पूर्व जिला जज को बनाया निशाना: 50 करोड़ के हवाला केस में फंसाने की धमकी, डिजिटल अरेस्ट कर 2.5 करोड़ की ठगी
Digital Arrest Scam: जयपुर में 90 वर्षीय पूर्व जिला जज गणपत सिंह भंडारी को फर्जी CBI और RBI अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट करने और करीब 2.5 करोड़ रुपए की ठगी का मामला सामने आया है. ज्योति नगर थाना पुलिस ने करीब 2,000 किलोमीटर तक पीछा कर असम के मनकाचार से 26 वर्षीय राहुल हुसैन को गिरफ्तार किया. पुलिस के अनुसार, करीब 28 लाख रुपए उसके बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे.
Rajasthan Crime News: राजस्थान की राजधानी जयपुर में साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है. साइबर ठगों ने 90 वर्षीय पूर्व जिला जज गणपत सिंह भंडारी को CBI और RBI अधिकारी बनकर डराया और करीब 2.5 करोड़ रुपए अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए. जयपुर की ज्योति नगर थाना पुलिस ने ठगी की रकम ठिकाने लगाने के लिए बैंक खाता मुहैया कराने के आरोपी राहुल हुसैन को असम के मनकाचार से गिरफ्तार किया है. पुलिस ने ठगी से जुड़े कुछ बैंक खातों में जमा 42 लाख रुपए होल्ड करवाए हैं.
फर्जी CBI अधिकारी बनकर किया वीडियो कॉल
जयपुर दक्षिण के डीसीपी राजर्षि राज के मुताबिक, पीड़ित के भांजे रविंद्र सिंह मोहनोत ने 12 अगस्त 2026 को ज्योति नगर थाने में मामला दर्ज करवाया था. शिकायत के अनुसार, 28 जुलाई को गणपत सिंह भंडारी के पास अनजान नंबर से वीडियो कॉल आया. कॉल करने वाला पुलिस की वर्दी में था और उसने खुद को CBI अधिकारी बताया. आरोपी ने मुंबई में 50 करोड़ रुपए के हवाला ट्रांजेक्शन में नाम आने की बात कहकर बुजुर्ग को डराया. इसके बाद दूसरे नंबर से कॉल आया. कॉल करने वाले ने खुद को RBI अधिकारी बताया और पीड़ित के म्यूचुअल फंड से जुड़ी जानकारी जुटाई.
परिवार को बताने से किया मना
साइबर ठगों ने बुजुर्ग को मुंबई ले जाकर पूछताछ करने की धमकी दी और परिवार के सदस्यों को इस बारे में बताने से मना किया. डर और दबाव में पीड़ित ने कई बार में करीब 2.5 करोड़ रुपए अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए.
2000 किमी पीछा कर असम से पकड़ा आरोपी
जांच में सामने आया कि ठगी की रकम सैकड़ों बैंक खातों में अलग-अलग स्तर पर ट्रांसफर हुई. बैंक स्टेटमेंट की जांच में करीब 28 लाख रुपए राहुल हुसैन के खाते में आने की जानकारी मिली. पुलिस के अनुसार, आरोपी ने चेक के जरिए रकम निकाली थी. पुलिस ने उसे असम के मनकाचार से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर जयपुर लाया. अब उससे पूछताछ जारी है.
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डिजिटल अरेस्ट के मामलों में कितनी कार्रवाई?
सुप्रीम कोर्ट में पेश I4C की रिपोर्ट के अनुसार, डिजिटल अरेस्ट से जुड़ी शिकायतें राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर 2024 में 1,23,672 थीं. 2025 में इनकी संख्या घटकर 58,239 रही, जबकि 30 जून 2026 तक 16,377 शिकायतें दर्ज हुईं. CBI ने डिजिटल अरेस्ट से जुड़े 10 मामले दर्ज किए हैं. एक जांच में 238 पीड़ितों, 67 बैंक खातों और करीब 80 करोड़ रुपए के लेनदेन की जानकारी मिली.
इस जांच के सिलसिले में 16 राज्यों में 93 स्थानों पर तलाशी ली गई. अलग से, साइबर ठगी की रकम लौटाने की व्यवस्था के तहत 36,290 मामलों में कुल 18.05 करोड़ रुपए की वापसी पूरी होने की जानकारी दी गई है. यह आंकड़ा केवल डिजिटल अरेस्ट मामलों का नहीं, बल्कि संबंधित व्यापक रकम-वापसी व्यवस्था का है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति खुद को पुलिस, CBI या RBI अधिकारी बताकर वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी की धमकी दे तो पैसे ट्रांसफर न करें. ऐसी ठगी की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें.