जयपुर में आज फिर टूटेगा लंकेश का घमंड: रावण की आंखों से निकलेंगे शोले, आग के गोलों से होगा लंकापति का अंत
जयपुर में विजयादशमी पर आदर्श नगर में 105 फीट और विद्याधर नगर में 120 फीट के रावण का दहन होगा. शहर में भव्य आतिशबाजी के साथ रामलीला मैदान और खोले के हनुमानजी मंदिर में भी आयोजन होंगे. चांदपोल के रामचंद्रजी मंदिर में ऐतिहासिक शस्त्रों की पूजा होगी.
जयपुर में विजयादशमी पर दशहरा महोत्सव की भव्य तैयारियां हैं. शहर में अलग-अलग स्थानों पर 2 से 120 फीट तक के रावण के पुतलों का दहन किया जाएगा. आदर्श नगर में 105 फीट और विद्याधर नगर स्टेडियम में 120 फीट के रावण का दहन आकर्षण का केंद्र रहेगा. इस दौरान रंगीन आतिशबाजी, अग्निचक्र और पटाखों के बीच बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया जाएगा. वहीं, चांदपोल बाजार स्थित श्रीरामचंद्रजी मंदिर में रियासतकालीन परंपरा के अनुसार ऐतिहासिक शस्त्रों का पूजन होगा.
आदर्श नगर में 105 फीट का रावण, मुख्यमंत्री होंगे मुख्य अतिथि
आदर्श नगर दशहरा मैदान में शाम 7:30 बजे रावण दहन होगा. यहां 105 फीट के रावण के साथ 90 फीट के कुंभकर्ण के पुतले का भी दहन किया जाएगा. महोत्सव में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुख्य अतिथि होंगे. दोपहर 3 बजे राम मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकलेगी. इसके बाद श्रीराम के अग्निबाण से दशानन का दहन किया जाएगा.
रावण दहन के दौरान आंखों से शोले, मुंह से आग के गोले और नाभि व सिर पर अग्निचक्र घूमते नजर आएंगे. तलवार से चिंगारियां निकलेंगी. करीब 200 तरह के पटाखों के बीच आतिशबाजी का आयोजन होगा. आसमान में स्टार वार और नियाग्रा फॉल जैसा नजारा दिखाने के साथ हवाई मछलियां, ऑक्टोपस, धूमकेतु और सतरंगी गुलदस्ते भी आकर्षण बनेंगे.
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विद्याधर नगर में 120 फीट के रावण का दहन
विद्याधर नगर स्टेडियम में रात 10 बजे 120 फीट के रावण का दहन होगा. यहां करीब 40 मिनट तक आसमान में सतरंगी आतिशबाजी दिखाई देगी. वहीं, रामलीला मैदान में 51 फीट के रावण का दहन किया जाएगा. खोले के हनुमानजी मंदिर में रात 9 बजे 40 फीट के रावण का पुतला जलाया जाएगा. मानसरोवर, मालवीय नगर और जगतपुरा में भी दशहरा महोत्सव आयोजित होंगे. रावण मंडी में पुतलों की खरीदारी को लेकर रौनक बढ़ गई है.
चांदपोल के रामचंद्रजी मंदिर में होगा ऐतिहासिक शस्त्र पूजन
दशहरे पर चांदपोल बाजार स्थित श्रीरामचंद्रजी मंदिर में ठाकुरजी का राजसी दरबार सजेगा. यहां साल में केवल एक दिन मंदिर का शस्त्रागार खुलता है और विजयादशमी पर सदियों पुराने शस्त्र बाहर निकालकर उनकी पूजा की जाती है. शाम 6 बजे महंत परिवार वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शस्त्र पूजन करेगा. इसके बाद आकर्षक हवाई आतिशबाजी होगी.
144 साल पुराना चांदी का धनुष बनेगा आकर्षण
मंदिर में 10 किलो वजनी चांदी का धनुष विशेष आकर्षण रहेगा. तीन फीट लंबे इस धनुष को वर्ष 1882 में माजी साहब गुलाब कंवर ने भेंट किया था. इसके अलावा आठ किलो वजनी दोधारी खड्ग और पांच किलो चांदी की तलवार की पूजा होगी. चांदी की तलवार जयपुर नरेश माधोसिंह ने भेंट की थी.
सूर्य चिह्न वाली ऐतिहासिक काठ की बंदूक, 10 फीट लंबा भाला और सिंहमुख गदा भी पूजन का हिस्सा होंगे. धनुष-बाण, तलवार, कटार, फरसा और गदा से ठाकुरजी का दरबार सजाया जाएगा. ठाकुरजी को विशेष राजसी पोशाक धारण करवाई जाएगी. इस तरह जयपुर में दशहरा रावण दहन, रंगीन आतिशबाजी और ऐतिहासिक शस्त्र पूजन की परंपराओं के साथ मनाया जाएगा.