बीसलपुर के पानी पर बड़ा खुलासा: 3 में से 2 सैंपल में एल्युमिनियम ज्यादा, 4 जिलों के लोगों की सेहत पर बढ़ी चिंता
Rajasthan News: बीसलपुर बांध के पानी को लेकर NEERI की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. जांच में 3 में से 2 सैंपल में एल्युमिनियम की मात्रा तय सीमा से ज्यादा मिली. डॉक्टरों ने ज्यादा एल्युमिनियम वाले पानी से सेहत पर संभावित खतरे बताए हैं.
Bisalpur Dam Water Sample Test: बीसलपुर के पानी को लेकर एक रिपोर्ट में चौकाने वाली खुलासा हुआ है. एक रिपोर्ट में सामने आया है कि बीसलपुर के पानी में एल्युमिनियम की मात्रा तय सीमा से ज्यादा है. दूसरी तरफ डाक्टर्स का कहना है कि यदि पानी में एल्युमिनियम की मात्रा ज्यादा है तो ये सेहत के लिए खतरा पैदा कर सकता है. बीसलपुर के पीने के पानी को लेकर क्या चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई.
तय मानकों से ज्यादा एल्युमिनियम
केंद्र सरकार के वैज्ञानिक-औद्योगिक अनुसंधान परिषद के अंतर्गत आने वाली NEERI की रिपोर्ट में चौकाने वाला खुलासा हुआ है. National Environmental Engineering Research Institute की रिपोर्ट में बीसलपुर के पानी में एल्यूमिनियम की मात्रा तय सीमा से ज्यादा बताई है. नीरी ने बीसलपुर बांध के पानी से 3 सैंपल लिए, जिसमें से 2 में एल्युमिनियम की मात्रा तय मानकों से ज्यादा है. पानी में एल्यूमिनियम की अधिकतम मात्रा 0.2 मिलीग्राम प्रति लीटर से अधिक (Mg) होनी चाहिए. दूसरी तरफ पानी में एल्गी की मौजूदगी को लेकर भी नीरी ने चिंता जताई है. बीसलपुर जयपुर समेत 4 जिलों की प्यास बुझाता है. जलदाय विभाग ने पानी के बदलते रंग को लेकर नीरी जांच करवाई थी, जिसमें ये चौकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है. जिसके बाद अब पानी की गुणवत्ता को लेकर कई सवाल उठ रहे है. एडिशनल चीफ इंजीनियर अजय सिंह राठौड़ का कहना है कि टीम ने कई जगह से सैंपल लिए है, लेकिन ये पानी आगे जाकर मिक्स हो जाता है.जहां एल्यूमीनियम की मात्रा ठीक हो जाती है.
एल्युमिनियम के ये 3 सैंपल
सैंपल ...... Mg .......मात्रा
सैंपल 1..... 0.111Mg ......तय सीमा
सैंपल 2..... 0.234Mg ......तय सीमा से ज्यादा
सैंपल 3..... 0.247Mg.......तय सीमा से ज्यादा
एल्यूमिनियम ज्यादा होने के दुष्प्रभाव
पानी में एल्युमिनियम की मात्रा ज्यादा होने से हमारी सेहत पर बुरा असर पडता है. वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ यशवंत कुमार वर्मा का कहना है कि पानी में कई ऐसे पोषक तत्व होते है जो हमारे शरीर के लिए फायदेमंद भी होते है और नुकसानदायक भी. पानी में एल्युमिनियम की मात्रा ज्यादा होने से लंबे समय तक ऐसा पानी पीने से याददाश्त कमजोर होना, अल्जाइमर रोग का जोखिम काफी बढ़ जाता है. किडनी पर बुरा प्रभाव पडता है. हड्डियों की कमजोरी, पाचन तंत्र में गड़बड़ी होती है.
कब-कब हुई पीले पानी की सप्लाई
पहली बार बीसलपुर बांध के पीले पानी की सप्लाई 2017 में हुई. जब सरकार और इंजीनियर्स को हैरानी हुई कि पूरे शहर में पानी की सप्लाई पीली कैसे हो गई. इसके बाद 2022 में फिर से पीले पानी की सप्लाई हुई तो हचलच तेज हुई. तब भी विभाग ने केमिस्ट से स्टडी तो करवाई, लेकिन लगाम नहीं लग पाई. इसके 4 वर्ष बाद इसी साल 2026 में फिर पीले पानी की सप्लाई हुई तो जयपुर के साथ साथ इंजीनियर्स की बेचैनी बढ़ गई. पीएचईडी के केमिस्ट की हर बार की स्टडी में यही पाया कि मौसम की उथल पुथल के कारण ऐसा हुआ. सैंपल लिए गए, जिसमें पानी शुद्ध पाया गया.
नीरी ने दी गुणवत्ता सुधारने की सलाह
बीसलपुर के पानी को लेकर NEERI ने कई अहम सुझाव दिए है. PAC की डोज जार टेस्ट के आधार पर तय करने की सिफारिश की. पानी में एल्युमिनियम की मात्रा नियंत्रित करने पर जोर, प्री-क्लोरीनेशन प्रक्रिया को बेहतर बनाने का सुझाव दिया. फिल्टर और क्लेरिफायर का नियमित रखरखाव, फिल्टर की समय पर बैकवॉशिंग करने की सलाह दी. जलाशय में एल्गी की निगरानी और प्रदूषण को नियंत्रित करने की सिफारिश की है. pH, गंदलेपन और क्लोरीन की रियल-टाइम निगरानी होनी चाहिए. एसीई अजय सिंह राठौड़ ने दावा किया है कि ये सभी काम पीएचईडी कर रहा है. यदि अचानक से पानी पीला आ आए तो इससे पहले क्या उपाय किए जा सकते है, इस पर विभाग ने नीरी को पत्र लिखा है.
बीसलपुर प्रोजेक्ट के पानी का लेखा-जोखा
बीसलपुर का पानी जयपुर, अजमेर, टोंक और सवाई माधोपुर में सप्लाई होता है. बीसलपुर 14 कस्बे और 3310 गांवों की प्यास बुझा रहा है. जिसमें TM 1 सांभर में 61.34MLD, TM 2 चाकसू में 57.61 MLD, जयपुर में 535 MLD, बगरू 1.1 MLD, टोंक-उनियारा में 63.65 MLD, अजमेर में 333 MLD पानी की सप्लाई होती है. लेकिन नीरी ने पानी की गुणवत्ता को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.