कांग्रेस ने लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का काम किया, जनता देगी जवाब : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जोधपुर में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के दौरान कांग्रेस पर लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया. उन्होंने ईवीएम और चुनाव आयोग पर कांग्रेस के सवाल उठाने को राजनीतिक स्वार्थ बताया. साथ ही अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता कांग्रेस को जवाब देगी.
Rajasthan News: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को जोधपुर में भाजपा की ओर से आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश में अराजकता फैलाने और संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का काम किया है. लोकतंत्र में जनादेश का सम्मान होना चाहिए, लेकिन कांग्रेस चुनाव हारने पर ईवीएम, चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने लगती है. जहां चुनाव जीतती है, वहां ईवीएम सही और जहां हारती है, वहां ईवीएम खराब बताती है. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को राजनीतिक स्वार्थ के लिए निशाना बनाना उचित नहीं है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार गरीब कल्याण, विकास और देश का गौरव बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है. कांग्रेस कभी सेना के ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाती है तो कभी एसआईआर और चुनाव आयोग को लेकर भ्रम फैलाती है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन बिना प्रमाण संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है.
शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर भी तीखा राजनीतिक हमला बोला. उन्होंने कहा कि गहलोत का अपनी ही पार्टी में प्रभाव कम हो गया है. हाल ही में कांग्रेस की रैली में तीन बार मुख्यमंत्री रहे गहलोत को मंच पर उचित स्थान तक नहीं मिला. उन्होंने गहलोत पर परिवारवाद, भ्रष्टाचार और किसानों के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया. मुख्यमंत्री ने खाद-बीज कारोबार से जुड़े पुराने आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि गहलोत को किसानों की चिंता करने से पहले अपने पुराने कार्यकाल का हिसाब देना चाहिए. उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में पेपर लीक और कथित भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर भी सवाल उठाए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान प्रदेश में राजनीतिक अस्थिरता रही और सरकार लंबे समय तक होटलों में सिमटी रही. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने वन स्टेट, वन इलेक्शन की दिशा में कदम बढ़ाकर निकाय और पंचायत चुनावों की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है, ताकि बार-बार आचार संहिता लगने से विकास कार्य प्रभावित नहीं हों. उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार संकल्प पत्र में किए गए वादों को पूरा कर रही है और युवाओं को चार लाख से अधिक नौकरियां देने के लक्ष्य पर काम कर रही है.
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शर्मा ने कहा कि राजस्थान आज विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में देश में अग्रणी स्थान हासिल कर रहा है. सरकार युवाओं को रोजगार, किसानों को सम्मान, महिलाओं को सशक्त बनाने और गरीबों को पक्के मकान उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने घुसपैठियों के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि देश में अवैध रूप से रह रहे घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बाहर निकालने की कार्रवाई की जानी चाहिए.
उन्होंने वर्ष 1975 के आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस ने उस समय विपक्षी नेताओं को जेल में डालकर प्रेस की स्वतंत्रता और नागरिकों के मौलिक अधिकारों को कुचला था. आज वही पार्टी लोकतंत्र की सबसे बड़ी रक्षक बनने का दावा कर रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को संवैधानिक संस्थाओं के फैसले तभी अच्छे लगते हैं, जब वे उसके पक्ष में आते हैं.
मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं और आमजन से आह्वान किया कि लोकतंत्र की मजबूती और संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान के लिए एकजुट रहें. उन्होंने कहा कि भाजपा विकास और जनसेवा की राजनीति करती है, जबकि कांग्रेस भ्रम और अराजकता फैलाने में लगी है. देश का युवा और जागरूक मतदाता किसी भी प्रकार की अराजकता को सफल नहीं होने देगा. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र बचाना है और अराजकता को हराना है. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी के लिए मुख्यमंत्री ने सभी का आभार जताया.