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हनुमानगढ़ में सिंचाई पानी को लेकर बवाल: किसान बोले- 8 बारी चाहिए, अधिकारी बोले- 5 ही संभव

हनुमानगढ़ में इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) के प्रथम चरण में रबी फसलों के लिए सिंचाई पानी के रेगुलेशन को लेकर जल परामर्शदात्री समिति की बैठक बेनतीजा रही. जनप्रतिनिधियों और किसान नेताओं ने बिजाई से पकाव तक 8 बारी पानी देने की मांग की, जबकि अधिकारियों ने उपलब्धता के आधार पर अधिकतम 5 बारी देने की बात कही. सहमति नहीं बनने पर जनप्रतिनिधि और किसान नेता बैठक से बाहर निकल गए और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सूरतगढ़ दौरे के विरोध की बात कही.

हनुमानगढ़ में सिंचाई पानी को लेकर बवाल: किसान बोले- 8 बारी चाहिए, अधिकारी बोले- 5 ही संभव
Image Credit: हनुमानगढ़ में इंदिरा गांधी नहर परियोजना

Hanumangarh News: राजस्थान के हनुमानगढ़ में इंदिरा गांधी नहर परियोजना के प्रथम चरण में रेगुलेशन निर्धारित करने के लिए शनिवार को चीफ इंजीनियर कार्यालय में हुई जल परामर्शदात्री समिति की हुई बैठक बेनतीजा रही. जनप्रतिनिधियों और किसान नेताओं ने रबी फसलों की बिजाई से लेकर पकाव तक 8 बारी सिंचाई पानी देने की मांग की.

5 बारी पानी के प्रस्ताव पर नहीं बनी सहमति 
अधिकारियों ने पानी कम होने का हवाला देते हुए अधिकतम 5 बारी देने पर सहमति जताई. फिर जनप्रतिनिधि और किसान बैठक का बहिष्कार चले गए. चीफ इंजीनियर एवं अतिरिक्त सचिव पश्चिम जल संसाधन जयपुर अमरजीत सिंह मेहरड़ा की अध्यक्षता में हुई बैठक में कांग्रेस सांसद कुलदीप इंदौरा, सूरतगढ़ विधायक डूंगरराम गेदर, अनूपगढ़ विधायक शिमला नायक, रायसिंहनगर विधायक सोहन नायक ने कहा कि सरसों सहित अन्य फसलों की बिजाई के लिए 4 में से दो समूह में दो बारी दी जाए.

पकाव तक 8 बारी पानी की मांग 
पकाव तक 6 बारी और दी जाए. इस पर चीफ इंजीनियर एवं अतिरिक्त सचिव अमरजीत मेहरड़ा ने कहा कि बीबीएमबी की ओर से आबंटित शेयर के अनुसार तो अधिकतम 3 बारी दी जा सकती है. बेटर इनफ्लो 45 प्रतिशत मानते हुए अधिकतम 5 बारी दे सकते हैं. इस पर जनप्रतिनिधि और किसान नेता सहमत नहीं हुए.

प्रथम चरण का पानी दूसरे चरण में देने का आरोप
अमित कोचर, गुरविंद्र जाखड़ सहित कई किसान नेताओं ने आईजीएनपी के प्रथम चरण का पानी द्वितीय चरण में देने का भी आरोप लगाया. इसको विभागीय अधिकारियों ने नकारते हुए निर्धारित वाटर अलाउंस के अनुसार ही पानी चलाने की बात कही. बैठक में सांसद, विधायकों और किसान नेताओं ने कहा कि रबी फसल की बिजाई के लिए आईजीएनपी की नहरों को चार में से 2 समूह में चलाकर दो बारी दी जाए.

पानी की उपलब्धता के आधार पर तय होगा रेगुलेशन
फसलों की बिजाई हो जाएगी तो फिर पानी मिलेगा तो पक जाएगी. इस पर अधिकारियों ने कहा कि पानी की उपलब्धता के अनुसार ही रेगुलेशन का निर्धारण होता है. अधिकारियों ने कहा कि 9 लाख 62 हजार क्यूसेक पानी आईजीएनपी के लिए तय हुआ है. 45% बेटर इनफ्लो मान लेते हैं, फिर भी दो बारी चार में से दो समूह में देना संभव नहीं है.

बैठक से बाहर निकले किसान 
सांसद कुलदीप इंदौरा और विधायकों ने कहा कि 5 बारी से तो सरसों की बिजाई कर पकाया नहीं जा सकता. विधायकों और किसान प्रतिनिधियों ने अधिकारियों पर प्रथम चरण के किसानों के साथ खिलवाड़ का आरोप लगाया, कहा कि आईजीएनपी के प्रथम चरण के लिए 58 प्रतिशत और द्वितीय चरण के लिए 42% शेयर तय है. इसके बावजूद द्वितीय चरण को ज्यादा पानी दिया जा रहा है. खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है. किसानो ने नाराज होकर बैठक से बाहर निकलते हुए कहा कि हम मुखमंत्री भजनलाल शर्मा के सूरतगढ़ दौरे का विरोध करेंगे.

Report- Kuldeep Sharma
 

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About the Author

Sneha Aggarwal

Sneha Aggarwal

मैं स्नेहा अग्रवाल जी राजस्थान न्यूज में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हूं और राजस्थान से जुड़ी हर बड़ी से बड़ी और छोटी से छोटी न्यूज़ पर पकड़ रखती हूं. क्राइम और कल्चर की खबरों में दिलचस्पी है. मुझे डिजिटल मीडिया का करीब 4 साल का साल का अनुभव है. इससे पहले मैं ZeeBihar में अपनी सेवाएं दे चुकी हूं. 4 साल के जर्नलिज्म करियर में लोकल, क्राइम, हेल्थ, एंटरटेनमेंट, वायरल और लाइफस्टाइल बीट पर काम किया है. मैंने यहां पर राजस्थान विधानसभा चुनाव, पंचायत चुनाव, ऑपेरशन सिंदूर समेत कई बड़े ईवेंट्स कवर किए हैं.
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