छोटे कारोबारियों की बल्ले-बल्ले? हर महीने ₹3000 पेंशन देने की उठी मांग, जानिए केंद्र को भेजा गया क्या है नया प्रस्ताव
खाद्य व्यापारियों ने केंद्र सरकार से खाद्य पदार्थों को जीएसटी मुक्त करने, देशभर में 0.50% समान मंडी सेस लागू करने और छोटे कारोबारियों को 3000 रुपए मासिक पेंशन देने की मांग की है.
खाद्य कारोबार से जुड़े व्यापारियों ने केंद्र सरकार के सामने कई अहम मांगें रखी हैं. इनमें खाद्य पदार्थों को जीएसटी से पूरी तरह मुक्त करने, देशभर में मंडी सेस की दर एक समान रखने और छोटे व्यापारियों को हर महीने 3000 रुपए पेंशन देने की मांग शामिल है. फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया फूड एंड ड्रग्स एसोसिएशन (FAIFDA) की राष्ट्रीय बैठक में इन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई. बैठक में देश के 18 प्रांतों से आए प्रतिनिधियों ने खाद्य व्यापार की मौजूदा समस्याओं और कारोबार को आसान बनाने के लिए जरूरी बदलावों पर अपने विचार रखे.
खाद्य पदार्थों को जीएसटी से बाहर रखने की मांग
राष्ट्रीय बैठक में सबसे ज्यादा जोर खाद्य पदार्थों पर लगने वाले जीएसटी को खत्म करने पर दिया गया. प्रतिनिधियों ने मांग की कि खाद्य वस्तुओं को जीएसटी की शून्य श्रेणी में रखा जाए. उनका कहना था कि भोजन हर व्यक्ति की बुनियादी जरूरत है. ऐसे में खाद्य सामग्री पर कर का बोझ कारोबारियों के साथ आम उपभोक्ताओं को भी प्रभावित करता है.
बैठक में कपास और खाद्य तेलों पर जीएसटी में राहत देने का विषय भी उठाया गया. इसके अलावा जिन्निंग फैक्ट्रियों को जीएसटी के दायरे में रजिस्टर्ड करने की मांग रखी गई. प्रतिनिधियों ने कहा कि इन मुद्दों पर सरकार को व्यापार और उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखकर निर्णय लेना चाहिए.
पूरे देश में 0.50 प्रतिशत मंडी सेस लागू करने का प्रस्ताव
व्यापारियों ने मंडी सेस की अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग दरों को कारोबार के लिए परेशानी का कारण बताया. प्रतिनिधियों की मांग है कि पूरे देश में मंडी सेस की एक समान व्यवस्था लागू की जाए. इसके लिए अधिकतम 0.50 प्रतिशत मंडी सेस निर्धारित करने का प्रस्ताव रखा गया.
बैठक में कहा गया कि अलग-अलग राज्यों में सेस की दरें अलग होने से व्यापारियों को आर्थिक नुकसान और प्रक्रियागत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. खासकर एक राज्य से दूसरे राज्य में खाद्य वस्तुओं का कारोबार करने वालों के लिए यह समस्या अधिक होती है. समान दर लागू होने से व्यापारिक गतिविधियों को सरल बनाया जा सकेगा.
छोटे व्यापारियों को मिले 3000 रुपए मासिक पेंशन
बैठक में छोटे व्यापारियों के भविष्य और सामाजिक सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया. प्रतिनिधियों ने मांग की कि छोटे कारोबारियों को हर महीने 3000 रुपए पेंशन दी जाए. उनका कहना था कि छोटे व्यापारी देश की अर्थव्यवस्था और खाद्य आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम योगदान देते हैं. इसलिए बुढ़ापे में उनकी आर्थिक सुरक्षा के लिए पेंशन की व्यवस्था होनी चाहिए.
केंद्र सरकार तक पहुंचाई जाएंगी मांगें
राष्ट्रीय बैठक में सभी मांगों को केंद्र सरकार तक पहुंचाने और खाद्य व्यापार से जुड़ी नीतियों में जरूरी बदलाव कराने पर सहमति जताई गई. प्रतिनिधियों का मानना है कि जीएसटी में राहत और मंडी सेस की समान दर से व्यापारियों को सहूलियत मिलेगी. इससे खाद्य कारोबार की प्रक्रिया आसान होगी और आम उपभोक्ताओं को भी राहत मिलने की उम्मीद है.