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कनाडा में बिश्नोई युवक पर हमला: सरनेम बना निशाना? महासभा ने उच्चायोग को लिखा पत्र

कनाडा में अंकुश बिश्नोई के साथ कथित मारपीट और सरनेम को लेकर अपमानजनक टिप्पणी का मामला सामने आया है. अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा ने कनाडा सरकार से निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और बिश्नोई समुदाय को कथित आपराधिक गिरोह से अलग पहचान देने की मांग की है.

Written By SAGAR CHAUDHARY
Published: Oct 19, 2026, 07:42 PM IST | Updated: Oct 19, 2026, 08:00 PM IST
Image Credit: Canada Bishnoi Surname Fight (AI IMAGE)
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कनाडा में बिश्नोई समुदाय के एक युवक के साथ कथित मारपीट और समुदाय के नाम को लेकर अपमानजनक टिप्पणी करने का मामला सामने आया है. इस मामले में अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा ने कनाडा सरकार और नई दिल्ली स्थित कनाडा उच्चायोग से हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

महासभा के प्रधान ने कनाडा उच्चायोग को लिखा पत्र
महासभा के प्रधान की ओर से कनाडा उच्चायोग को लिखे पत्र में आरोप लगाया गया है कि ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के बेकवुड शहर में रहने वाले तथा उबर चलाने वाले श्री अंकुश बिश्नोई को उनके उपनाम के कारण निशाना बनाया गया. पत्र के अनुसार, उनकी गाड़ी की पर्सनलाइज्ड नंबर प्लेट पर ‘Bishnoi’ लिखा होने को लेकर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई और कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की. इस घटना में युवक के चेहरे पर चोट लगने और खून निकलने का भी उल्लेख किया गया है. महासभा ने दावा किया है कि घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग भी मौजूद है.

बिश्नोई समुदाय को आपराधिक गिरोह से जोड़ने पर जताई आपत्ति
महासभा ने पत्र में स्पष्ट किया है कि बिश्नोई समुदाय एक शांतिप्रिय, प्रकृति-प्रेमी और पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित समुदाय है. इसकी परंपराएं गुरु जांभोजी की शिक्षाओं और 29 नियमों पर आधारित हैं. पत्र में राजस्थान के खेजड़ली में 1730 में अमृता देवी सहित 363 बिश्नोई महिला-पुरुषों के बलिदान का उल्लेख करते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति समुदाय की ऐतिहासिक प्रतिबद्धता बताई गई है.

महासभा ने आरोप लगाया कि कुछ लोग समुदाय के नाम को एक कथित आपराधिक गिरोह से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि किसी व्यक्ति के उपनाम के आधार पर उसे किसी आपराधिक गतिविधि से जोड़ना उचित नहीं है. पत्र में कहा गया है कि किसी व्यक्ति के नाम या पहचान के आधार पर पूरे समुदाय के प्रति नकारात्मक धारणा नहीं बनाई जानी चाहिए.

कनाडा सरकार से तीन प्रमुख मांगें
महासभा ने कनाडा सरकार से मांग की है कि अंकुश बिश्नोई के साथ हुई कथित घटना की गहन और निष्पक्ष जांच कराई जाए. साथ ही, संबंधित अधिकारियों से सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करने का आग्रह किया गया है कि बिश्नोई समुदाय और किसी कथित आपराधिक गिरोह को एक समान नहीं माना जाना चाहिए.

पत्र में यह भी मांग की गई है कि मीडिया को मामले की रिपोर्टिंग करते समय तथ्यों और संबंधित व्यक्तियों के बीच अंतर स्पष्ट रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाए, ताकि किसी समुदाय की छवि को नुकसान न पहुंचे.

महासभा ने चेतावनी दी है कि यदि इस प्रकार की घटनाओं को नजरअंदाज किया गया तो इससे समुदाय के लोगों में असुरक्षा और आक्रोश बढ़ सकता है. फिलहाल, पत्र में लगाए गए आरोपों और घटना के संबंध में कनाडा के संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है.

Reporter - Rakesh Kumar Bhardwaj

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About the Author

सागर चौधरी, अप्रैल 2024 से वे ज़ी न्यूज़ संस्थान का हिस्सा हैं और अपनी मेहनत व काम करने की क्षमता से लगातार टीम में योगदान दे रहे हैं.सागर चौधरी का संबंध हरियाणा के फरीदाबाद से है, जहां उन्होंने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री हासिल की और मीडिया क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की.
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