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राजस्थान में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है. प्रदेश के पांचों विद्युत निगमों में 2005 पदों पर सीधी भर्ती के लिए परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया गया है. इस भर्ती के तहत कनिष्ठ अभियंता, कनिष्ठ सहायक और कनिष्ठ लेखाकार के पदों पर ऑनलाइन परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी. परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार, परीक्षाओं का सिलसिला नवंबर 2026 से शुरू होकर जनवरी 2027 तक चलेगा.
राजस्थान के पांचों विद्युत निगमों में कनिष्ठ अभियंता (JE) के 869 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन परीक्षा 29 और 30 नवंबर 2026 को आयोजित होगी. इस भर्ती में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा की तैयारी के साथ निर्धारित तारीखों का भी ध्यान रखना होगा.
कनिष्ठ लेखाकार (Junior Accountant) के 371 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन परीक्षा 13 और 15 जनवरी 2027 को आयोजित की जाएगी. परीक्षा राज्य के विभिन्न जिलों में बनाए जाने वाले केंद्रों पर होगी.

कनिष्ठ सहायक (Junior Assistant) के 765 पदों के लिए प्रारंभिक परीक्षा अलग-अलग तारीखों में आयोजित की जाएगी. परीक्षा 4, 5, 8, 19, 20 और 22 दिसंबर 2026 के साथ 1 जनवरी 2027 को होगी.
राजस्थान विद्युत निगम भर्ती में आवेदन करने वाले अभ्यर्थी संबंधित विद्युत निगमों की आधिकारिक वेबसाइट पर परीक्षा कार्यक्रम और अन्य जरूरी दिशा-निर्देश देख सकते हैं. परीक्षा केंद्र, प्रवेश पत्र और परीक्षा से जुड़े अपडेट के लिए अभ्यर्थियों को आधिकारिक सूचना पर नजर रखनी चाहिए.
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जयपुर के जमवारामगढ़ उपखण्ड के जयचन्दपुरा सहित आस-पास के गांवों में बीज की खराबी के चलते खीरे की फसल खराब होने का मामला सामने आया है. अमानक बीज से फसल बर्बाद होने का आरोप लगा रहे किसानों को मुआवजा तो दूर उनकी शिकायत पर सुनवाई तक नहीं हो रही है. खेतों में खड़ी खीरे की फसल चौपट होने से लाखों रुपए का नुकसान झेल रहे किसान अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर है.
किसानों द्वारा राजस्थान संपर्क पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के बावजूद परिवाद कृषि और उद्यान विभाग के बीच ही घूमता रहा. 21 से 23 अक्टूबर के बीच शिकायत पांच बार दोनों विभागों के बीच स्थानांतरित हुई, लेकिन अब तक खेतों का मौका मुआयना तक नहीं किया गया. किसानों ने बताया कि गठवाड़ी, जयचन्दपूरा व चौमू से खीरे का बीज खरीदा गया था. कृषि विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के चलते खाद बीज की दुकानों पर अमानक बीज बेचे जा रहे है.
ग्रामीणों ने कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा मामले में कार्रवाई नहीं करने पर विरोध प्रदर्शन करते हुए मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. मामले में उद्यान विभाग के उपनिदेशक गोपाल मीणा ने मामले की जानकारी नहीं होने की बात कही है. वहीं कृषि विभाग के सहायक निदेशक विस्तार राम रतन स्वामी ने मुख्यालय में रिपोर्ट भेजने की बात कही है.