App

राजस्थान में सरकारी जमीन पर गांजे की खेती: 49,172 पौधे जब्त, कीमत 73 करोड़ रुपये बताई

राजस्थान के सीकर जिले के कांवट कस्बे में जयपुर-शाहपुरा मार्ग के पास सरकारी भूमि पर गांजे की अवैध खेती का मामला सामने आया है. पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की संयुक्त कार्रवाई में 49,172 पौधे जब्त किए गए हैं. इनकी बाजार कीमत करीब 73 करोड़ रुपये बताई जा रही है. करीब दो हेक्टेयर भूमि पर खेती की गई थी. खास बात यह है कि पिछले साल भी इसी जगह से गांजे के पौधे नष्ट करवाए गए थे. अब पुलिस अवैध खेती करने वालों की पहचान करने में जुटी है.

राजस्थान में सरकारी जमीन पर गांजे की खेती: 49,172 पौधे जब्त, कीमत 73 करोड़ रुपये बताई
Image Credit: Rajasthan News

राजस्थान के सीकर जिले में सरकारी भूमि पर गांजे की अवैध खेती का मामला सामने आया है. थोई थाना क्षेत्र के कांवट कस्बे में जयपुर-शाहपुरा मार्ग के पास करीब दो हेक्टेयर जमीन पर गांजे के पौधे उगाए गए थे. पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की संयुक्त कार्रवाई में 49,172 पौधे जब्त किए गए हैं. इनकी बाजार कीमत करीब 73 करोड़ रुपये बताई जा रही है. सरकारी जमीन पर इतने बड़े पैमाने पर अवैध खेती मिलने के बाद निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं.

सड़क किनारे सरकारी जमीन पर उगाए थे गांजे के पौधे

यह मामला सीकर जिले के कांवट कस्बे का है. यहां जयपुर-शाहपुरा मार्ग के पास सरकारी भूमि पर गांजे की खेती की जा रही थी. कार्रवाई के दौरान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और पुलिस की टीम ने मौके से 49,172 पौधे जब्त किए. बताई गई जानकारी के अनुसार, करीब दो हेक्टेयर भूमि पर गांजे के पौधे उगाए गए थे. जब्त पौधों की बाजार कीमत करीब 73 करोड़ रुपये बताई जा रही है. हालांकि, इस मामले में अवैध खेती करने वाले लोगों की पहचान अभी सामने नहीं आई है.

अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

इस मामले में थोई थाना अधिकारी नेकी राम ने अज्ञात लोगों के खिलाफ अवैध रूप से गांजे की खेती करने का मामला दर्ज करवाया है. मामले की जांच श्रीमाधोपुर थाना अधिकारी दिनेश कुमार को सौंपी गई है. अब जांच के दौरान यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि सरकारी भूमि पर गांजे की खेती किसने की थी और इसमें कौन-कौन शामिल है. पुलिस की जांच में अवैध खेती से जुड़े लोगों की पहचान और इस गतिविधि के पीछे की परिस्थितियां सामने आ सकेंगी.

पिछले साल भी इसी जगह से नष्ट करवाए गए थे पौधे

कांवट में गांजे की खेती का मामला पहली बार सामने नहीं आया है. जानकारी के अनुसार, पिछले साल ग्रामीणों की शिकायत के बाद प्रशासन ने इसी जगह से जेसीबी की मदद से गांजे के पौधों को नष्ट करवाया था. इसके बावजूद उसी क्षेत्र में दोबारा गांजे की खेती मिलने से सरकारी जमीन की निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं. पहले कार्रवाई होने के बाद भी वहां दोबारा खेती कैसे शुरू हुई, यह जांच का अहम पहलू है.

सरकारी भूमि की निगरानी पर उठे सवाल

सरकारी जमीन पर करीब दो हेक्टेयर क्षेत्र में गांजे की खेती का मामला प्रशासनिक निगरानी और अवैध कब्जों पर नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है. खास बात यह है कि इस स्थान पर पहले भी कार्रवाई की जा चुकी थी.अब पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि अवैध खेती कब शुरू हुई, इसके लिए जमीन का इस्तेमाल किसने किया और पहले पौधे नष्ट किए जाने के बावजूद दोबारा खेती कैसे हुई. फिलहाल पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

Add Zee News as a Preferred Source

About the Author

Ashok Singh Shekhawat

Ashok Singh Shekhawat

अशोक सिंह शेखावत सीकर (राजस्थान) निवासी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जो पिछले 23 से अधिक वर्षों से प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में सक्रिय हैं। वर्तमान में वे ज़ी राजस्थान में सीकर जिला ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं।विज्ञान, विधि (LL.B.), फार्मास्यूटिकल्स और पत्रकारिता (BJMC) में बहु-विषयक शिक्षा प्राप्त शेखावत जी ने अपने करियर की शुरुआत राजकीय अस्पताल, झुंझुनूं में 7 वर्षों तक बतौर फार्मासिस्ट की थी। इसके बाद उन्होंने मीडिया क्षेत्र में कदम रखते हुए राजस्थान पत्रिका, इंडिया टुडे और ईटीवी राजस्थान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में लंबे समय तक अपनी सेवाएँ दीं।सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (DIPR, राजस्थान) से अधिस्वीकृत पत्रकार (संख्या: 1410) के रूप में उन्हें रक्षा व शहीद परिवारों के कल्याण, स्वास्थ्य-चिकित्सा और क्षेत्रीय राजनीति की सटीक व संवेदनशील रिपोर्टिंग के लिए जाना जाता है। निष्पक्ष पत्रकारिता और सामाजिक सरोकारों के लिए वे सीकर व झुंझुनूं जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित भी हो चुके हैं।
Read More