Dholpur News: चंबल के बीहड़ों में फिल्म की शूटिंग के दौरान बिताए गए कुछ पल अब यादों का हिस्सा बन गए हैं. मई के महीने में जब हॉरर फिल्म 'शक्ति शालिनी' की शूटिंग चल रही थी, तब अभिनेता नाना पाटेकर मुंबई की चकाचौंध से दूर धौलपुर की गलियों और प्राकृतिक नजारों के बीच नजर आए थे. उनका सादा अंदाज और स्थानीय लोगों से मिलने का तरीका लोगों के दिलों में जगह बना गया था.
धौलपुर की प्राकृतिक खूबसूरती और यहां के शांत माहौल को देखकर नाना पाटेकर ने इसकी तारीफ की थी. उन्होंने कहा था कि धौलपुर बहुत खूबसूरत जगह है और यहां आकर दिल को सुकून मिलता है. यहां से जाते समय उन्होंने यह भी कहा था कि मौका मिला तो वह दोबारा जरूर आएंगे, भले ही सड़क किनारे ही क्यों न रुकना पड़े. उनका यह वाक्य अब स्थानीय लोगों के लिए एक खास याद बन गया है.
सादगी से लोगों के दिलों में बनाई जगह
फिल्म के स्थानीय लाइनअप प्रोड्यूसर पप्पू कसांना के मुताबिक, नाना पाटेकर का व्यवहार उनके स्टारडम से बिल्कुल अलग था. वह बेहद सादगी से रहते थे और शूटिंग के दौरान भी आम लोगों से अपनापन रखते थे. स्थानीय लोग उनसे मिलने या तस्वीर खिंचवाने आते, तो वह उन्हें मना नहीं करते थे.

उनकी यही सहजता धौलपुर के लोगों को पसंद आई. फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्होंने जिस तरह लोगों के साथ समय बिताया, उससे उनकी एक अलग छवि सामने आई. आज उनकी धौलपुर यात्रा और यहां कही गई बातें लोगों के लिए यादगार बन गई हैं.
राजघाट पर तैयार किया गया था खास शूटिंग सेट
फिल्म 'शक्ति शालिनी' की शूटिंग के लिए चंबल के राजघाट पर खास इंतजाम किए गए थे. नाना पाटेकर के एक अहम दृश्य को फिल्माने के लिए पत्थरों की मदद से नया घाट तैयार कराया गया था.
इस दृश्य में वह नाव से घाट पर उतरते हैं. इसके बाद तांत्रिक के वेश में गोद में एक बच्चे को लेकर आगे बढ़ते दिखाई देते हैं. फिल्म में उनका किरदार गंभीर और रहस्यमयी तांत्रिक का बताया गया है. इस भूमिका के लिए उनका अलग रूप देखने को मिला.
भूराखेड़ा के बीहड़ों में रात को हुई शूटिंग
फिल्म के कुछ दृश्य भूराखेड़ा के बीहड़ों में रात के अंधेरे में फिल्माए गए थे. बीहड़ों में रात के समय शूटिंग करना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन फिल्म के अहम हिस्सों को यहीं कैमरे में उतारा गया. फिल्म में मुख्य हीरोइन अनीत पड्डा हैं.

धौलपुर के लिए याद बन गया दोबारा आने का वादा
नाना पाटेकर ने धौलपुर की खूबसूरती से प्रभावित होकर यहां दोबारा आने की इच्छा जताई थी. उनका यह कहना कि वह मौका मिलने पर फिर लौटेंगे, स्थानीय लोगों के लिए खास मायने रखता है. अब उनकी धौलपुर यात्रा से जुड़ी बातें और शूटिंग के दौरान बिताए गए पल यादों में दर्ज हैं.
चंबल के बीहड़ों में फिल्माए गए दृश्य फिल्म का हिस्सा बनेंगे लेकिन स्थानीय लोगों के लिए नाना पाटेकर का सादा व्यवहार और धौलपुर की तारीफ हमेशा यादगार रहेगी.
