कच्चे तेल का वो 'काला अवशेष' जिसने बिगाड़ दिया राजस्थान का बजट! जानिए क्या है बिटूमिन और क्यों सरकार को ठेकेदारों के लिए खोलना पड़ा खजाना?
Rajasthan Bitumen: राजस्थान सरकार ने बिटूमिन यानी डामर की बढ़ी कीमतों से प्रभावित सड़क परियोजनाओं को राहत देने का फैसला किया है. उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी के अनुसार केंद्र सरकार की तर्ज पर संवेदकों को बिटूमिन की बढ़ी कीमत का पुनर्भरण किया जाएगा. 28 फरवरी को ₹46,400 प्रति मीट्रिक टन से बढ़कर मई में कीमत ₹80,150 तक पहुंच गई थी. अब सरकार के फैसले से धीमे पड़े सड़क निर्माण कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है.
Bitumen Price Hike: राजस्थान में सड़क निर्माण परियोजनाओं पर बढ़ती लागत का असर देखने को मिला है. बिटूमिन यानी डामर की कीमतों में अचानक हुई बढ़ोतरी के कारण कई सड़क प्रोजेक्ट्स की रफ्तार प्रभावित हुई. अब राज्य सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए बड़ा फैसला लिया है. सरकार सड़क निर्माण में काम कर रहे संवेदकों यानी ठेकेदारों को बिटूमिन की बढ़ी हुई कीमत का पुनर्भरण करेगी. उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने बताया कि केंद्र सरकार की तर्ज पर राजस्थान में भी संवेदकों को बढ़ी कीमत का लाभ दिया जाएगा.
₹46 हजार से बढ़कर ₹80 हजार तक पहुंचा भाव
बिटूमिन की कीमतों में इस साल बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला. 28 फरवरी को बिटूमिन की कीमत करीब ₹46,400 प्रति मीट्रिक टन थी. इसके बाद कीमतों में तेजी आई और मई में यह बढ़कर करीब ₹80,150 प्रति मीट्रिक टन तक पहुंच गई. वर्तमान में भी बिटूमिन की कीमत करीब ₹76 हजार प्रति मीट्रिक टन बताई जा रही है.
बताया जा रहा है कि ईरान-अमेरिका युद्ध के बाद कच्चे तेल से जुड़े उत्पादों की कीमतों में आए उछाल का असर बिटूमिन पर भी पड़ा. सड़क निर्माण में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने वाले इस पदार्थ की कीमत बढ़ने से ठेकेदारों की लागत बढ़ गई.
क्या है बिटूमिन?
बिटूमिन एक काला, चिपचिपा और गाढ़ा पदार्थ है, जो मुख्य रूप से कच्चे तेल के शोधन के दौरान प्राप्त होता है. इसे आम बोलचाल में डामर भी कहा जाता है. सड़क निर्माण में बिटूमिन का इस्तेमाल पत्थरों और अन्य सामग्री को बांधने के लिए किया जाता है. इसकी मदद से सड़क की ऊपरी परत तैयार की जाती है.
यानी जिस सड़क पर हम रोजाना चलते हैं, उसके निर्माण में बिटूमिन की अहम भूमिका होती है. यही वजह है कि इसकी कीमत बढ़ने का सीधा असर सड़क निर्माण की कुल लागत पर पड़ता है.
BPCL, IOCL या HPCL से खरीदना होगा बिटूमिन
राज्य सरकार के फैसले के तहत पुनर्भरण का लाभ लेने के लिए संवेदकों को बिटूमिन BPCL, IOCL या HPCL से खरीदना होगा. इससे खरीद की कीमत का आधार तय करने और बढ़ी हुई लागत के पुनर्भरण की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी.
अटके कामों को मिलेगी रफ्तार
बिटूमिन महंगा होने से ठेकेदारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा था. ऐसे में कुछ सड़क परियोजनाओं की गति प्रभावित होने की स्थिति बनी. अब सरकार की ओर से बढ़ी कीमत का पुनर्भरण मिलने से ठेकेदारों को राहत मिलेगी. सरकार को उम्मीद है कि इससे धीमे पड़े और प्रभावित सड़क निर्माण कार्यों को फिर से गति मिलेगी और परियोजनाएं तय समय पर पूरी करने में मदद मिलेगी.