)
दीपावली के त्योहार से पहले मिलावटखोरों के खिलाफ चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है. शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के तहत जयपुर में घी के संदिग्ध कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है.
विभाग की टीम ने हिमालय डेयरी प्रोडक्ट्स की पूरी फैक्ट्री सीज कर दी है. कार्रवाई के दौरान करीब 35 हजार लीटर घी बरामद किया गया. फैक्ट्री में सात अलग-अलग ब्रांडों के नाम से घी की पैकिंग की जा रही थी. वहीं, बड़े साइलो में हजारों लीटर घी का भंडारण भी मिला है.
सात ब्रांडों के नाम से हो रही थी घी की पैकिंग
निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री में राजस्थान सरस, डेयरी ब्रदर्स, श्री किरण सरस, माटुला (Maatula), चॉइस डेयरी, रघु श्री और गणक ब्रांड के नाम से घी की पैकिंग होती मिली. विभाग की टीम ने फैक्ट्री में रखे घी और अन्य सामग्री की जांच की. इस दौरान सफाई के केमिकल के नाम पर छिपाकर रखा गया संदिग्ध फ्लेवर भी बरामद हुआ. घी और फ्लेवर के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही घी की गुणवत्ता और उसमें मिलावट की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.

प्रतापनगर में 1500 लीटर घी जब्त, 15 सैंपल लिए
इसी अभियान के तहत मंगलवार को प्रतापनगर स्थित एक ट्रैवल्स एजेंसी के गोदाम पर भी विभाग ने छापा मारा. सूचना के आधार पर सुरेश माली के नेतृत्व में पहुंची टीम ने करीब 1500 लीटर घी जब्त किया. जानकारी के अनुसार, इंदौर से डेयरी मिल्क नाम से घी की खेप मंगवाई गई थी. घी के नकली होने की आशंका के चलते विभाग ने इसके 15 नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं. रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. अचानक हुई इस कार्रवाई से शहर में हड़कंप मच गया.
बांसवाड़ा में मिठाई, मावा और नमकीन के सैंपल लिए
बांसवाड़ा में भी दीपावली पर मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई की. जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव के निर्देश पर शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के तहत फूड इंस्पेक्टर उमेद टेलर के नेतृत्व में विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया. इस दौरान मिठाई, मावा, सोहन पापड़ी और नमकीन सहित कई खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए. सभी सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जाएंगे. यदि जांच में कोई नमूना फेल पाया जाता है तो संबंधित प्रतिष्ठान संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
त्योहार से पहले मिलावटखोरों पर विभाग की नजर
दीपावली के दौरान मिठाइयों और खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के साथ मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है. इसी को देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं. जयपुर में 35 हजार लीटर घी की बरामदगी और फैक्ट्री सीज होने की कार्रवाई के बाद खाद्य कारोबारियों में भी हलचल है. विभाग का कहना है कि लोगों को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए अभियान के तहत जांच और कार्रवाई जारी रहेगी.