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Churu News: सरदारशहर के राजकीय अस्पताल में रक्षाबंधन का पर्व कुछ महिला चिकित्सकों और अस्पताल कर्मियों के लिए एक अलग ही मायने लेकर आया. जब शुक्रवार को देशभर में बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके सुख, समृद्धि और लंबी उम्र की कामना कर रही थीं, तब राजकीय अस्पताल की महिला डॉक्टर और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी निभाने में जुटी थीं. इनके लिए अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की सेवा ही त्योहार की सबसे बड़ी खुशी बन गई.
भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है रक्षाबंधन
रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और आपसी रिश्ते का खास पर्व है. इस दिन बहनें भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं और उनके स्वस्थ एवं सुखी जीवन की कामना करती हैं. इसके बदले भाई भी बहनों की रक्षा का संकल्प लेते हैं. लेकिन इस पर्व पर सरदारशहर के राजकीय अस्पताल में कुछ बहनों ने अपनी पेशेवर जिम्मेदारी को प्राथमिकता देकर सेवा का एक अलग उदाहरण पेश किया.
महिला डॉक्टरों ने निभाया अपना कर्तव्य
राजकीय अस्पताल में कार्यरत स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. स्वाती गेट और डॉ. प्रिया शेखावत रक्षाबंधन के दिन भी अस्पताल पहुंचीं और मरीजों को चिकित्सकीय सेवाएं दीं. दोनों चिकित्सकों का कहना है कि रक्षाबंधन उनके लिए भी महत्वपूर्ण पर्व है, लेकिन डॉक्टर के रूप में उनका कर्तव्य सबसे पहले आता है.
महिला डॉक्टरों ने बताया कि डॉक्टर बनने के दौरान उन्हें मरीजों की सेवा और अपने कर्तव्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की शपथ दिलाई जाती है. ऐसे में जब कोई मरीज परेशानी लेकर अस्पताल पहुंचता है और उपचार के बाद स्वस्थ होकर खुशी-खुशी घर लौटता है, तो उसके चेहरे की खुशी उन्हें सबसे ज्यादा संतोष देती है.
मरीजों की मुस्कान ही त्योहार की खुशी
डॉ. स्वाती गेट और डॉ. प्रिया शेखावत ने कहा कि रक्षाबंधन के दिन मरीजों की सेवा करने का अवसर मिलना उनके लिए गर्व की बात है. उनके अनुसार मरीज के चेहरे पर इलाज के बाद दिखाई देने वाली मुस्कान से जो संतुष्टि मिलती है, वही उनके लिए त्योहार की असली खुशी है.
पर्ची काउंटर पर भी निभाई जिम्मेदारी
अस्पताल के पर्ची काउंटर पर सेवाएं दे रहीं स्टाफ अनीशा किलानिया ने भी रक्षाबंधन के दिन अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा से निभाई. उन्होंने कहा कि त्योहार का अपना महत्व है, लेकिन अस्पताल आने वाले मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो, यह भी उनकी जिम्मेदारी है. इसी सोच के साथ उन्होंने पर्व के दिन भी अपनी सेवाएं जारी रखीं.
सेवा से दिया खास संदेश
रक्षाबंधन पर जहां बहनें भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर रिश्ते की मजबूती का संदेश दे रही हैं, वहीं सरदारशहर अस्पताल की ये महिला चिकित्सक और कर्मचारी अपनी ड्यूटी के माध्यम से मरीजों के स्वास्थ्य और जीवन की रक्षा का संकल्प निभाती नजर आईं. उनकी सेवा भावना यह बताती है कि त्योहार की खुशी केवल परिवार के साथ समय बिताने में नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की मदद और उनके चेहरे पर मुस्कान लाने में भी छिपी होती है.
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