाई जाती और फिर दिल्ली पुलिस के नाम से तैयार फर्जी आईडी कार्ड और दस्तावेज भेजकर विश्वास कायम किया जाता.

गिरोह के सात आरोपी गिरफ्तार

इसके बाद रिफंड के नाम पर ठगी का खेल शुरू होता था. सत्यापन, रिफंड प्रक्रिया या अन्य शुल्क के नाम पर फर्जी QR कोड और स्कैनर भेजे जाते थे. पीड़ित जैसे ही रकम ट्रांसफर करता, आरोपी उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ब्लॉक कर देते थे. करधनी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस गिरोह के सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि विश्वकर्मा थाना पुलिस ने दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक अब तक की जांच में 500 से ज्यादा लोगों से साइबर ठगी की बात सामने आई है.

ये हैं गिरफ्तार आरोपी

पुलिस ने रॉयल सिटी कालवाड़ निवासी धीरज शर्मा, माचवा निवासी युवराज शर्मा, गोविंद पुरा निवासी राजवीर सिंह, करणी नगर निवासी गोविंद प्रताप सिंह, चंदवाजी निवासी राहुल कैरवाल, मंगल विहार निवासी गुलशन सिंह तथा सीकर निवासी रूप शेखावत को गिरफ्तार किया है.

वहीं विश्वकर्मा थाना पुलिस ने ऐसे म्यूल अकाउंट धारक को गिरफ्तार किया, जिसने कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराया था. जांच में उसके खाते में करीब 15 लाख रुपये की साइबर फ्रॉड राशि प्राप्त होना सामने आया है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 11 मोबाइल, 16 सिम कार्ड, 5 एटीएम कार्ड, 2 चेकबुक और 2 कारें बरामद की हैं. अब पुलिस गिरोह से जुड़े दूसरे लोगों और साइबर ठगी के अन्य मामलों की कड़ियां खंगाल रही है.

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About the Author

Vishnu Prakash Sharma

Vishnu Prakash Sharma

जी राजस्थान में सीनियर कॉरेस्पॉन्डेंट के रूप में कार्यरत विष्णु प्रकाश शर्मा पत्रकारिता के क्षेत्र में विगत 30 वर्षों से सक्रिय हैं. जी मीडिया में वे BJP, तीसरा मोर्चा,  RSS सहित अन्य राजनीतिक विषय या गृह, वित्त और क्राइम से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से कवर करते हैं. बात चाहे बीजेपी संगठन में किसी भी हलचल की या फिर पार्टी के वीवीआईपी दौरों से लेकर कानून व्यवस्था से जुड़ी खबरों की, विष्णु शर्मा सक्रिय रूप से इन सभी की न्यूज कवर कर दर्शकों तक पहुंचाते हैं। राजनीतिक और गृह-पुलिस की खबरों पर भी गहरी पकड़ रखते हैं. राजनीति से जुड़ी हर छोटी बड़ी खबरों को भी दर्शकों तक पहुंचाते हैं.  विष्णु प्रकाश शर्मा जी मीडिया समूह से पहले दैनिक भास्कर में 10 साल, राजस्थान पत्रिका में 12 साल, फर्स्ट इंडिया न्यूज 7 महीने कार्य कर चुके हैं.
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