बीकानेर में पंचायत चुनाव का काउंटडाउन शुरू! आरक्षण के बाद बदल गई चुनावी तस्वीर
बीकानेर में निकाय चुनाव के बाद अब पंचायत चुनाव की सियासी तैयारियां तेज हो गई हैं. जिला परिषद की 41 सीटों, 15 पंचायत समितियों के प्रधान पद और 237 पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए आरक्षण तय हो गया है. आरक्षण की लॉटरी से कई पुराने दावेदारों के समीकरण बदले हैं, जबकि नए चेहरों के लिए भी रास्ता खुला है. बीजेपी और कांग्रेस ने पंचायत चुनाव में मजबूत प्रदर्शन का दावा किया है. अब 24 सितंबर को सरपंच और वार्ड पंच पदों की आरक्षण लॉटरी के बाद तस्वीर और साफ होगी.
Bikaner Panchayati Raj Election: निकाय चुनाव के नतीजों के बाद अब बीकानेर में पंचायत चुनाव को लेकर सियासी बिसात बिछने लगी है. कलेक्ट्रेट में हुई आरक्षण की लॉटरी ने कई सीटों पर दावेदारों के समीकरण बदल दिए हैं.
जिला परिषद की 41 सीटों, 15 पंचायत समितियों के प्रधान पदों और 237 पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए आरक्षण तय किया गया है. लॉटरी के दौरान बीजेपी और कांग्रेस-दोनों ही दलों के बड़े चेहरे मौजूद रहे और पंचायत चुनाव को लेकर अपनी-अपनी तैयारियों के संकेत भी दिए.
जिला परिषद की 41 सीटों का आरक्षण तय
बीकानेर जिला परिषद की 41 सीटों में 10 सीटें एससी, 9 ओबीसी और 11 सीटें सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित हुई हैं. वहीं, 11 सीटें सामान्य वर्ग के लिए रखी गई हैं. 15 पंचायत समितियों के प्रधान पदों में 4 एससी, 3 ओबीसी और 8 सामान्य वर्ग के लिए आरक्षण तय हुआ है. इसके साथ ही बीकानेर, नोखा, श्रीडूंगरगढ़, लूणकरणसर, कोलायत, बज्जू, खाजूवाला, पांचू, पूगल, जसरासर, रुणिया, रीड़ी, छतरगढ़, हदां और बीठनोक पंचायत समितियों में सदस्य पदों का वार्डवार आरक्षण भी तय कर दिया गया है.
आरक्षण के बाद बदले दावेदारों के समीकरण
आरक्षण की लॉटरी निकलते ही पंचायत चुनाव की सियासी हलचल तेज हो गई है. इन सीटों पर पुराने दावेदार लंबे समय से तैयारी कर रहे थे, उनमें से कई के समीकरण आरक्षण के बाद बदल गए हैं. वहीं, आरक्षण की बदली तस्वीर से नए चेहरों के लिए भी चुनावी मैदान में उतरने का रास्ता खुला है. अब नजर 24 सितंबर पर है, जब संबंधित क्षेत्रों में सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी होगी. इसके बाद पंचायत चुनाव की जमीनी तस्वीर और ज्यादा स्पष्ट होगी.
BJP ने पंचायत चुनाव को लेकर शुरू की तैयारी
लॉटरी के दौरान बीजेपी की ओर से विधायक ताराचंद सारस्वत और अंशुमान सिंह भाटी के साथ बीजेपी जिलाध्यक्ष श्याम पंचारिया समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे. दोनों विधायकों ने निकाय चुनाव में बीजेपी के प्रदर्शन के बाद पंचायत चुनाव में भी बेहतर परिणाम के लिए कवायद शुरू करने की बात कही. ताराचंद सारस्वत और अंशुमान सिंह भाटी का कहना है कि निकाय चुनाव में पार्टी को मिले परिणामों के आधार पर अब पंचायत चुनाव में भी मजबूत तैयारी के साथ आगे बढ़ा जाएगा यानी बीजेपी ने साफ संकेत दे दिए हैं कि अब अगला सियासी फोकस पंचायत चुनाव है.
कांग्रेस ने भी किया प्रभाव दिखाने का दावा
वहीं, कांग्रेस ने भी पंचायत चुनाव को लेकर अपने दावे सामने रख दिए हैं. कांग्रेस देहात जिलाध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने कहा कि जिस तरह बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस ने मेयर पद पर जीत दर्ज की है. उसी तरह पंचायत चुनाव में भी कांग्रेस अपना प्रभाव दिखाएगी यानी निकाय चुनाव के बाद अब पंचायत चुनाव को लेकर बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने हैं. एक तरफ बीजेपी निकाय चुनाव के परिणामों को पंचायत चुनाव की तैयारी का आधार मानकर आगे बढ़ने की बात कर रही है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस बीकानेर नगर निगम में मेयर चुनाव की जीत को पंचायत चुनाव के लिए अपने पक्ष में माहौल के तौर पर देख रही है.
24 सितंबर को सरपंच-वार्ड पंच आरक्षण पर नजर
कलेक्ट्रेट सभागार में हुई आरक्षण की लॉटरी के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी निशांत जैन और एडीएम प्रशासन उम्मेद सिंह रतनू समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे. फिलहाल जिला परिषद और पंचायत समिति स्तर के आरक्षण की तस्वीर सामने आ चुकी है लेकिन पंचायत चुनाव की पूरी तस्वीर 24 सितंबर के बाद ही साफ होगी. कौन सा वार्ड, किस वर्ग के लिए आरक्षित होगा, किन पुराने दावेदारों की दावेदारी प्रभावित होगी और किन नए चेहरों को मौका मिलेगा. इन सभी सवालों के जवाब सरपंच और वार्ड पंच की आरक्षण लॉटरी के बाद सामने आएंगे.
Report-Raunak Vyas