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पटना के ज्ञान भवन में पीएम किसान उत्सव दिवस के अवसर पर राज्यस्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शामिल हुए. इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव, लघु जल संसाधन मंत्री संतोष सुमन, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार और कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा समेत कई मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे. राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े.
पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त के तहत देश के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में 18,680 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की गई. वहीं, बिहार के 73 लाख से अधिक किसान परिवारों के खाते में 1,476 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी गई. इसके साथ ही कृषि अवसंरचना कोष के तहत विकसित 521 इकाइयों को राष्ट्र को समर्पित किया गया और 12 हॉर्टिकल्चर क्लस्टर्स का शुभारंभ किया गया.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने को सरकार की प्राथमिकता बताया. उन्होंने कहा कि बिहार में करीब 90 लाख किसानों को किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है. पिछले 7-8 वर्षों में किसानों के खाते में 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी गई है. मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए 270 करोड़ रुपये जारी किए जाने की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि खेतों में जमा बालू और गाद हटाने के लिए भी किसानों को आर्थिक सहायता दी जाएगी. इसके लिए सभी जिलाधिकारियों से प्रभावित खेतों की रिपोर्ट मांगी गई है. बिहार में पहली बार किसानों के लिए गाद नीति बनाई गई है, ताकि बाढ़ के बाद खेतों को दोबारा खेती योग्य बनाया जा सके.
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में दूध उत्पादन 25 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़कर 32 लाख लीटर प्रतिदिन हो गया है. अगले तीन वर्षों में इसे बढ़ाकर 50 लाख लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य है. उन्होंने किसानों को बेहतर बाजार, एमएसपी और गन्ना उद्योग के माध्यम से अधिक लाभ दिलाने की बात कही. साथ ही बेमौसम बारिश से फसलों को हुए नुकसान का आकलन कर प्रभावित किसानों को जल्द मुआवजा देने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा के समय बिहार सरकार किसानों के साथ खड़ी है और मुआवजे के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध है.
रिपोर्ट: शिवम राज