भीलवाड़ा में युवक की मौत पर बवाल: 1 लाख का कर्ज 16 लाख कैसे हुआ? परिजनों ने सूदखोरों पर लगाए गंभीर आरोप
भीलवाड़ा के सुभाष नगर थाना क्षेत्र में युवक दुर्गेश सिंह की मौत के बाद सूदखोरी और कथित धमकियों का मामला सामने आया है. परिजनों का आरोप है कि युवक ने 1 से 2 लाख रुपये उधार लिए थे, लेकिन भारी ब्याज जोड़कर रकम 16 से 17 लाख रुपये तक पहुंचा दी गई. परिजनों ने कुछ लोगों पर लगातार दबाव बनाने, धमकियां देने और जबरन स्टाम्प पर हस्ताक्षर करवाने के आरोप लगाए हैं.
Bhilwara News: राजस्थान के भीलवाड़ा में ब्याजखोरों के आतंक से परेशान होकर आत्महत्या करने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. ऐसा ही एक मामला सुभाष नगर थाना क्षेत्र में सामने आया है, जहां भारी ब्याज से परेशान होकर एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.
युवक की मौत से आक्रोशित परिजनों ने आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर मोर्चरी में जमकर प्रदर्शन किया. महिलाओं ने मानव संखर्ला बनाकर रोष व्यक्त किया. वहीं, पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है.
कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, 10 सूदखोरों के खिलाफ ज्ञापन
जिला कलेक्ट्री मुख्यालय के ऊपर भी परिजनों ने जमकर प्रदर्शन किया और जिला पुलिस अधीक्षक के नाम 10 नाम जड़ सूदखोरों के खिलाफ ज्ञापन सौंपकर रोष व्यक्त किया. वहीं, मामला दर्ज होने और कार्रवाई की सहमति पर परिजनों ने प्रदर्शन खत्म किया. भीलवाड़ा के सुभाष नगर थाना क्षेत्र में रहने वाले दुर्गेश सिंह ने ब्याजखोरों से 1 लाख रुपये उधार लिया था, जिस पर ब्याजखोरों ने भारी-भरकम ब्याज लगाते हुए उसे 16 लाख रुपये बना दिए.
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1 लाख रुपये का कर्ज 16 लाख तक पहुंचने का आरोप
ब्याजखोर इन रुपयों को लेकर आए दिन दुर्गेश पर दबाव बनाते थे, जिसके कारण परेशान होकर दुर्गेश ने फांसी लगा ली. परिजन उसे महात्मा गांधी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसे चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया. इसके बाद परिजनों और रावणा राजपूत समाज में आक्रोश फैल गया.
धमकाने और जबरन स्टाम्प पर हस्ताक्षर कराने का आरोप
मृतक के भाई कमलेश सिंह ने कहा कि मेरे भाई दुर्गेश को योगेश माली और विकास उपाध्याय आए दिन परेशान करते थे. यह जबरदस्ती स्टाम्प पर हस्ताक्षर करवा और चक्रवृद्धि ब्याज के नाम पर अधिक पैसे वसूलते है. मेरे भाई ने भी इनकी लगातार धमकियों और प्रताड़ना से परेशान होकर आज आत्महत्या कर ली. मेरे भाई के कुछ दिन पहले ही बच्चा हुआ था. डिलीवरी के समय भी इन लोगों ने हमें परेशान किया. यहां तक कि मुझे अपनी पत्नी के कान के टॉप्स तक निकलवाकर इन्हें देने पड़े. फिर भी ये लोग आए दिन हमें धमकियां देते थे और जबरदस्ती स्टाम्प पर हस्ताक्षर करवाते थे. मेरे भाई ने इनसे एक-दो लाख रुपये उधार लिए थे लेकिन चक्रवृद्धि ब्याज जोड़कर उन्होंने यह रकम 16 से 17 लाख रुपये तक बना दिए.
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3 प्रतिशत ब्याज दर्ज, 10 से 12 प्रतिशत वसूली का दावा
यह दस्तावेजों में तो तीन प्रतिशत ब्याज दर्शाते हैं लेकिन वास्तव में 10 से 12 प्रतिशत तक ब्याज वसूलते है. हमारी प्रशासन से मांग है कि मेरे भाई को न्याय मिले और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई हो. हम नहीं चाहते कि भविष्य में किसी दूसरे परिवार का बेटा या भाई इस तरह अपनी जान गंवाए. ब्याजखोरी और जबरन वसूली के कारण किसी दूसरे परिवार को ऐसा दुख नहीं झेलना पड़े. प्रशासन इस मामले में सख्त कार्रवाई करें, ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके.
सूदखोरी के खिलाफ कार्रवाई की मांग
शहर में सूदखोरी के काले कारोबार और कथित धमकियों ने एक और हंसता-खेलता परिवार उजाड़ दिया है. शिवाजी मार्ग पथिकनगर निवासी युवक दुर्गेश कुमार दरोगा ने सूदखोरों की लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक प्रताडना से परेशान होकर बुधवार रात अपने घर पर ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. इस दर्दनाक घटना के बाद गुरुवार को शहर में भारी आक्रोश फैल गया. पीड़ित परिवार और समाज के बड़ी संख्या में लोग जिला अस्पताल की मोर्चरी के बाहर एकत्र हुए और इसके बाद कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और जिला पुलिस अधीक्षक सागर राणा को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की.
Report-Ramawatar Isran