IAS शिखर अग्रवाल को किया APO, प्रशासनिक कारणों से लिया गया फैसला
राजस्थान में वरिष्ठ IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल को APO कर दिया गया है. कार्मिक विभाग ने आदेश जारी किया. वे उद्योग, MSME विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ DMIC, विशेष निवेश संवर्धन ब्यूरो और RIICO की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे.
राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी से बड़ी खबर सामने आई है. वरिष्ठ IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल को APO कर दिया गया है. कार्मिक विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किया है. उन्हें प्रशासनिक कारणों से APO किया गया है.
इन पदों की संभाल रहे थे जिम्मेदारी
शिखर अग्रवाल 1993 बैच के IAS अधिकारी हैं. वे वर्तमान में उद्योग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर तैनात थे. इसके साथ ही वे दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर (DMIC), विशेष निवेश संवर्धन ब्यूरो और RIICO के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त जिम्मा भी संभाल रहे थे. विला और कॉटेज खरीदने के मामले में भी शिखर अग्रवाल सुर्खियों में आए थे.
राजस्थान सरकार ने वरिष्ठ IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल को APO कर दिया है. कार्मिक विभाग ने 28 अक्टूबर को आदेश जारी कर उन्हें आगामी पदस्थापन आदेशों तक प्रतीक्षा में रखने के निर्देश दिए हैं. आदेश में इसके पीछे प्रशासनिक कारण बताए गए हैं. शिखर अग्रवाल 1993 बैच के राजस्थान कैडर के IAS अधिकारी हैं. उनके पास राज्य सरकार के कई महत्वपूर्ण विभागों और संस्थानों की जिम्मेदारी थी. ऐसे में उनके APO किए जाने के फैसले की चर्चा हो रही है.
निवेश और औद्योगिक परियोजनाओं से जुड़े थे कई पद
शिखर अग्रवाल दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर (DMIC) से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे. इसके अलावा वे भिवाड़ी इंटीग्रेटेड विकास प्राधिकरण में विशेषाधिकारी के पद पर कार्यरत थे. उनके पास राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रवासी राजस्थानी कार्य विभाग और निवेश संवर्धन ब्यूरो से जुड़े दायित्व भी थे.
महत्वपूर्ण विभागों की संभाल रहे थे जिम्मेदारी
शिखर अग्रवाल उद्योग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत थे. इसके अलावा उनके पास राजकीय उपक्रम विभाग और विनियोजन विभाग की जिम्मेदारी भी थी. वे राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (RIICO) के अध्यक्ष और राजस्थान लघु उद्योग निगम (राजसीको) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भी थे.
नई पोस्टिंग का इंतजार
APO किए जाने के बाद शिखर अग्रवाल को नई नियुक्ति के आदेश का इंतजार करना होगा. सरकार उन्हें आगे किस विभाग या पद की जिम्मेदारी सौंपती है, यह नए आदेश के बाद ही स्पष्ट होगा. फिलहाल, उनके APO किए जाने के पीछे सरकार की ओर से प्रशासनिक कारणों के अलावा किसी अन्य वजह की पुष्टि नहीं की गई है.
संपत्ति संबंधी चर्चाओं के बीच आया आदेश
शिखर अग्रवाल की संपत्ति को लेकर पहले कुछ मीडिया रिपोर्ट्स सामने आई थीं, जिनके बाद वे चर्चा में रहे थे. हालांकि, कार्मिक विभाग के 28 अक्टूबर के आदेश में संपत्ति से जुड़े किसी आरोप, जांच या कार्रवाई का उल्लेख नहीं है. आदेश में केवल प्रशासनिक कारण बताए गए हैं. इसलिए उनके APO को संपत्ति संबंधी चर्चाओं से जोड़ने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.