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क्या CJP के समर्थन में आए हनुमान बेनीवाल? CJP प्रवक्ता 'दीपक बालियान' की हिरासत पर उठाए सवाल, आशुतोष रांका ने भी राजस्थान पुलिस को दी चेतावनी!

Deepak Balyan CJP spokesperson : राजस्थान पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता दीपक बालियान को 10 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले अलवर स्थित उनके घर से देर रात हिरासत में लिया. अब इस पर नागौर सांसद और RPL के प्रमुख हनुमान बेनीवाल खुलकर सामने आ गए हैं! उन्होंने सीजेपी के प्रवक्ता दीपक बालियान को आधी रात उनके घर से हिरासत में लेने पर राजस्थान पुलिस से सवाल उठाया है. पढ़ें पूरी खबर, वो भी विस्तार से...

क्या CJP के समर्थन में आए हनुमान बेनीवाल? CJP प्रवक्ता 'दीपक बालियान' की हिरासत पर उठाए सवाल, आशुतोष रांका ने भी राजस्थान पुलिस को दी चेतावनी!
Image Credit: Deepak Balyan (X)

Hanuman Beniwal says on Deepak Balyan Detention: राजस्थान में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता दीपक बालियान को हिरासत में लेने का मामला तूल पकड़ गया. अलवर में पुलिस देर रात करीब 10 बजे दीपक को उनके घर से अपने साथ ले गई. हालांकि, अगले दिन सुबह करीब 7 बजे पुलिस उन्हें वापस घर छोड़ गई. इस कार्रवाई पर CJP के सह-संस्थापक आशुतोष रांका ने नाराजगी जताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी थी. वहीं, नागौर सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए. ऐसे में सवाल है कि दीपक बालियान कौन हैं, पुलिस उन्हें कहां ले गई और इस पूरे मामले में बेनीवाल ने क्या कहा?

कौन हैं दीपक बालियान, पुलिस ने कब लिया हिरासत में?
दीपक बालियान कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता और संगठन के प्रमुख सदस्यों में शामिल हैं. CJP के मुताबिक, 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले राजस्थान समेत अलग-अलग राज्यों में उसके सदस्यों और वॉलंटियर्स को जबरन हिरासत में लिया जा रहा था. इसी क्रम में राजस्थान पुलिस देर रात करीब 10 बजे अलवर स्थित दीपक के घर पहुंची और उन्हें अपने साथ ले गई. आशुतोष रांका ने दावा किया कि दीपक को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 151 के तहत शांति भंग की आशंका में हिरासत में लिया गया. उन्होंने सवाल उठाया कि जब दीपक अपने घर पर थे, तो उनके खिलाफ ऐसी कार्रवाई क्यों की गई?
 

100 किलोमीटर तक घुमाने का दावा, रांका ने दी थी चेतावनी
दीपक को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आने के बाद आशुतोष रांका ने समर्थकों से कठूमर पुलिस स्टेशन पहुंचने की अपील की थी. उन्होंने राजस्थान पुलिस से दीपक को तत्काल रिहा करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि ऐसा नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा. रांका ने इसे गलत कार्रवाई बताते हुए लिखा था कि अब याचना नहीं, रण होगा.  CJP की जानकारी के मुताबिक, अगले दिन सुबह करीब 7 बजे पुलिस ने दीपक को उनके घर छोड़ दिया. इसके बाद रांका ने दावा किया कि पुलिस दीपक को करीब 100 किलोमीटर तक घुमाती रही, लेकिन आखिरकार उन्हें घर वापस छोड़ना पड़ा. उन्होंने कहा कि कुछ हदें पार नहीं की जानी चाहिए.

हनुमान बेनीवाल ने क्या कहा?
दीपक बालियान की हिरासत पर हनुमान बेनीवाल ने भी नाराजगी जताई. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि CJP के को-इंचार्ज दीपक बालियान को कठूमर पुलिस द्वारा हिरासत में लेना राजस्थान पुलिस की हठधर्मिता है. बेनीवाल ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करना हर नागरिक का अधिकार है और प्रदर्शन से पहले किसी को हिरासत में लेना लोकतांत्रिक व्यवस्था का अपमान है. उन्होंने पुलिस के उच्च अधिकारियों से मामले में संज्ञान लेकर दीपक को तत्काल रिहा करने की मांग की. हालांकि, बेनीवाल के बयान को CJP के औपचारिक समर्थन के बजाय दीपक की हिरासत और लोकतांत्रिक अधिकारों के मुद्दे पर पुलिस कार्रवाई की आलोचना के रूप में देखा जाना चाहिए.


पुलिस ने मामले को लेकर दी जानकारी
कठूमर के रात्रि ड्यूटी अधिकारी ASI उमरुद्दीन ने बताया कि दिल्ली में BNSS की धारा 163 लागू होने के मद्देनजर देर रात दीपक बालियान को समझाइश की गई थी. ASI उमरुद्दीन के मुताबिक, पुलिस ने दीपक को समझाइश दी और BNSS की धारा 172(2) के तहत कार्रवाई करते हुए मेडिकल करवाया. इसके बाद उन्हें उनके घर रवाना कर दिया गया. पुलिस ने दीपक को हिरासत में लेने और उनके साथ मारपीट किए जाने के आरोपों से इनकार किया है. पुलिस के अनुसार, इस संबंध में फैल रही खबरें अफवाह हैं. मामले में निगरानी जारी है.

 

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About the Author

Ansh Raj

Ansh Raj

अंश राज Zee Rajasthan में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. राजस्थान की हर छोटी-बड़ी खबर पर उनकी पैनी नजर रहती है. क्राइम, पॉलिटिक्स और पावर कॉरिडोर से जुड़ी खबरों में उनकी खास दिलचस्पी है. नई चीजों को सीखने की फिराक में रहते हैं. ऑपरेशन सिंदूर से लेकर विधानसभा चुनावों और प्रदेश के दिग्गज नेताओं के हर बड़े बयान तक, अंश राज खबरों की नब्ज पर नजर रखते हैं. हेडलाइन से खेलना, खबर की काट-छांट करना और किसी भी स्टोरी को ज्यादा प्रभावी और रोचक अंदाज में पेश करना उनकी खासियत है. खबर को सिर्फ लिखना नहीं, बल्कि उसे बेहतर तरीके से पैकेज कर दर्शकों तक पहुंचाना उनके काम का अहम हिस्सा है.  डिजिटल मीडिया में करीब 3 साल का अनुभव रखने वाले अंश राज इससे पहले Zee Uttar Pradesh/Uttarakhand और Zee Bharat के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म में मास्टर्स किया है. खबरों की गंध को सबसे पहले पहचानना, उसकी तह तक पहुंचना और उसे सबसे पहले, सबसे तेज और सबसे बेहतर तरीके से दर्शकों तक पहुंचाना... यही अंश राज की पहचान है.
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