Churu News: चूरू जिले के तारानगर में नगर पालिका चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज होती जा रही हैं. कांग्रेस और भाजपा में टिकट वितरण को लेकर मंथन का दौर जारी है. इसी बीच संभावित प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं की ओर से टिकट को लेकर नाराजगी भी सामने आने लगी है. अलग-अलग वार्डों में बैठकों का सिलसिला शुरू हो गया है और कुछ दावेदार टिकट नहीं मिलने की स्थिति में निर्दलीय चुनाव लड़ने के संकेत दे रहे हैं.
वार्ड 21 में स्थानीय उम्मीदवार की मांग
ताजा मामला तारानगर नगर पालिका के वार्ड संख्या 21 का है. यहां वार्डवासियों और भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से वर्षा कंदोई गेस्ट हाउस में बैठक आयोजित की गई. बैठक में आगामी चुनाव और संभावित टिकट को लेकर चर्चा हुई. इस दौरान किसी बाहरी व्यक्ति को टिकट दिए जाने की चर्चा पर वार्डवासियों ने विरोध जताया और पार्टी से स्थानीय व्यक्ति को प्रत्याशी बनाने की मांग की.
यह बैठक वर्तमान पार्षद त्रिलोक रेगर की अगुवाई में हुई. उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले भाजपा की ओर से तोलाराम सैनी के समर्थन में बैठक आयोजित की गई थी. इसमें उनका नाम सर्वसम्मति से आगे किया गया था. अब अचानक किसी बाहरी उम्मीदवार के नाम की चर्चा सामने आने से वार्ड के राजनीतिक समीकरणों को लेकर लोगों में नाराजगी दिखाई दी.
बाहरी प्रत्याशी को लेकर साफ विरोध
बैठक में मौजूद वार्डवासियों ने साफ कहा कि यदि पार्टी किसी बाहरी व्यक्ति को टिकट देती है तो उसका विरोध किया जाएगा. स्थानीय लोगों के अनुसार वार्ड में ओबीसी महिला उम्मीदवार के तौर पर तोलाराम सैनी की पुत्रवधू के नाम पर सहमति बनी हुई है. लोगों का कहना है कि वे किसी दूसरे वार्ड के व्यक्ति को प्रत्याशी के रूप में स्वीकार नहीं करेंगे.
राजेंद्र राठौड़ से वीडियो कॉल पर हुई बात
टिकट को लेकर चल रहे विवाद के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ से भी संपर्क किया गया. वर्तमान पार्षद त्रिलोक रेगर ने वीडियो कॉल के माध्यम से उन्हें वार्डवासियों की भावनाओं और टिकट को लेकर सामने आए विवाद की जानकारी दी. इस दौरान राजेंद्र राठौड़ ने वार्ड के लोगों की बात सुनी और आश्वासन दिया कि उनके साथ गलत नहीं होने दिया जाएगा.
टिकट नहीं मिला तो निर्दलीय उतारने की तैयारी
वार्डवासियों ने बैठक के दौरान यह भी साफ कर दिया कि यदि भाजपा उनकी पसंद के उम्मीदवार को टिकट नहीं देती है तो तोलाराम सैनी की पुत्रवधू को निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में उतारा जाएगा. इससे भाजपा के सामने टिकट वितरण के साथ संभावित बगावत को रोकने की चुनौती भी दिखाई दे रही है.
वार्ड 23 को लेकर भी चर्चा
इसी बीच वार्ड संख्या 23 को लेकर भी बैठक और चर्चा होने की जानकारी सामने आई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि भाजपा नगर पालिका में बोर्ड बनाना चाहती है तो टिकट वितरण के दौरान कार्यकर्ताओं और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखना जरूरी होगा. उनका मानना है कि कार्यकर्ताओं की अनदेखी का असर चुनाव परिणाम पर पड़ सकता है.
आधिकारिक सूची का इंतजार
फिलहाल कांग्रेस और भाजपा दोनों की ओर से नगर पालिका चुनाव के लिए आधिकारिक वार्डवार प्रत्याशी सूची जारी नहीं की गई है. ऐसे में टिकट को लेकर चल रही चर्चाओं और बैठकों के कारण तारानगर का राजनीतिक माहौल गर्म बना हुआ है. अब सभी की नजरें भाजपा की अंतिम टिकट घोषणा पर टिकी हैं. इसके बाद ही पता चलेगा कि वार्ड 21 समेत अन्य वार्डों में पार्टी के फैसले का स्थानीय स्तर पर क्या असर पड़ता है और संभावित बगावत को पार्टी किस तरह संभालती है.