)
धौलपुर की पंचायत चुनावी चौसर पर जब सरपंची के दावेदार अपनी-अपनी बिसात बिछा रहे हैं, तब एक प्रत्याशी ने सबसे रंगीन चाल चली. प्लान था, महिलाओं को डिजाइनर साड़ी और पुरुषों को रॉयल साफा. साड़ी पहनाकर लेडीज वोट पक्का और साफा बांधकर जेंट्स वोट लॉक. लेकिन ये चमक-दमक वाला फॉर्मूला चलता, उससे पहले ही पुलिस ने सारा हिसाब बिगाड़ दिया.
पंचायत चुनाव में न नोट चलेगा, न गिफ्ट बंटेगा
एसपी विकास सांगवान का आदेश एकदम क्लियर है, इस बार पंचायत चुनाव में न नोट चलेगा, न गिफ्ट बंटेगा, सिर्फ निष्पक्ष वोट पड़ेगा. इसी मिशन पर एएसपी वैभव शर्मा के पर्यवेक्षण और सीओ सिटी प्रदीप कुमार के सुपरविजन में टीमें गांव-गांव में नजर गड़ाए हुए हैं. इसी दौरान सदर थानाधिकारी अमित कुमार को पुख्ता सूचना मिली कि अल्हेपुरा रोड पर एक सफेद बोलेरो में मतदाताओं को लुभाने वाला खजाना भरकर ले जाया जा रहा है.
बोलेरो में मिलीं 836 साड़ियां और 440 साफे
सूचना मिलते ही पुलिस ने फिल्मी अंदाज में घेराबंदी की और बोलेरो नंबर RJ 11 UA 1282 को रोक लिया. गेट खुला तो पुलिस भी देखती रह गई. अंदर ठूंस-ठूंसकर 836 चमचमाती, रंग-बिरंगी साड़ियां और 440 ब्रांडेड साफे भरे हुए थे. मानो कोई चलता-फिरता कपड़ा शोरूम ही गांव की ओर जा रहा हो.
चुनाव से पहले घर-घर बांटने की थी तैयारी
पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह स्टॉक किसी बड़े दावेदार ने खास ऑर्डर पर मंगवाया था. इरादा था कि चुनाव से ठीक पहले घर-घर जाकर साड़ी और साफे का तोहफा देकर वोटरों को भावुक कर दिया जाए. लेकिन पुलिस की इस रेड ने पूरी स्क्रिप्ट का क्लाइमैक्स ही बदल दिया.
गाड़ी और सामग्री जब्त, पर्दे के पीछे के चेहरे की तलाश
पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 106 के तहत पूरी गाड़ी और सामग्री को जब्त कर लिया है. अब बिल, टैग और दुकानदार के जरिए पुलिस उस चेहरे तक पहुंच रही है, जो पर्दे के पीछे से इस पूरे गिफ्ट-गेम को डायरेक्ट कर रहा था.
कार्रवाई के बाद प्रत्याशियों में हड़कंप
इस कार्रवाई में थानाधिकारी अमित कुमार के साथ हेड कांस्टेबल गणेश, कांस्टेबल मनोज और चालक खैम सिंह की अहम भूमिका रही. इस एक्शन के बाद जिले भर के प्रत्याशियों में हड़कंप मचा हुआ है. सबके मन में एक ही सवाल है, कहीं अगला नंबर उनका तो नहीं.
Reporter - Bhanu Sharma